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कैश किल्लत से करोड़ाों का काराोबार चाौपट
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Thu, 24 Nov 2016 11:14 PM IST
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होमगंज स्थित दुकान पर सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी ने बाजार को तोड़ दिया है। छोटा या बड़ा दुकानदार नगदी की समस्या से जूझ रहा है। सहालग के दौर में भी सराफा कारोबार चौपट है। इन कारोबारियों की मानें तो बमुश्किल पांच फीसदी ग्राहक ही आ रहे हैं। करीब 9-10 करोड़ रुपये का नुकसान रोज झेल रहे हैं। यहीं हाल रेडीमेड कारोबार का है।
हर स्तर पर नगदी की मारामारी है। बैंकों से मिलने वाले दो हजार रुपये गृहस्थी में खर्च हो जा रहे हैं। शादी वाले परिवार को सरकार ने ढाई लाख रुपये खाते से निकालने की इजाजत तो दी है। लेकिन यह रकम निकालने में इतनी शर्तें जुड़ी हैं कि उनको पूरा कर पाना बेहद मुश्किल हो रहा है। शहर में सामान्य तौर पर हर रोज करीब 10-12 करोड़ का सराफा कारोबार होता रहा है।
अब यह अपने सबसे निचले स्तर पर है। शादी वाले घरों में भी रस्म अदायगी के तौर पर 15-20 हजार रुपये के जेवर खरीद रहे हैं। सराफा के बड़े कारोबारी शंकर लाल पद्म के अनुसार नोटबंदी के बाद बाजार चौपट हुआ पड़ा है। रेडीमेड वस्त्रों के विक्रेता राजेश का भी यहीं कहना रहा। लोग जरूरत भर की ही खरीदारी कर रहे हैं।
हर स्तर पर नगदी की मारामारी है। बैंकों से मिलने वाले दो हजार रुपये गृहस्थी में खर्च हो जा रहे हैं। शादी वाले परिवार को सरकार ने ढाई लाख रुपये खाते से निकालने की इजाजत तो दी है। लेकिन यह रकम निकालने में इतनी शर्तें जुड़ी हैं कि उनको पूरा कर पाना बेहद मुश्किल हो रहा है। शहर में सामान्य तौर पर हर रोज करीब 10-12 करोड़ का सराफा कारोबार होता रहा है।
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अब यह अपने सबसे निचले स्तर पर है। शादी वाले घरों में भी रस्म अदायगी के तौर पर 15-20 हजार रुपये के जेवर खरीद रहे हैं। सराफा के बड़े कारोबारी शंकर लाल पद्म के अनुसार नोटबंदी के बाद बाजार चौपट हुआ पड़ा है। रेडीमेड वस्त्रों के विक्रेता राजेश का भी यहीं कहना रहा। लोग जरूरत भर की ही खरीदारी कर रहे हैं।
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