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यमुना नदी में अठखेलियां कर रहे हैं घडियालों के बच्चे

Wed, 08 Jul 2020 05:24 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2020 05:24 PM IST
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Children of crocodiles in the Yamuna River
फोटो संख्या 01 भाउपुरा गांव के पास चंबल नदी में अटखेलियां करते नन्हे घड़ियाल - फोटो : ETAWHA
पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह एक सुखद खबर है। चंबल के बाद यमुना नदी भी घड़ियालों के प्रजनन के लिए मुफीद साबित हो रही है।
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लॉकडाउन के दौरान यमुना नदी के पानी में प्रदूषण कम होने से जलीव जीवों ने यमुना नदी को भी अपना आशियाना बना लिया है।
यमुना नदी में सैकड़ों नन्हे घड़ियालों की अठखेलियां देखने तमाम लोग पहुंच रहे हैं। केंद्र सरकार ने चंबल नदी को जलीव जीवों का अभ्यारण्य घोषित कर रखा है। चंबल में मगरमच्छ, घड़ियाल और डालफिन पाई जाती हैं।
चंबल का पानी प्रदूषण रहित है। इसलिए इन जलीय जीवों के लिए यह सबसे सुरक्षित माना जाता है। अब पहली बार यमुना नदी में भी घड़ियालों की मौजूदगी ने इस बात का एहसास कराया है कि यमुना का पानी अब साफ हुआ हैैै।
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आगरा की सीमा से सटे पछांयगांव के भाउपुरा गांव के पास यमुना नदी में घड़ियालों ने करीब तीन दर्जन से अधिक बच्चों को जन्म दिया है।
घड़ियाल के इन बच्चों को देखने के लिए सुबह शाम बड़ी तादाद में गांव वाले नदी के किनारे पहुंचते हैं ।
15 जून तक यहां 43 बच्चे दिखे थे। इन घड़ियालों की मौजूदगी से अब यमुना नदी भी इस प्रजाति के जलीय जीवों का सुरक्षित प्राकृत वास बन रही है।
भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के संरक्षण अधिकारी डॉ. राजीव चौहान का कहना है कि यमुना नदी में घड़ियाल का प्रजनन इस बात का संकेत है कि इस क्षेत्र में यमुना नदी के पानी में शुद्धता बढ़ रही है।
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आने वाले दिनों में यमुना नदी जैव विविधता के संरक्षण का एक नया मॉडल साबित हो सकता है। सोसायटी फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर के सचिव संजीव चौहान ने बताया कि 15 जून को यमुना नदी में मादा घड़ियाल ने यमुना नदी के किनारे अंडे फोडे़ जिनसे निकलते हुए छोटे छोटे बच्चे देखे गए।

उनकी संस्था वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में काम करने में इटावा एवं आसपास के जिलों में सक्रिय है।
इस लिहाज से उन्होंने दर्जनों के हिसाब से संस्था के वालंटियरों को एक्टिव कर रखा है जो इलाके में होने वाली गतिविधियों की जानकारी समय समय पर साझा करते रहते है।
वन दरोगा ताबिश अहमद ने बताया कि घड़ियाल के प्रजनन के बाद पर्यावरण विशेषज्ञ भाउपुरा गांव को अपना अध्ययन केंद्र बना रहे है ।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि यमुना नदी में घड़ियाल का प्रजनन काफी महत्वपूर्ण है।
घड़ियाल के मासूम बच्चों की सुरक्षा के लिए क्षेत्रीय वन रक्षकों की टीम के साथ साथ स्थानीय गांववालों को भी सजग कर दिया गया है।
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