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डेढ़ साल पूर्व भाजपाइयों के बीच बहेडा गांव में हुई फायरिंग के मामले की विवेचना अब क्राइम ब्रांच को सौंपी गई।
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डेढ़ साल पहले भाजपाइयों के बीच हुई फायरिंग के मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। दोनों पक्षों की ओर से दर्ज मामले में जिले के भाजपा नेताओं सहित 28 लोग नामजद हैं। चार विवेचक भी बदले जा चुके हैं।
घटनाक्रम के अनुसार महेवा में हुए ब्लॉक प्रमुख के उपचुनाव के बाद 4 दिसंबर 2018 को बहेड़ा में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह आए हुए थे। उसके जाते ही भाजपा नेताओं के दो गुटों मारपीट और फायरिंग की घटना हुई थी।
वर्तमान ब्लॉक प्रमुख अशोक चौबे ने भाजपा नेता और ब्लॉक प्रमुख दावेदार गोविंद त्रिपाठी इकनौर सहित 12 नामजद व करीब डेढ़ दर्जन अज्ञात लोगों के विरुद्ध जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज कराया था।
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घटना के समय का वीडियो भी वायरल हुआ था। इसमें एक पक्ष के फायरिंग करते नजर आने के बाद पुलिस ने दूसरे दिन गोविंद त्रिपाठी के प्रार्थना पत्र पर ब्लॉक प्रमुख अशोक चौबे, तत्कालीन जिलाध्यक्ष शिव महेश दुबे, उनके पुत्र, तत्कालीन जिला उपाध्यक्ष कृपानारायण तिवारी, मीडिया प्रभारी जितेंद्र गौड़ सहित 16 लोगों के विरुद्ध जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज किया था।
तीन दिन बाद ही पुलिस ने शिवमहेश दुबे, उनके पुत्र व कृपानारायण तिवारी को घटना के समय मौके पर न होने की बात कहकर मामले से निकाल दिया था।
शुरू में मामले की विवेचना तत्कालीन महेवा चौकी इंचार्ज राकेश पटेल ने की थी।
तत्कालीन एसएसपी ने फिर विवेचना तत्कालीन एसएसआई सतेंद्र सिंह भदौरिया को दी। एसएसआई सतेंद्र सिंह का तुरंत ही गैर जनपद तबादला हो गया। इस पर जांच एसएसआई सुरेशचंद्र को मिली।
इसके बाद जांच महेवा चौकी इंचार्ज चिंतन कौशिक को दे दी गई थी। बताते हैं कि महेवा चौकी इंचार्ज के अनुरोध पर एसएसपी ने मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को दी है।
भाजपाइयों के बीच इस विवाद में समझौता कराने का संघ व संगठन प्रयास कर रहा है। लॉकडाउन के चलते मीटिंग नहीं हो पाई।
भाजपाई सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की जिम्मेदारी प्रदेश पार्टी हाईकमान ने जिला संगठन और क्षेत्रीय पदाधिकारियों को सौंपी थी। कई बार प्रयास भी हुए।
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घटनाक्रम के अनुसार महेवा में हुए ब्लॉक प्रमुख के उपचुनाव के बाद 4 दिसंबर 2018 को बहेड़ा में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह आए हुए थे। उसके जाते ही भाजपा नेताओं के दो गुटों मारपीट और फायरिंग की घटना हुई थी।
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वर्तमान ब्लॉक प्रमुख अशोक चौबे ने भाजपा नेता और ब्लॉक प्रमुख दावेदार गोविंद त्रिपाठी इकनौर सहित 12 नामजद व करीब डेढ़ दर्जन अज्ञात लोगों के विरुद्ध जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज कराया था।
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घटना के समय का वीडियो भी वायरल हुआ था। इसमें एक पक्ष के फायरिंग करते नजर आने के बाद पुलिस ने दूसरे दिन गोविंद त्रिपाठी के प्रार्थना पत्र पर ब्लॉक प्रमुख अशोक चौबे, तत्कालीन जिलाध्यक्ष शिव महेश दुबे, उनके पुत्र, तत्कालीन जिला उपाध्यक्ष कृपानारायण तिवारी, मीडिया प्रभारी जितेंद्र गौड़ सहित 16 लोगों के विरुद्ध जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज किया था।
तीन दिन बाद ही पुलिस ने शिवमहेश दुबे, उनके पुत्र व कृपानारायण तिवारी को घटना के समय मौके पर न होने की बात कहकर मामले से निकाल दिया था।
शुरू में मामले की विवेचना तत्कालीन महेवा चौकी इंचार्ज राकेश पटेल ने की थी।
तत्कालीन एसएसपी ने फिर विवेचना तत्कालीन एसएसआई सतेंद्र सिंह भदौरिया को दी। एसएसआई सतेंद्र सिंह का तुरंत ही गैर जनपद तबादला हो गया। इस पर जांच एसएसआई सुरेशचंद्र को मिली।
इसके बाद जांच महेवा चौकी इंचार्ज चिंतन कौशिक को दे दी गई थी। बताते हैं कि महेवा चौकी इंचार्ज के अनुरोध पर एसएसपी ने मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को दी है।
भाजपाइयों के बीच इस विवाद में समझौता कराने का संघ व संगठन प्रयास कर रहा है। लॉकडाउन के चलते मीटिंग नहीं हो पाई।
भाजपाई सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की जिम्मेदारी प्रदेश पार्टी हाईकमान ने जिला संगठन और क्षेत्रीय पदाधिकारियों को सौंपी थी। कई बार प्रयास भी हुए।