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Etawah News: ढील मिलते ही सड़क से भरी जा रहीं बसें, लगता घंटों जाम
Wed, 07 Feb 2024 11:47 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Wed, 07 Feb 2024 11:47 PM IST
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इटावा। रोडवेज बसों के चालक, परिचालक मनमाने ढंग से बसों का संचालन करते हैं। इसका खामियाजा यात्रियों के साथ ही आम लोगों को उठाना पड़ता है। बस स्टैंड के प्लेटफार्म पर बसें न खड़ी करके चालक और परिचालक बस अड्डे के बाहर से यात्रियों को लेते हैं, इससे तिराहे तक रोजाना घंटों जाम लगता है। वहीं, कई बैर चलती बसों में यात्रियों को बैठाकर उनकी जान भी जोखिम भी डाल रहे हैं।
रोडवेज बस स्टैंड पर बसों को खड़ा करने के लिए लगभग 16 प्लेटफार्म बनवाए गए हैं। इन प्लेटफार्म के पास ही लोगों के बैठने के लिए भी इंतजाम किए गए हैं। पास में ही पूछताछ केंद्र भी बना है। इसके बावजूद बसें चालक प्लेटफार्म पर नहीं खड़ी कर रहे हैं। बस पकड़ने के लिए यात्रियों को सड़क पर खड़ेे रहकर इंतजार करने की मजबूरी है। भीषण ठंड में बिना शेड के यात्री घंटों इतजार करते हैं।
उधर, सड़क पर बसें खड़ी होने से लंबा जाम लगता है। दुकानदारों व दैनिक यात्रियों ने बताया कि विभागीय सख्ती के बाद कुछ दिन सबकुछ ठीक-ठाक चला। बसें स्टैंड के भीतर ही अपनी लेन में खड़ी होती थीं। यात्रियों को भी पता था कि गंतव्य तक जाने के लिए उनकी बस किस लेन से उपलब्ध होगी।
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पिछले 15 दिनों से अब फिर से चालकों, परिचालकों ने मनमानी शुरू कर दी है। कोई भी चालक निर्धारित लेन में बस नहीं खड़ी करता है। बस स्टैंड के बाहरी हिस्से में कुछ देर बस खड़ी करने के बाद चालक बाहर सड़क से सवारियां भरनी शुरू कर देते हैं। तिराहे तक करीब डेढ़ सौ मीटर के दायरे बसें खड़ी होकर सवारियां भरती हैं। ऐसे में सामने से बस आने पर जाम की स्थिति बन जाती है।
बीच-बीच में सख्ती, फिर पुराने ढर्रे पर पुलिस
कई-कई बार बस स्टैंड के अधिकारियों और यातायात पुलिस के कहने के बावजूद चालक अपनी मनमानी पर उतारू हैं। वहीं सड़क पर चलती बस में भी यात्रियों को चढ़ाया जा रहा है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, सख्ती के नाम पर जिम्मेदार जिम्मेदार चालकों-परिचालकों पर कार्रवाई न करके सिर्फ हिदायत देकर ही काम चला देते हैं। ऐसे में उनके हौंसले बुलंद हो रहे हैं।
दुकानदार और राहगीर होते हैं परेशान
इटावा डिपो में लगभग 83 बसें हैं। इनके साथ ही बाहर से आने वाली बसों की भी संख्या लगभग इतनी ही है। इनके खड़े करने के लिए बेहतर व्यवस्थाएं होने के बावजूद चालक सवारियां भरने में होड़ में उन्हें सड़क पर खड़ा कर लेते हैं। ऐसे में बस स्टैंड से यात्रा करने वाले लगभग सात हजार यात्रियों को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं राहगीर भी परेशान रहते हैं।
बस अड्डे पर एक नजर
1- डिपो से रोजना 83 बसें अलग-अलग रूटों पर चलती हैं
2- रोजाना 7 हजार से ज्यादा यात्री गंतव्य के लिए रवाना होते हैं
3- बसों को खड़ा करने के लिए लगभग 16 प्लेटफार्म तय हैं
जिम्मेदार बोले
एआरएम डीएम सक्सेना ने बताया कि सभी चालक-परिचालकों को यह आदेश है कि कोई भी बस सड़क पर खड़ी करके नहीं भरी जाएगी। नियमित इसकी निगरानी भी कराई जा रही है, फिर भी कुछ चालक यदि मनमानी कर रहे हैं तो उनके खिलाफ अब कार्रवाई की जाएगी।
