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बच्चों में कोई भी नए लक्षण दिखें तो डाक्टर को दिखाएं : डॉ. पियाली

Sun, 16 May 2021 08:04 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 16 May 2021 08:04 PM IST
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corona
इटावा। बच्चों में कोरोना के लक्षणों और बचाव के तरीकों पर वेबिनार किया गया। एसजीपीजीआई लखनऊ की वरिष्ठ कंसलटेंट पीडियाट्रिशियन डॉ. पियाली भट्टाचार्य ने कहा कि इस समय बच्चों में कोई भी नए लक्षण नजर आएं तो उनको नजरंदाज न करें। बच्चों में डायरिया, उल्टी-दस्त, सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, आंखें लाल होना या सिर व शरीर में दर्द होना, सांसों का तेज चलना आदि कोरोना के लक्षण हो सकते हैं। वेबिनार में जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह भी जुड़े रहे।
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डॉ. पियाली ने कहा यदि ऐसे लक्षण नजर आते हैं तो बच्चे को होम आइसोलेशन में रखें। यदि बच्चा पहले से किन्हीं बीमारियों की चपेट में रहा है और कोरोना के भी लक्षण नजर आते हैं तो उसे चिकित्सक के संपर्क में रखें।
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बाल गृह में रह रहे बच्चों का हेल्थ चार्ट बनाने पर जोर देते हुए कहा कि यह चार्ट हर बाल गृह अपने पास रखे और उसको नियमित रूप से भरते रहें, उसमें बुखार, पल्स रेट, आक्सीजन सेचुरेशन, खांसी, दस्त आदि का जिक्र है। जिससे पता चलता रहेगा कि बच्चे को कब आइसोलेट करने की जरूरत है या कब अस्पताल ले जाना है। बच्चा ज्यादा रोए, गुस्सा करे या गुमशुम रहे तो उस पर भी नजर रखनी है और उसके काउंसिलिंग की जरूरत है।
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डा. पियाली ने कहा बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, इसलिए उनके खाद्य पदार्थों में हरी सब्जी, दाल, मौसमी फल जैसे- तरबूज, खरबूज, नींबू, संतरा आदि को जरूर शामिल करें। ताकि शरीर में रोग से लड़ने की ताकत पैदा हो सके। बच्चे को पनीर, मठ्ठा, छाछ, गुड़-चना आदि दिया जा सकता है। साथ ही अंडा, मछली आदि भी दिया जा सकता है।
कहा चर्चा है सितंबर-अक्तूबर मे कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है, जो बच्चों को ज्यादा प्रभावित कर सकती है। बाल गृहों में हेल्प डेस्क की स्थापना हो और वहां पर हेल्पलाइन के नंबर -1075, 1800112545 और चाइल्ड लाइन का नंबर 1098 डिस्प्ले जरूर हों।

वेबिनार के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह ने इस संबंध में समस्त खंड विकास अधिकारियों और अधिशासी अधिकारियों को पत्र लिखा कि इस बारे में अपने-अपने क्षेत्र में नजर रखें।
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