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पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 15 हजार का इनामी बदमाश सुंदर यादव

Tue, 19 Sep 2017 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा Updated Tue, 19 Sep 2017 12:20 AM IST
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15 thousand prized crooks killed in police encounter Sunder Yadav
मारा गया बदमाश सुंदर यादव - फोटो : amarujala

भरथना (इटावा)। थाना क्षेत्र के तुरैया पुल पर सोमवार तड़के हुई पुलिस मुठभेड़ में 15 हजार का इनामी बदमाश सुंदर यादव ढेर हो गया। हालांकि उसके अन्य साथी भाग निकले। मुठभेड़ में एसओ बकेवर के अलावा क्राइम ब्रांच के दो सिपाही भी जख्मी हुए हैं। एसएसपी वैभव कृष्ण व एएसपी जितेंद्र श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। घायल दरोगा व सिपाहियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मारा गया बदमाश सपा नेता राजवीर सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी थी। सपा नेता की हत्या मई 2016 में की गई थी।

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सोमवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे चौबिया पुलिस को नगला कढ़ोरी गांव में बदमाशों द्वारा फायरिंग की सूचना मिली। इस पर एसओ चौबिया इंद्रपाल सिंह सरोज व सीओ सैफई अंजनी कुमार चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। जानकारी मिली कि बदमाश गांव में एक घर में फायरिंग करके भाग निकले। इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी गई। सभी थानों को अलर्ट किया गया। एसओ भरथना जेपी पाल, एसओ बकेवर आलोक राय, एसओ बसरेहर रमाकांत दुबे एवं सीओ भरथना विकास जायसवाल, के साथ एसओ चौबिया व सीओ सैफई ने बदमाशों का पीछा करना शुरू किया।
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बदमाशों के होने की सूचना पर एसएसपी ने क्राइम ब्रांच की टीम को भी भेज दिया।  बताया गया कि करीब साढ़े चार बजे तुरैया पुल पार करते दो बदमाश एक काले रंग की बाइक पर दिखे। एसओ भरथना, एसओ बकेवर व क्राइम ब्रांच की टीम ने बदमाशों को चारों ओर से घेर लिया। अपने को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। बदमाशों की फायरिंग में एक गोली एसओ बकेवर के कान से सटकर निकली। वह बाल-बाल बच गए। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसमें एक बदमाश को गोली लगने से वह गिर पड़ा। जबकि दूसरा अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
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इस मुठभेड़ में एसओ आलोक राय के अलावा क्राइम ब्रांच के एसआई रविंद्र यादव व उदयवीर सिंह भी घायल हुए। पुलिस ने घायल बदमाश को देखा तो वह चौबिया थाना क्षेत्र के भूटा रम्पुरा गांव निवासी सुंदर यादव उर्फ आदेश  निकला। उसी दौरान एसएसपी वैभव कृष्ण व एएसपी जितेंद्र श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। उन्होंने बदमाश सुंदर उर्फ आदेश को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा। जहां उसकी हालत नाजुक होने पर डाक्टर ने  मिनी पीजीआई सैफई रेफर किया गया। जहां पर उपचार दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं घायल दरोगा व सिपाहियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
 
डेढ़ दर्जन लूट, डकैती, हत्या के मामले थे
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि मारा गया बदमाश सुंदर यादव 15 हजार का इनामी था। इस पर डेढ़ दर्जन लूट, डकैती, हत्या, अपहरण आदि आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2016 में सुंदर न्यायालय में पेशी पर जाते समय पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ था। उस समय भी इसने पुलिस पर फायरिंग की थी। सुंदर सुपारी लेकर हत्या एवं लूट करने वाला शातिर अपराधी था। यह सपा नेता राजवीर सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी भी था। पुलिस ने मौके से एक 32 एमएम की पिस्टल, एक 315 बोर का तमंचा तथा एक बिना नंबर की काले रंग की बाइक बरामद की। भागे बदमाश की शिनाख्त कराने का प्रयास किया जा रहा है।
नगला कढोरी में फायरिंग करना सुंदर को पड़ा मंहगा
इटावा। चौबिया थाना क्षेत्र के नगला कढोरी गांव में फायरिंग करना सुंदर को मंहगा पड़ गया। फायरिंग की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसका पीछा किया। कंट्रोल रूम की सूचना पर भरथना, बकेवर थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच की टीम ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। पुलिस से अपने को घिरा देख उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की तो गोली लगने से  सुंदर  घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल बाद में पीजीआई भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई।
कुख्यात अपराधी सुंदर उर्फ आदेश पुत्र रन सिंह उर्फ लाल सिंह चौबिया थाना क्षेत्र के गांव भूटा का रहने वाला है। उसने 27 मई 2016 को सपा नेता राजवीर सिंह  निवासी नगला कढोरी थाना चौबिया कां सरेशाम उस समय गोलियों से भून दिया था  जब वह भागवत सुनकर घर लौट रहे थे। इस मामले में पुलिस ने उसे 15 जून को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था लेकिन करीब तीन महीने जेल में रहने के बाद वह सिपाहियों की आंख में मिर्जी पाउडर डालकर उस समय फरार हो गया था जब पुलिस कर्मी उसे पेशी से हवालात ले जा रहे थे। कचहरी से भागने के बाद वह फरार चल रहा था। चूंकि सपा नेता राजवीर सिंह यादव के परिवार से उसकी रंजिश चल रही थी। राजवीन के परिवार के लोग पकड़वाने के लिए लगे थे। इसी रंजिश में वह रविवार रात को अपने अन्य साथियों के साथ बाइकों से नगला कढोरी पहुंचा और उसने राजवीर सिंह के भाई जयवीर सिंह यादव के घर के बाहर दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग कर दी। जवाब में जयवीर व उसके परिजनों ने भी फायरिंग की। साथ ही पुलिस को इसकी सूचना दी। फायरिंग की सूचना पर सीओ सैफई अंजनी कुमार चतुर्वेदी के अलावा एसओ चौबिया इंद्रपाल सरोज मय फोर्स के मौके पर पहुंचे । पुलिस के आने की भनक लगने पर सुंदर व उसके साथी भाग निकले। पुलिस ने उसका पीछा  किया। साथ ही पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दे दी। पीछा करने वाली टीम ने बताया कि इस समय सुंदर भरथना की ओर भाग रहा है। इस सूचना पर भरथना एसओ जेपी पाल, बकेवर एसओ आलोक राय के अलावा स्वाट टीम ने सुंदर की तुरैया के पास घेराबंदी कर ली। अपने को पुलिस से घिरा देख सुंदर ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने उसे आत्म समर्पण करने के लिए कहा तो उसने फायरिंग और तेज कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। सुंदर घायल हो गया। इसके अलावा एसओ बकेवर आलोक राय के अलावा स्वाट टीम के सिपाही रविंद्र सिंह व उदयवीर सिंह भी घायल हो गए। लोगों का कहना है कि यदि वह अपनीे दबंगई दिखाकर नगला कढोरी में फायरिंग नहीं करता तो उसकी पुलिस से मुठभेड़ नहीं हो पाती।

