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क्लीनिक सील कर संचालक के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
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बकेवर (इटावा)। चार महीने पूर्व इलाज के दौरान लापरवाही बरतने से एक महिला व उसके नवजात की मौत के मामले में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कस्बा स्थित एक क्लीनिक को सील कर दिया। उसके संचालक के खिलाफ डिप्टी सीएमओ ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ अवधेश यादव ने बकेवर थाने में दर्ज कराए मुकदमे में बताया कि गत 16 जून को चकरनगर कस्बा निवासी गर्भवती आरती पत्नी नीतेश कुमार की बकेवर स्थित समृद्धि क्लीनिक में प्रसव के दौरान लापरवाही के चलते मौत हो गई थी। उसके बच्चे ने भी दम तोड़ दिया था। मृतका की बहन सरिता की शिकायत पर तत्कालीन एसडीएम भरथना इंद्रजीत सिंह की अगुवाई में डिप्टी सीएमओ अवधेश यादव व दो अन्य लोगों ने क्लीनिक पर जाकर जांच की थी। संचालक डॉ. इंदुमोहन तिवारी से क्लीनिक से संबंधित कागजात मांगे गए थे। इससे पता चला कि क्लीनिक का पंजीयन आयुष विभाग में है, जबकि गर्भवती महिलाओं का उपचार आयुष पद्धति से नहीं किया जाता है।
डिप्टी सीएमओ अवधेश यादव की तहरीर पर क्लीनिक संचालक डॉ. इंद्रमोहन तिवारी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। क्लीनिक को भी सील कर दिया गया है। इधर, डॉ. इंद्रमोहन तिवारी ने बताया कि गर्भवती महिला का इलाज उनके क्लीनिक पर नहीं हुआ है। महिला को बोलेरो गाड़ी से लाया गया था। क्लीनिक के बाहर ही गाड़ी से उन्होंने महिला को चेक किया था। इसमें ब्लड प्रेशर लो मिला था और हीमोग्लोबिन भी कम लग रहा था। उन्होंने महिला को कहीं और दिखाने की सलाह दी थी।
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स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ अवधेश यादव ने बकेवर थाने में दर्ज कराए मुकदमे में बताया कि गत 16 जून को चकरनगर कस्बा निवासी गर्भवती आरती पत्नी नीतेश कुमार की बकेवर स्थित समृद्धि क्लीनिक में प्रसव के दौरान लापरवाही के चलते मौत हो गई थी। उसके बच्चे ने भी दम तोड़ दिया था। मृतका की बहन सरिता की शिकायत पर तत्कालीन एसडीएम भरथना इंद्रजीत सिंह की अगुवाई में डिप्टी सीएमओ अवधेश यादव व दो अन्य लोगों ने क्लीनिक पर जाकर जांच की थी। संचालक डॉ. इंदुमोहन तिवारी से क्लीनिक से संबंधित कागजात मांगे गए थे। इससे पता चला कि क्लीनिक का पंजीयन आयुष विभाग में है, जबकि गर्भवती महिलाओं का उपचार आयुष पद्धति से नहीं किया जाता है।
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डिप्टी सीएमओ अवधेश यादव की तहरीर पर क्लीनिक संचालक डॉ. इंद्रमोहन तिवारी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। क्लीनिक को भी सील कर दिया गया है। इधर, डॉ. इंद्रमोहन तिवारी ने बताया कि गर्भवती महिला का इलाज उनके क्लीनिक पर नहीं हुआ है। महिला को बोलेरो गाड़ी से लाया गया था। क्लीनिक के बाहर ही गाड़ी से उन्होंने महिला को चेक किया था। इसमें ब्लड प्रेशर लो मिला था और हीमोग्लोबिन भी कम लग रहा था। उन्होंने महिला को कहीं और दिखाने की सलाह दी थी।
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