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Etawah News: लंका दहन से गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, लक्ष्मण शक्ति पर छलक उठीं आंखें
Fri, 30 Oct 2026 11:32 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:32 PM IST
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फोटो 05::: ऊसराहार रामलीला में मंचन करते कलाकार। स्रोत आयोजक
ताखा। श्रीरामलीला महोत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित रामलीला के सातवें दिन लंका दहन से लेकर लक्ष्मण शक्ति तक की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। हनुमान जी के रौद्र रूप में सोने की लंका जलाने के दृश्य पर पूरा रामलीला परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा, वहीं लक्ष्मण को शक्तिबाण लगने के बाद प्रभु श्रीराम का करुण विलाप देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
रामलीला में माता सीता की खोज करते हुए हनुमान जी लंका पहुंचे। अशोक वाटिका में माता सीता को खोजकर उन्होंने प्रभु श्रीराम का संदेश दिया और जल्द ही रावण की कैद से मुक्त कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद भूख लगने पर हनुमान जी ने अशोक वाटिका के फल खाने शुरू कर दिए और पूरी वाटिका उजाड़ दी।
रावण के आदेश पर उनकी पूंछ में आग लगा दी गई। इसी आग से हनुमान जी ने सोने की लंका को जलाकर रावण के अहंकार को चुनौती दी। इसके बाद युद्ध के दौरान मेघनाद ने लक्ष्मण पर शक्तिबाण चला दिया, जिससे वह रणभूमि में मूर्छित होकर गिर पड़े। अनुज को अचेत देखकर श्रीराम व्याकुल हो उठे। उनका करुण विलाप और लक्ष्मण के प्रति अगाध प्रेम देखकर दर्शक भावुक हो गए।
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लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए वैद्य के परामर्श पर हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने रवाना हुए। इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, प्रबंधक ज्ञानेंद्र अवस्थी, महामंत्री राहुल राज वर्मा, उमेश गुप्ता, संदीप पाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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रामलीला में माता सीता की खोज करते हुए हनुमान जी लंका पहुंचे। अशोक वाटिका में माता सीता को खोजकर उन्होंने प्रभु श्रीराम का संदेश दिया और जल्द ही रावण की कैद से मुक्त कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद भूख लगने पर हनुमान जी ने अशोक वाटिका के फल खाने शुरू कर दिए और पूरी वाटिका उजाड़ दी।
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रावण के आदेश पर उनकी पूंछ में आग लगा दी गई। इसी आग से हनुमान जी ने सोने की लंका को जलाकर रावण के अहंकार को चुनौती दी। इसके बाद युद्ध के दौरान मेघनाद ने लक्ष्मण पर शक्तिबाण चला दिया, जिससे वह रणभूमि में मूर्छित होकर गिर पड़े। अनुज को अचेत देखकर श्रीराम व्याकुल हो उठे। उनका करुण विलाप और लक्ष्मण के प्रति अगाध प्रेम देखकर दर्शक भावुक हो गए।
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लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए वैद्य के परामर्श पर हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने रवाना हुए। इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, प्रबंधक ज्ञानेंद्र अवस्थी, महामंत्री राहुल राज वर्मा, उमेश गुप्ता, संदीप पाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।