गोलियों की तड़तड़ाहट से सहमे ग्रामीण
भोर के समय गोलियों की ताबड़तोड़ आवाजों से आसपास के गांव के लोग सहम गए। बाद में गोली चलने की आवाज बंद होते ही ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। सोेमवार तड़के करीब 4 से 5 बजे के बीच में जबरपुरा गांव के अंदर से होकर जाने वाला रास्ता तो अन्हैया नदी पुल, नगला ताल और मंदिर पावर हाउस के लिए जाता है। उसी मंदिर तिराहे पर बनी पुलिया के पास अचानक ताबड़तोड़ गोलियों के चलने की आवाजें आने लगीं। जब आवाज बंद हो गई तो शौच के लिए  खेतों में गए लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। जब ग्रामीणों ने पास जाकर देखा तो एक बदमाश जमीन पर गिरा पड़ा था। उसके पास में ही एक पिस्टल और कुछ दूरी पर एक तमंचा और एक बाइक मौके पर पड़ी हुई थी। मौके पर मौजूद एक दारोगा और दो सिपाही भी घायल हो गए थे।

आसपास के जिलों में था आतंक
सुंदर एक शातिर अपराधी था। उसका आसपास के जिलों में काफी आतंक था। वह सुपारी लेकर हत्याओं को भी अंजाम देता था। उसका कार्यक्षेत्र आगरा, मैनपुरी, एटा, औरैया के अलावा इटावा जिला था। उस पर हत्या लूट डकैती आदि के 18 मामले दर्ज हैं । उस पर चौबिया में दस, सिविल लाइंस में दो, कोतवाली में एक, किशनी मैनपुरी में दो, कु र्रा मैनपुरी में एक, फर्रुखाबाद में एक, मलावन एटा में एक मामला दर्ज है। उस पर पुलिस ने 15 हजार रुपये का इनाम रखा था।


दिन ढलते ही रास्ते पर नहीं आता-जाता कोई
जिस रास्ते में बदमाश सुंदर को ढेर किया गया उसी रास्ते का बदमाश अधिकतर इस्तेमाल किया करते हैं। घटनास्थल पर मौजूद जबरपुरा गांव के लोगों की मानें तो सूरज ढलने के बाद उक्त रास्ते पर कोई भी आता-जाता नहीं था। क्योंकि अक्सर इस रास्ते का प्रयोग अपराधी ही किया करते थे या फिर दोपहर के समय आसपास के ग्रामीण भी उसी रास्ते से आया-जाया करते थे। लोगों का कहना है कि इस रास्ते पर बदमाश पुलिस को आसानी से चकमा दिया करते थे। इसी रास्ते पर आगे स्थित नगला ताल बखत्यापुर गांव वाले मार्ग से बसरेहर, चैबिया और किल्ली वाले मार्ग से इटावा व अन्हैया वाले रास्ते से ताखा ऊसराहार की ओर निकला जा सकता है। सुंदर यादव उर्फ  आदेश ने भी अपने बचने और पुलिस को चकमा देने के लिए यही रास्ता चुना था। जहां पर भरथना व बकेवर थाना पुलिस के साथ स्वाट टीम ने उसे घेर लिया। खुद को घिरा देख सुंदर ने भरथना एसओ और बकेवर एसओ को मारने की नीयत से गाड़ी से फायर किया जो पुलिस की गाड़ी के आगे हिस्से में जा लगी। जिससे दोनों लोग बाल-बाल बच गए।

 

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