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पक्के तालाब में मर गईं हजारों मछलियां
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पक्के तालाब में उतरातीं मरी मछलियां। संवाद
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। पक्के तालाब में हजारों मछलियों की मौत हो गई। मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने अधिक ब्लीचिंग पाउडर पड़ने की वजह से मछलियों की मौत होने का संदेह जताया है। उधर, नगर पालिका के अधिकारी गर्मी की वजह से मौत होने का दावा कर रहे हैं।
पक्का तालाब की निगरानी नगर पालिका करती है। इसमें कुछ समय पहले बड़ी संख्या में मछली डाली गई थीं। दो दिनों से लगातार मरीं मछलियां उतराकर पानी में दिखने लगी थीं। इस वजह से बदबू आ रही थी। शुक्रवार को फिर बड़ी संख्या में मछलियां मरने पर लोगों ने नगर पालिका को सूचना दी।
जानकारी पर मत्स्य प्रभारी अधिकारी सत्येंद्र सिंह और हिमांशु यादव ने निरीक्षण किया। उनके अनुसार मरने वाली मछलियां कबई प्रजाति की हैं। यह मछलियां तालाबों में नहीं छोड़ी जाती हैं। यह नदी में रहने वाली मछलियां हैं। गर्मी अधिक होने की वजह से ऑक्सीजन की दिक्कत होती है। पानी से ब्लीचिंग पाउडर की गंध आ रही है। संभवत: पानी में ब्लीचिंग पाउडर अधिक डालने की वजह से मछलियों की मौत हो रही है। उधर, ईओ विनयमणी त्रिपाठी ने बताया कि समय-समय पर ट्यूबवैल से ठंडा पानी डलवाया जाता है। संभवत: अधिक गर्मी से मछलियों की मौत हुई है। ब्लीचिंग पाउडर से मौत नहीं हुई है।
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पक्का तालाब की निगरानी नगर पालिका करती है। इसमें कुछ समय पहले बड़ी संख्या में मछली डाली गई थीं। दो दिनों से लगातार मरीं मछलियां उतराकर पानी में दिखने लगी थीं। इस वजह से बदबू आ रही थी। शुक्रवार को फिर बड़ी संख्या में मछलियां मरने पर लोगों ने नगर पालिका को सूचना दी।
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जानकारी पर मत्स्य प्रभारी अधिकारी सत्येंद्र सिंह और हिमांशु यादव ने निरीक्षण किया। उनके अनुसार मरने वाली मछलियां कबई प्रजाति की हैं। यह मछलियां तालाबों में नहीं छोड़ी जाती हैं। यह नदी में रहने वाली मछलियां हैं। गर्मी अधिक होने की वजह से ऑक्सीजन की दिक्कत होती है। पानी से ब्लीचिंग पाउडर की गंध आ रही है। संभवत: पानी में ब्लीचिंग पाउडर अधिक डालने की वजह से मछलियों की मौत हो रही है। उधर, ईओ विनयमणी त्रिपाठी ने बताया कि समय-समय पर ट्यूबवैल से ठंडा पानी डलवाया जाता है। संभवत: अधिक गर्मी से मछलियों की मौत हुई है। ब्लीचिंग पाउडर से मौत नहीं हुई है।
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