यातायात प्रभारी सूबेदार सिंह ने बताया कि रोडवेज अधिकारियों से आग्रह किया गया था कि सड़क पर बसें खड़ी न की जाएं ताकि जाम की समस्या से निजात न मिल सके। कुछ दिन सुधार रहने के बावजूद चालकाें की मनमानी शुरू हो जाती है। इस संबंध में रोडवेज अधिकारियों से वार्ता करके कार्रवाई की जाएगी।
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रोडवेज बस स्टैंड पर बसों को खड़ा करने के लिए लगभग 16 प्लेटफार्म बनवाए गए हैं। इन प्लेटफार्म के पास ही लोगों के बैठने के लिए भी इंतजाम किए गए हैं। पास में ही पूछताछ केंद्र भी बना है। इसके बावजूद बसें चालक प्लेटफार्म पर नहीं खड़ी कर रहे हैं। बस पकड़ने के लिए यात्रियों को सड़क पर खड़ेे रहकर इंतजार करने की मजबूरी है। भीषण ठंड में बिना शेड के यात्री घंटों इतजार करते हैं।
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उधर, सड़क पर बसें खड़ी होने से लंबा जाम लगता है। दुकानदारों व दैनिक यात्रियों ने बताया कि विभागीय सख्ती के बाद कुछ दिन सबकुछ ठीक-ठाक चला। बसें स्टैंड के भीतर ही अपनी लेन में खड़ी होती थीं। यात्रियों को भी पता था कि गंतव्य तक जाने के लिए उनकी बस किस लेन से उपलब्ध होगी।
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पिछले 15 दिनों से अब फिर से चालकों, परिचालकों ने मनमानी शुरू कर दी है। कोई भी चालक निर्धारित लेन में बस नहीं खड़ी करता है। बस स्टैंड के बाहरी हिस्से में कुछ देर बस खड़ी करने के बाद चालक बाहर सड़क से सवारियां भरनी शुरू कर देते हैं। तिराहे तक करीब डेढ़ सौ मीटर के दायरे बसें खड़ी होकर सवारियां भरती हैं। ऐसे में सामने से बस आने पर जाम की स्थिति बन जाती है।
बीच-बीच में सख्ती, फिर पुराने ढर्रे पर पुलिस
कई-कई बार बस स्टैंड के अधिकारियों और यातायात पुलिस के कहने के बावजूद चालक अपनी मनमानी पर उतारू हैं। वहीं सड़क पर चलती बस में भी यात्रियों को चढ़ाया जा रहा है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, सख्ती के नाम पर जिम्मेदार जिम्मेदार चालकों-परिचालकों पर कार्रवाई न करके सिर्फ हिदायत देकर ही काम चला देते हैं। ऐसे में उनके हौंसले बुलंद हो रहे हैं।
दुकानदार और राहगीर होते हैं परेशान
इटावा डिपो में लगभग 83 बसें हैं। इनके साथ ही बाहर से आने वाली बसों की भी संख्या लगभग इतनी ही है। इनके खड़े करने के लिए बेहतर व्यवस्थाएं होने के बावजूद चालक सवारियां भरने में होड़ में उन्हें सड़क पर खड़ा कर लेते हैं। ऐसे में बस स्टैंड से यात्रा करने वाले लगभग सात हजार यात्रियों को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं राहगीर भी परेशान रहते हैं।
बस अड्डे पर एक नजर
1- डिपो से रोजना 83 बसें अलग-अलग रूटों पर चलती हैं
2- रोजाना 7 हजार से ज्यादा यात्री गंतव्य के लिए रवाना होते हैं
3- बसों को खड़ा करने के लिए लगभग 16 प्लेटफार्म तय हैं
जिम्मेदार बोले
एआरएम डीएम सक्सेना ने बताया कि सभी चालक-परिचालकों को यह आदेश है कि कोई भी बस सड़क पर खड़ी करके नहीं भरी जाएगी। नियमित इसकी निगरानी भी कराई जा रही है, फिर भी कुछ चालक यदि मनमानी कर रहे हैं तो उनके खिलाफ अब कार्रवाई की जाएगी।
यातायात प्रभारी सूबेदार सिंह ने बताया कि रोडवेज अधिकारियों से आग्रह किया गया था कि सड़क पर बसें खड़ी न की जाएं ताकि जाम की समस्या से निजात न मिल सके। कुछ दिन सुधार रहने के बावजूद चालकाें की मनमानी शुरू हो जाती है। इस संबंध में रोडवेज अधिकारियों से वार्ता करके कार्रवाई की जाएगी।