{"_id":"58ab1ec94f1c1b0853b23433","slug":"ashok-gupta-becomes-highcourt-justice","type":"story","status":"publish","title_hn":"अशोक गुप्त बने हाईकोर्ट के न्यायाधीश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अशोक गुप्त बने हाईकोर्ट के न्यायाधीश
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Mon, 20 Feb 2017 10:22 PM IST
विज्ञापन
अशोक कुमार गुप्त
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहल्ला कूंचा शीलचंद्र निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता हाईकोर्ट अशोक कुमार गुप्त को इलाहाबाद उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया है। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप बाबा साहेब भोसले ने श्री गुप्त को शपथ दिलाई।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति अशोक गुप्त ने हिंदी में शपथ लेकर अपने पिता की परंपरा का अनुसरण किया। इनके पिताश्री न्यायमूर्ति प्रेमशंकर गुप्त हिंदी के प्रबल पोषक पक्षधर थे। उन्होंने चार हजार से अधिक निर्णय हिंदी में देकर न केवल एक कीर्तिमान स्थापित किया अपितु उच्च न्यायालय में हिंदी का प्रवेश द्वार भी खोला। उन्हें हिंदी गौरव तथा न्यूयार्क में विश्व हिंदी सम्मान से अलंकृत किया गया था। न्यायमूर्ति अशोक गुप्त पिछले 32 वर्षों से वकालत कर रहे हैं। वह भारत सरकार के आयकर विभाग तथा उत्तर प्रदेश विद्युत परिषद के स्टैंडिंग काउंसिल भी रहे। वह इटावा हिंदी सेवा निधि के न्यासी भी हैं। इटावा के लिए यह सुखद संयोग कदाचित पहली बार मिला है जब पिता के बाद पुत्र को भी हाईकोर्ट जज बनने का अवसर मिला हो। साहित्य मनीषी डॉ. विद्या कांत तिवारी, डॉ. कुश चतुर्वेदी, बाबू जमुनादास अग्रवाल, अरविंद मिश्र बकेवर, डॉ. विश्वनाथ मेहरोत्रा, मेधावसु पाठक, माधव दीक्षित, वल्देव बिहारी मिश्र, संजीव शर्मा एल आई सी, कमलेश शर्मा, सईद नकवी आदि ने उन्हें बधाई दी है।
विज्ञापन