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आखिर महेवा में क्यों उतरा था उन्नाव का नीरज

Fri, 10 May 2019 12:47 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 May 2019 12:47 AM IST
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आखिर महेवा में क्यों उतरा था उन्नाव का नीरज
इटावा। उन्नाव के नीरज पांडेय की दुर्घटना में हुई मौत से जुड़े कई तथ्य अभी सुलझे नहीं हैं। सबसे बड़ा सवाल यह कि गुजरात से घर उन्नाव जाते समय वह महेवा में बस से क्यों उतरा था। पुलिस को उसके पास से पर्स और मोबाइल तो मिला, लेकिन बैग या अन्य कोई सामान नहीं मिला। मृतक के भाई के अनुसार दो लोग उसके साथ में थे, वे कहां गए। वे महेवा क्यों नहीं उतरे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर समेत शरीर में 11 चोटें पाई गई हैं, जिससे वह कोमा में चला गया। यह चोटें उसकी मौत का कारण बनी।
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उन्नाव जनपद के शुक्लागंज के मोहल्ला रुद्रनगर असम बंगाल चौराहा निवासी नीरज पांडे (36) पुत्र सुशील पांडेय गुजरात में प्राइवेट नौकरी करता था। 4 मई को वह बकेवर थाना क्षेत्र के महेवा के पास हाईवे पर गंभीर घायल पड़ा मिला था। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से सैफई मिनी पीजीआई रेफर कर दिया गया था। बुधवार सुबह उपचार के दौरान नीरज ने दम तोड़ दिया था। पुलिस को उसके पर्स में करीब साढ़े चार हजार रुपये और पास में मोबाइल मिला। मोबाइल के जरिये पुलिस ने परिजनों केे सूचना दी। इस पर नीरज का छोटा भाई धीरज पांडेय बुधवार को इटावा पहुंचा था। धीरज ने बताया कि उसका बड़ा भाई नीरज गुजरात प्रांत में एक पान मसाला कंपनी में नौकरी करता था। तीन मई को वह गुजरात से चला था। 4 मई की दोपहर करीब एक से तीन बजे के बीच वह आगरा में था। तीन बजे के आसपास आगरा से बस में बैठकर कानपुर के लिए चला था। उसके साथ दो लोग और थे, जो गुजरात से ही साथ आए थे। इसकी जानकारी उसे नीरज की कंपनी से ही मिली थी। इसके बाद वह महेवा के पास हाईवे पर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पुलिस को मिला।
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धीरज ने बताया कि पुलिस को पर्स में करीब साढ़े चार हजार रुपये मिले हैं। इसमें ढाई हजार रुपये के नोट आधे फटे हुए थे। भाई काफी दिन बाद घर आ रहा था। आमतौर पर वह 20-25 हजार रुपये लेकर आता था। धीरज ने आशंका जताई कि भाई के शरीर में कई निशान थे। आशंका है कि उसके साथ कोई वारदात हुई हो। उसके पास से कोई बैग भी नहीं मिला है। इतनी दूर से घर आते वक्त वह बैग या ब्रीफकेश लेकर जरूर चला होगा।
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महेवा चौकी इंचार्ज राकेश पटेल ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव ले गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर, माथा, पीठ, पैर व कूल्हे आदि में कुल 11 चोटें आई हैं। इससे वह कोमा चला गया। अभी परिजन की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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