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ठंडे पड़े बंदी, मिलकर खाया खाना
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Tue, 14 Apr 2015 11:40 PM IST
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जिला जेल में दो दिन से चल रहा बवाल मंगलवार को शांत रहा। बंदियों को समझाने के लिए वरिष्ट अधिकारी सोमवार की शाम को जेल पहुंचे। शुरू में तो कुछ बंदी उनकी बात सुनने को तैयार ही नहीं हुए। फिर अधिकारियों की घुड़की और हल्के बल प्रयोग से बंदी ठंडे पड़ गए।
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मंगलवार को सभी बंदियाें ने साथ-साथ खाना खाया। परिजनों से उनकी मुलाकात भी कराई गई। डीआईजी जेल लखनऊ शरद कुलश्रेष्ठ तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी जेल में ही रहकर हालात पर नजरें गड़ाए रहे। जेल परिसर में पुलिस-पीएसी भी तैनात रही।
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फिरोजाबाद जेल से इटावा जेल स्थानांतरित हुई विजया यादव की तलाशी को लेकर बखेड़े की शुरुआत हुई थी। भड़के बंदियों ने खाने का बहिष्कार कर रविवार तथा सोमवार को जमकर उपद्रव किया था। बंदियों ने छतों पर चढ़कर जेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी।
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सोमवार को जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल, एसएसपी डा. राकेश सिंह के अलावा अन्य अधिकारी जेल पहुंचे थे। उन्होंने बंदियों को समझा-बुझाकर शांत करने का भरसक प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। बंदी लोक निर्माण विभाग के मंत्री शिवपाल सिंह यादव को जेल में बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
रात साढ़े दस बजे तक मान मनौव्वल का क्रम चलता रहा। डीएम ने बात न मानने वाले बंदियों को स्थानांतरित किए जाने की बात भी कही। सूत्रों की माने तो रात के समय प्रशासन ने पुलिस तथा पीएसी के जवानों को बुलाकर हल्का बल प्रयोग किया। जेल प्रशासन के तेवर भांपने के बाद हंगामा करने वाले बंदी ठंडे पड़ गए। हालांकि अधिकारी बल प्रयोग से साफ तौर पर इंकार कर रहे हैं।
डीआईजी जेल लखनऊ शरद कुलश्रेष्ठ तथा डीआईजी जेल आगरा केदारनाथ के अलावा सिटी मजिस्ट्रेट ईश्वर चंद्र भी सुबह ही जेल पहुंच गए थे। अधिकारी जेल में रहकर स्थिति पर नजर रखे रहे। मंगलवार को मुलाकात भी कराई गई है। डीआईजी शरद कुलश्रेष्ठ ने बताया कि जेल में अवैध सुविधाएं न मिल पाने के कारण बंदी परेशान थे। इसी से बवाल कर रहे थे।
महिला बंदी के साथ मारपीट को तो मुद्दा बनाया गया है। उन्होेंने बताया कि पूरी घटना की जांच कराई गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बंदियों के दीवार पर चढ़कर उपद्रव करने के संबंध में उन्होंने कहा कि जेल के नियमों को तोड़ने वाले बंदियों की पहचान की जा रही है।
इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यदि जरूरत हुई तो विजया यादव का स्थानांतरण भी किया जाएगा। सिटी मजिस्ट्रेट ईश्वरचंद्र ने बताया कि स्थिति पूर्ण रूप से नियंत्रण में है। बंदियों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया गया है। मंगलवार को सभी ने खाना भी खाया।