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गोली लगने से घायल इंद्रपाल की हुई मौत
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इटावा। पंचायत चुनाव में वोट नहीं देने के विवाद में पूर्व प्रधान ने 16 मई को साथियों के साथ मिलकर सैफई के भऊपुर गांव में इंद्रपाल को गोली मार दी थी। पेट में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सैफई पीजीआई में भर्ती इंद्रपाल कठेरिया ने मंगलवार की रात को दम तोड़ दिया।
सैफई के भऊपुर रनुवा गांव निवासी इंद्रपाल कठेरिया (27) मजदूर था। उसके परिवार में मां शकुंतला देवी, भाई विजयपाल, लवकुश व विवाहित बहन उमा है। विजयपाल ने बताया कि पंचायत चुनाव में वोट नहीं देने पर आरोपी पूर्व प्रधान राघवेंद्र, मुरारी समेत उसके 12 साथियों से भाई इंद्रपाल का विवाद हो गया था। आरोप है कि मुरारी ने तमंचा निकालकर भाई पर फायर कर दिया, लेकिन वह बच गए थे। इसके बाद पूर्व प्रधान ने साथियों के साथ
मिलकर भाई के पेट में गोली मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। ग्रामीणों के एकत्र होने पर आरोपी कई राउंड की फायरिंग करते हुए भाग निकले थे। परिजनों ने घायल इंद्रपाल को सैफई पीजीआई में भर्ती कराया, जहां मंगलवार की रात को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी मोहम्मद हामिद सिद्दीकी ने बताया मामले में पूर्व प्रधान राघवेंद्र, राजीव, शिवराज, विनय रतन, हुकुम सिंह, अखिलेश व शिवकेश को पुलिस जेल भेज चुकी है। इंद्रपाल की मौत होने पर मामला हत्या में तरमीम किया जाएगा।
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पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद परिजनों ने सैफई पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। विजयपाल ने बताया कि मामले के 37 दिन बीतने के बाद भी पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हत्या व एससी-एसटी के मामले में अभी भी आरोपी रामप्रताप, प्रवेश, नेम सिंह, सत्यभान व तमंचा देने वाला मुरारी फरार हैं।
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सैफई के भऊपुर रनुवा गांव निवासी इंद्रपाल कठेरिया (27) मजदूर था। उसके परिवार में मां शकुंतला देवी, भाई विजयपाल, लवकुश व विवाहित बहन उमा है। विजयपाल ने बताया कि पंचायत चुनाव में वोट नहीं देने पर आरोपी पूर्व प्रधान राघवेंद्र, मुरारी समेत उसके 12 साथियों से भाई इंद्रपाल का विवाद हो गया था। आरोप है कि मुरारी ने तमंचा निकालकर भाई पर फायर कर दिया, लेकिन वह बच गए थे। इसके बाद पूर्व प्रधान ने साथियों के साथ
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मिलकर भाई के पेट में गोली मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। ग्रामीणों के एकत्र होने पर आरोपी कई राउंड की फायरिंग करते हुए भाग निकले थे। परिजनों ने घायल इंद्रपाल को सैफई पीजीआई में भर्ती कराया, जहां मंगलवार की रात को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी मोहम्मद हामिद सिद्दीकी ने बताया मामले में पूर्व प्रधान राघवेंद्र, राजीव, शिवराज, विनय रतन, हुकुम सिंह, अखिलेश व शिवकेश को पुलिस जेल भेज चुकी है। इंद्रपाल की मौत होने पर मामला हत्या में तरमीम किया जाएगा।
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पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद परिजनों ने सैफई पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। विजयपाल ने बताया कि मामले के 37 दिन बीतने के बाद भी पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हत्या व एससी-एसटी के मामले में अभी भी आरोपी रामप्रताप, प्रवेश, नेम सिंह, सत्यभान व तमंचा देने वाला मुरारी फरार हैं।