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...और रैपिड सर्वे से अलग हो गए टीचर

Sun, 14 Jun 2015 10:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Sun, 14 Jun 2015 10:31 PM IST
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... And have been excluded from the survey Rapid Teacher

टीचरों के विरोध के बाद अब प्रशासन ने प्रेरकों, अनुदेशकों और स्नातक सफाई कर्मियों से रैपिड सर्वे कराने का मन बनाया है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि इसका विरोध कर रहे परिषदीय टीचरों के खिलाफ प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा।

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चूंकि रैपिड सर्वे 15 जून से 21 जून तक पूरा किया जाना है। लिहाजा प्रशासन की नजर इस निश्चित अवधि में सर्वे कार्य पूरा कराना है। इसके लिए प्रेरकों आदि को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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मालूम हो कि पंचायत चुनाव को लेकर शासन के निर्देश पर प्रशासन रैपिड सर्वे की तैयारी कर रहा है। इस सर्वे के तहत ओबीसी की गणना होनी है। चूंकि यह गणना पंचायत चुनाव से पूर्व हर दस वर्ष के बाद होती है। लिहाजा इसे मिनी जनगणना माना जाता है। अधिकारियों का तर्क भी यही है कि रैपिड सर्वे सामान्य जनगणना की ही श्रेणी में आता है।
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ऐसे में कोर्ट के आदेशानुसार परिषदीय विद्यालयों के टीचरों को यह कार्य सौंपा जा सकता है। प्रशासन ने इसी आधार पर रैपिड सर्वे करने वाले प्रगणकों के तौर पर परिषदीय टीचरों को लगाया था लेकिन प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस ड्यूटी का पुरजोर विरोध किया। डीएम से लेकर ब्लाक स्तर पर एसडीएम को विरोध स्वरूप ज्ञापन दिए।

बहिष्कार की घोषणा के चलते गत शनिवार को ब्लाकों में होने वाले प्रगणकों के प्रशिक्षण में भी उक्त टीचर शामिल नहीं हुए। इस वजह से प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं हो सके।  एसडीएम सदर महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने बसरेहर और बढ़पुरा ब्लाक क्षेत्र में प्रशिक्षण देने के लिए टीचरों की जगह प्रेरक आदि कर्मचारियों को लगाया है।

जबकि रैपिड सर्वे की मॉनीटरिंग के लिए हर 10 प्रगणकों पर एक सुपरवाइजर लगाया गया है। सुपरवाइजरों का दायित्व ग्राम विकास अधिकारी और एडीओ को सौंपा है। उन्होंने कहा कि विरोध कर रहे टीचरों के संबंध में कोई भी निर्णय डीएम को लेना है।

उधर जसवंतनगर में भी रैपिड सर्वे का कार्य सफाई कर्मी और नलकूप चालकों से कराया जाएगा। एसडीएम हंसराज यादव ने बताया टीचरों की हड़ताल को देखते हुए रैपिड सर्वे के कार्य को समय से पूरा कराने के लिए सफाई कर्मियों, रोजगार कर्मियों, नलकूप चालकों, प्रेरकों को लगाया गया है।

क्षेत्र के कुल 30,237 परिवारों के सर्वे के लिए 152 कर्मचारी लगाए गए हैं जबकि 15 सुपरवाइजरों के पदों पर लेखपालों व पंचायत सचिवों की ड्यूटी लगाई है। सभी कर्मचारियों को निर्देश है कि किसी के बहकावे या दबाव में गणना कार्यवाही न करें। कोई घर सर्वे से छूट न जाए।

उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों की पहली बार इस तरह की ड्यूटी लगाई गई है वह किसी प्रकार की समस्या आने पर वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों से परामर्श कर सकते हैं। रविवार होने के बावजूद बीएलओ, रैपिड सर्वे कर्मियों आदि का प्रशिक्षण तहसील सभागार में हुआ।


इस दौरान एडीओ पंचायत अरुण कुमार पांडेय, रामकुमार आदि उपस्थित रहे। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को स्टेशनरी, लेखन सामग्री का वितरण किया गया।

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