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निर्माण सामग्री के दाम बढ़े, कार्य रुके
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Wed, 26 Apr 2017 11:48 PM IST
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सड़क पर पड़ी मौरंग।
- फोटो : अमर उजाला
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शासन से अवैध खनन पर रोक लगने के बाद जिले में मौरंग की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस कारण निर्माण सामग्री के दामों में बढ़ोत्तरी हो गई। मौरंग न मिलने से जहां निर्माण कार्य रुक गए हैं, वहीं आशियाना बनाना भी महंगा हो गया है।
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शासन से अवैध खनन पर रोक लगने के कारण मौरंग और गिट्टी पर महंगाई की सबसे ज्यादा मार पड़ी है। जनपद में मौरंग की आपूर्ति पास के जिलों भिंड, जालौन, कानपुर देहात, झांसी से होती है। जिले में मौरंग लदे वाहन नहीं आ रहे हैं। एक माह पहले मौरंग की ट्राली 4500 रुपये की थी जो अब 7000 की हो गई है। गिट्टी का भाव प्रति 100 फुट 5500 से बढ़कर 6500 रुपये हो गया है। मौरंग के दामों में बढ़ोत्तरी होने के कारण सरिया और सीमेंट के रेटों में भी खासा इजाफा हुआ हैं। पिछले माह सीमेंट के दाम 290 रुपये प्रति बोरी थे, जो अब बढ़कर 320 रुपये हो गए हैं। वहीं सरिया भी पिछले महीने की तुलना में 1000 रुपये प्रति क्ंिवटल की दर से महंगा हुआ है। मौरंग सीमेंट विक्रेता सुरजीत सिंह का कहना है कि खनन के लिए सरकार को उचित समाधान निकालने चाहिए। जिससे निर्माण सामग्री के दाम भी कम होंगे। व्यापार भी सही ढंग से हो सकेगा। उन्होंने बताया मौरंग न मिलने से करीब एक माह से व्यापार ठप पड़ा है।
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ढुलाई न होने से ट्रक और ट्रैक्टर चालक परेशान
चकरनगर। एमपी में बहने वाली सिंधु नदी से मौरंग का खनन बंद होने से इसका सीधा असर उप्र के सीमावर्ती जिलों पर पड़ रहा है। मौरंग के अभाव में इटावा के अधिकतर सरकारी व गैर सरकारी निर्माण कार्य बंद हो गए हैं। मौरंग की ढुलाई में लगे सैकड़ों ट्रैक्टर और ट्रक चालक बेरोजगार हो गए हैं।
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चकरनगर क्षेत्र में कृषि योग्य भूमि कम होने के बाद भी ट्रैक्टरों की संख्या काफी है। यहां का किसान खेती करने के साथ एमपी से आने वाली बालू की ढुलाई करके परिवार चलाता है। इस क्षेत्र में उप्र की सीमा में कहीं भी मौरंग का खनन नहीं होता है। एमपी के भिंड जनपद में कई खदानें संचालित थीं। जिनसे उप्र के वाहन रायल्टी जमा कर बालू का परिवहन करते थे। प्रदेश में नई सरकार बनने के साथ ही पुलिस ने अवैध परिवहन करने वाले वाहनों को सीज कर दिया था। राष्ट्रीय प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह यादव उर्फ झब्बू यादव का कहना है कि अवैध खनन पर रोक जायज है लेकिन निर्माण कार्य के लिए मौरंग की उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि विकास कार्य अवरुद्ध न हों, इसके लिए वैध रूप से मौरंग खनन की व्यवस्था की जाए।