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Etawah News: बदली दिनचर्या तो शुगर व बीपी के मरीजों की बढ़ी संख्या
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इटावा। कड़ाके की ठंड के साथ लोगों की दिनचर्या बदल गई है। सर्दी की वजह से शारीरिक गतिविधियों में कमी का सबसे ज्यादा असर शुगर व बीपी के मरीजों पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में शुगर की जांच कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 100 के करीब पहुंच गई है। यह सामान्य दिनों की अपेक्षा दोगुनी है। कुछ माह पहले इनकी संख्या 40 से 45 के बीच रहती थी। इनमें कई मरीजों का शुगर स्तर 300 से भी अधिक दर्ज किया गया है।
शनिवार को डॉ. बीआर आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल में सबसे अधिक रक्तचाप और शुगर के मरीजों की लाइन लगी मिली। यहां पर करीब 100 मरीजों की रक्तचाप व शुगर की जांच की गई। घना कोहरा बढ़ते ही इन मरीजों की संख्या में इजाफा होना शुरू हो गया। वहीं, सामान्य दिनों में 40 से 45 मरीजों में शुगर व बीपी की समस्या मिलती थी।
डॉ. सौरभ यादव ने बताया कि सर्दी बढ़ने के साथ ही लोगों में रक्तचाप और शुगर बढ़ने की समस्या अधिक हो जाती है। इसमें सबसे अधिक 40 से अधिक उम्र के लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 40 साल की उम्र में उच्च रक्तचाप की समस्या से ग्रसित लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण दिनचर्या बदलने के साथ रोजाना व्यायाम न करना है। वहीं, अधिक नमक युक्त भोजन करने से रक्तचाप अधिक रहता है।
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डॉ. सौरभ यादव ने बताया कि सर्दी के मौसम में लोग आलू का अधिक सेवन करते हैं। आलू से मिलने वाली कैलोरी को लोग दिनभर में खपा नहीं पाते हैं। कैलोरी शरीर में अधिक बढ़ने पर बीपी, शुगर की बीमारी होने की अधिक संभावना रहती है। आलू में स्टार्च की मात्रा अधिक होने से शुगर की बीमारी को बढ़ाता है। लोग आलू की जगह हरी सब्जियों का अधिक उपयोग करें। यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है। साथ ही शुगर व बीपी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
शुगर के प्रमुख लक्षण-- -
-बेहोशी आना
-धुंधला दिखाई देना
-मचली आना
-अधिक प्यास लगना
-शरीर में थकावट रहना
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इस तरह शुगर व बीपी करें नियंत्रित-- -
-हर रोज एक घंटा तेज गति से टहलें।
-हर रोज सुबह-शाम व्यायाम करें।
-प्रतिदिन साइकिल चलाने की आदत डालें।
-सर्दी में पानी का अधिक सेवन करें।
-भोजन में हरी सब्जी, मौसमी फल शामिल करें।
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शनिवार को डॉ. बीआर आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल में सबसे अधिक रक्तचाप और शुगर के मरीजों की लाइन लगी मिली। यहां पर करीब 100 मरीजों की रक्तचाप व शुगर की जांच की गई। घना कोहरा बढ़ते ही इन मरीजों की संख्या में इजाफा होना शुरू हो गया। वहीं, सामान्य दिनों में 40 से 45 मरीजों में शुगर व बीपी की समस्या मिलती थी।
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डॉ. सौरभ यादव ने बताया कि सर्दी बढ़ने के साथ ही लोगों में रक्तचाप और शुगर बढ़ने की समस्या अधिक हो जाती है। इसमें सबसे अधिक 40 से अधिक उम्र के लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 40 साल की उम्र में उच्च रक्तचाप की समस्या से ग्रसित लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण दिनचर्या बदलने के साथ रोजाना व्यायाम न करना है। वहीं, अधिक नमक युक्त भोजन करने से रक्तचाप अधिक रहता है।
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डॉ. सौरभ यादव ने बताया कि सर्दी के मौसम में लोग आलू का अधिक सेवन करते हैं। आलू से मिलने वाली कैलोरी को लोग दिनभर में खपा नहीं पाते हैं। कैलोरी शरीर में अधिक बढ़ने पर बीपी, शुगर की बीमारी होने की अधिक संभावना रहती है। आलू में स्टार्च की मात्रा अधिक होने से शुगर की बीमारी को बढ़ाता है। लोग आलू की जगह हरी सब्जियों का अधिक उपयोग करें। यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है। साथ ही शुगर व बीपी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
शुगर के प्रमुख लक्षण
-बेहोशी आना
-धुंधला दिखाई देना
-मचली आना
-अधिक प्यास लगना
-शरीर में थकावट रहना
इस तरह शुगर व बीपी करें नियंत्रित
-हर रोज एक घंटा तेज गति से टहलें।
-हर रोज सुबह-शाम व्यायाम करें।
-प्रतिदिन साइकिल चलाने की आदत डालें।
-सर्दी में पानी का अधिक सेवन करें।
-भोजन में हरी सब्जी, मौसमी फल शामिल करें।