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प्रशासन को प्रवासियों का ब्योरा उपलब्ध कराएं समितियां
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फोटो संख्या 01: जसवंतनगर एसडीएम ज्योत्सना बंधु ने नगला तौर में निगरानी समिति के साथ बैठक की
- फोटो : ETAWHA
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जसवंतनगर/भरथना। प्रवासियों की निगरानी और उनकी सूचना देने के लिए गांवों में बनाई गईं निगरानी समितियां जिम्मेदारी से काम करें। सभी ग्राम पंचायतों में समितियां बना दी गई हैं। ग्राम प्रधान समितियों को सक्रिय करें। ये निर्देश एसडीएम भरथना और एसडीएम जसंवतनगर ने अपने-अपने तहसीलक्षेत्र के प्रधानों को दिए हैं।
एसडीएम जसंवतनगर ज्योत्सना बंधु ने शनिवार को नगला तौर गांव में निगरानी समिति के साथ बैठक भी की। प्रधान के प्रतिनिधि राजपाल सिंह, पंचायत सचिव बसुंधरा, समिति के सदस्य लेखपाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा और समिति में शामिल गांव के लोग मौजूद रहे। एसडीएम ने कहा कि पहली मई के बाद जितने लोग बाहर से आए हैं, उनके नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, कहां से आए हैं, कैसे आए हैं, इसका ब्योरा एक रजिस्टर में दर्ज करें। लेखपाल ब्योरा तहसील तक पहुंचाएंगे। गांव में 17 मई के बाद महाराष्ट्र से आए लोगों की जानकारी भी लेने को कहा।
एसडीएम इंद्रजीत सिंह ने बताया कि प्रधान की अध्यक्षता में चौकीदार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा आदि की समितियां बनी हैं। प्रधान इन समितियों को सक्रिय कर प्रवासियों की सूची तैयार करें। बाहर से आए लोगों को 21 दिन घर में क्वारंटीन रखा जाए। एसडीएम को जानकारी मिली थी कि गांवों में बनी समितियां ठीक से काम नहीं कर रही हैं। एडीओ पंचायत श्याम बरन राजपूत ने बताया कि प्रधान की अध्यक्षता में बनी समिति में पंचायत सचिव, लेखपाल, एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, गांव का सफाई कर्मी, चौकीदार और गांव के अन्य सदस्य रखे गए हैं।
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एसडीएम जसंवतनगर ज्योत्सना बंधु ने शनिवार को नगला तौर गांव में निगरानी समिति के साथ बैठक भी की। प्रधान के प्रतिनिधि राजपाल सिंह, पंचायत सचिव बसुंधरा, समिति के सदस्य लेखपाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा और समिति में शामिल गांव के लोग मौजूद रहे। एसडीएम ने कहा कि पहली मई के बाद जितने लोग बाहर से आए हैं, उनके नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, कहां से आए हैं, कैसे आए हैं, इसका ब्योरा एक रजिस्टर में दर्ज करें। लेखपाल ब्योरा तहसील तक पहुंचाएंगे। गांव में 17 मई के बाद महाराष्ट्र से आए लोगों की जानकारी भी लेने को कहा।
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एसडीएम इंद्रजीत सिंह ने बताया कि प्रधान की अध्यक्षता में चौकीदार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा आदि की समितियां बनी हैं। प्रधान इन समितियों को सक्रिय कर प्रवासियों की सूची तैयार करें। बाहर से आए लोगों को 21 दिन घर में क्वारंटीन रखा जाए। एसडीएम को जानकारी मिली थी कि गांवों में बनी समितियां ठीक से काम नहीं कर रही हैं। एडीओ पंचायत श्याम बरन राजपूत ने बताया कि प्रधान की अध्यक्षता में बनी समिति में पंचायत सचिव, लेखपाल, एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, गांव का सफाई कर्मी, चौकीदार और गांव के अन्य सदस्य रखे गए हैं।
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