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शिशुओं को कुपोषण से बचाता है मां का दूध

Fri, 07 Aug 2015 11:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Fri, 07 Aug 2015 11:05 PM IST
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Breast milk protects babies from malnutrition

‘मां का दूध शिशुओं को कुपोषण से बचाता है। विश्व स्तनपान पहली बार वर्ष 1992 में मनाया गया और इसके काफी सार्थक परिणाम आए। स्तनपान से बच्चों में बीमारियों का खतरा कम होता है।’

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यह बात यूपी ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान सैफई (रिम्स) में हुई गोष्ठी में निदेशक डा ब्रिगेडियर टी प्रभाकर ने कही। वह विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत शिशु एवं बाल रोग विभाग की ओर से आयोजित गोष्ठी में बोल रहे थे।
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इससे पहले उन्होंने इसका उद्घाटन भी किया। इस मौके पर डा. प्रभाकर ने कहा कि विश्व स्तनपान दिवस को मनाने का उद्देश्य शिशुओं के पोषण के लिए स्तनपान को सर्वोत्तम साधन के रूप में प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 170 से भी अधिक देशों में 1-7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया जाता है।
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गोष्ठी में संस्थान के डीन एवं शिशु एवं बाल रोग के विभागाध्यक्ष प्रो केएम शुक्ला ने कहा कि पूरे विश्व में लगभग 38 प्रतिशत बच्चे ही छह माह तक स्तनपान कर पाते हैं। स्तनपान से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है।

बच्चे मोटापे से दूर रहते हैं। इसके अलावा युवा होने पर उनमें अस्थमा, मधुमेह और दिल की बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है।

शिशु एवं बाल रोग विभाग के डा आईके शर्मा तथा डा राजेश कुमार यादव ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन बच्चे के जन्म से छह महीने तक केवल स्तनपान पर रखने और दो वर्ष या उसके बाद तक पोषक पूरक आहार के साथ ही स्तनपान जारी रखने की सिफारिश करता है।

डा शर्मा ने कहा कि जन्म के आधे घंटे के भीतर ही मां का दूध बच्चे को देना शुरू किया जाना चाहिए। कार्यक्रम संयोजक एवं बाल रोग विभाग के प्रो डीके सिंह तथा डा. एमवी सिंह ने कहा कि अभी भी कई माताओं में यह गलतफहमी होती है कि मां के दूध के बजाय दूसरी चीजों से बच्चे का स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है। यह पूरी तरह एक गलत धारणा है।


विश्व स्तनपान सप्ताह से इस गलत धारणा को तोड़ने में काफी मदद मिली है। इस मौके पर डा. मुकेश वीर सिंह, डा. राजेश कुमार यादव,  डा. दिनेश कुमार, डा. दुर्गेश कुमार, डा. गणेश कुमार और स्त्री व प्रसूति रोग विभाग से डा. शिखा सेठ, डा. ममता सिंह आदि मौजूद रहे।

स्तनपान से लाभ
स्तनपान कराने का फायदा शिशुओं के साथ मां को भी मिलता है।
स्तन कैंसर, मधुमेह, ओवरी कैंसर, डिप्रेशन का खतरा कम होता है।
बाजार से दूध खरीदने और उसे गर्म करने का खर्च नहीं उठाना पड़ता।
स्तनपान करने वाले बच्चे सामान्य बच्चों की तुलना में कम बीमार पड़ते हैं।
मां की गोद में बच्चा सुरक्षित अनुभव करता है। मां को भी समय मिलता है।
बच्चा पास होने से महिलाओं में आकिसटोसिन हार्मोन से तनाव कम होता है।

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