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भोजराज के आंखों की रोशनी लौटी
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
Updated Sat, 20 Feb 2016 11:05 PM IST
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उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान सैफई के नेत्र रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वैभव जैन व उनकी टीम ने एटा के भोजराज सिंह के आंख के कैंसर का सफल आपरेशन किया। रोग की चपेट में आए भोजराज सिंह की आंख की रोशनी जा चुकी थी।
आपरेशन के बाद रोशनी लौट आई है। डॉ. वैभव जैन ने बताया कि मरीज भोजराज सिंह की जांच करने पर पता चला कि उन्हें आंख का कैंसर (आक्युलर सरफेस स्क्वेमस निओप्लेसिया) है। आपरेशन से पहले एक महीने तक उन्हें प्री-आपरेटिव कीमोथैरेपी दी गई।
इसके बाद आपरेशन में एम्नियेटिक मेम्मब्रेन ट्रांसप्लांटेसन और क्रायोथेरेपी का प्रयोग किया गया। आपरेशन के बाद मरीज के आंखों की रोशनी वापस आ गई है। मरीज कुछ दिनों बाद अपना दैनिक सामान्य काम करने में सक्षम हो जाएगा।
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संस्थान के निदेशक डॉ. (ब्रिगे.) टी प्रभाकर ने बताया कि ऑक्युलर सरफेस स्क्वेमस निओप्लेसिया आंख के कार्निया और कंजक्टिवा का कैंसर है। समय से इलाज न होने पर यह रोग शरीर के अन्य अंगों में भी फैल सकता है।
डॉ. (ब्रिगे.) टी प्रभाकर के अलावा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. (ब्रिगे.) एसके गुप्ता, संकाय अध्यक्ष प्रो. केएम शुक्ला, अपर निदेशक (प्रशासन) डॉ. राधाकृष्ण सिंह, नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बीडी शर्मा, फैकेल्टी डॉ. रीना शर्मा, डॉ. मीनू, डॉ. रविरंजन, डॉ. ब्रजेश आदि ने इस आपरेशन के लिए डॉ. वैभव जैन व उनकी टीम को बधाई दी है।
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आपरेशन के बाद रोशनी लौट आई है। डॉ. वैभव जैन ने बताया कि मरीज भोजराज सिंह की जांच करने पर पता चला कि उन्हें आंख का कैंसर (आक्युलर सरफेस स्क्वेमस निओप्लेसिया) है। आपरेशन से पहले एक महीने तक उन्हें प्री-आपरेटिव कीमोथैरेपी दी गई।
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इसके बाद आपरेशन में एम्नियेटिक मेम्मब्रेन ट्रांसप्लांटेसन और क्रायोथेरेपी का प्रयोग किया गया। आपरेशन के बाद मरीज के आंखों की रोशनी वापस आ गई है। मरीज कुछ दिनों बाद अपना दैनिक सामान्य काम करने में सक्षम हो जाएगा।
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संस्थान के निदेशक डॉ. (ब्रिगे.) टी प्रभाकर ने बताया कि ऑक्युलर सरफेस स्क्वेमस निओप्लेसिया आंख के कार्निया और कंजक्टिवा का कैंसर है। समय से इलाज न होने पर यह रोग शरीर के अन्य अंगों में भी फैल सकता है।
डॉ. (ब्रिगे.) टी प्रभाकर के अलावा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. (ब्रिगे.) एसके गुप्ता, संकाय अध्यक्ष प्रो. केएम शुक्ला, अपर निदेशक (प्रशासन) डॉ. राधाकृष्ण सिंह, नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बीडी शर्मा, फैकेल्टी डॉ. रीना शर्मा, डॉ. मीनू, डॉ. रविरंजन, डॉ. ब्रजेश आदि ने इस आपरेशन के लिए डॉ. वैभव जैन व उनकी टीम को बधाई दी है।