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20 साल बाद पड़ी कड़ाके की ठंड, पोर-पोर कांपे
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इटावा/सैफई। 23 जनवरी मौसम का सबसे ठंडा दिन साबित हुआ। पूरे दिन सूूर्यदेव की दर्शन नहीं हुए। सुबह से ठंडी हवाओं के बीच शुरू हुई गलन की वजह से न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तक नीचे चला गया, जिससे लोग कांप उठे।
रविवार को अधिकतम तापमान भी एक डिग्री कम रहा। लोग घरों के बाहर आग जलाकर बैठे रहे। राहत की बात यह रही कि रविवार के अवकाश होने की वजह से ज्यादातर लोग घरों में ही रहे।
रविवार को न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि शनिवार को न्यूनतम तापमान 12 और अधिकतम तापमान 19 डिग्री था।
करीब 85 वर्षीय बुजुर्ग एवं समाजसेवी दिवाकांत शुक्ला का कहना है कि वर्ष का ठीक से तो अनुमान नहीं लगा सकते, लेकिन करीब दो दशक बाद ऐसी कड़ाकेदार सर्दी पड़ रही है।
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मकर संक्रांति के बाद पड़ने वाली सर्दी की बात करें तो कम से कई सालों बाद ऐसी ठिठुरन वाली ठंड पड़ रही है। सैफई क्षेत्र में भी इन दिनों पड़ रही ठंड से लोग बेहाल हो गए हैं। कड़ाके की ठंड से पूरा जन-जीवन अस्तव्यस्त हो गया है।
कड़ाके की ठंड पड़ने के बावजूद प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है। पीजीआई चौराहा, सैफई गोल चक्कर चौराहा, थाने समीप चौराहा, पीजीआई चौराहा के पास अलाव नहीं जलने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हालत यह है कि लोग खुद ही लकड़ी खरीद कर व अन्य साधनों से अलाव जलाकर हाथ ताप रहे हैं। लोगों में प्रशासनिक अधिकारियों व प्रतिनिधियों के प्रति निराशा का भाव देखा जा रहा है।
आग जलाकर ठंड से बचने की कोशिश में लगे लोगों ने बताया कि 10 दिनों की ठंड ने लोगों की हालत खराब कर दी है। लोगों ने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से जगह-जगह पर अलाव जलवाने के लिए गुहार भी लगाई, जिससे इस कड़कड़ाती ठंड से राहत मिल सके।
दुकानदार गौरव कश्यप, आलोक गुप्ता, प्रशांत गुप्ता, रजत समेत सभी दुकानदारों ने अलाव जलाए जाने की मांग की है।
उधर, एसडीएम ज्योत्सना बंधु ने बताया कि तहसील क्षेत्र में जो भी प्वाइंट बनाए गए हैं, वहां पर प्रतिदिन अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है और रोजाना अलावा भी जलाए जा रहे हैं। जहां अलावा नहीं जल रहे हैं, इसकी जांच कराई जाएगी और संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्र में बीमार पड़ते जा रहे लोग
इकदिल। लगातार सर्दी बढ़ने से खुद को सिर से लेकर पैर तक गर्म कपड़े पहनने और आग के पास बैठने के बावजूद लोग सर्दी से बच नहीं पा रहे हैं। लिहाजा लोग खांसी, जुकाम से ग्रसित होते जा रहे हैं।
बढ़ती सर्दी से बूढ़े और बच्चे सबसे ज्यादा ग्रसित हैं। सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ने से व्यापारियों को भी नुकसान हो रहा है। इस समय शादी विवाह का दौर चल रहा है।
इसकी वजह से दुकानदारी पर असर पड़ रहा है। रेडीमेड व्यापारी मोहम्मद चमन खान ने कहा कि दुकान पर ग्राहकों का इंतजार करते पूरा दिन बीत जाता है, इक्का दुक्का ग्राहक आए तो आए, लेकिन सर्दी बढ़ने पर एक भी लोग नहीं आते।
बताया कि पूरा दिन इंतजार में ही बीत जाता है। हालत यह हो गई कि सर्दी की वजह से घटते ग्राहकों की वजह से दुकान का किराया भी निकलना मुश्किल हो रहा है।
ठंड से चौराहों पर दम तोड़ रहे घुमंतू गोवंश
चकरनगर। शीतलहर चलने से सर्दी घुमंतू गोवंशों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। हनुमंतपुरा चौराहा के किनारे बैठने वाले गोवंशों को सर्दी से बचने के लिए कहीं कोई छाया न मिलने और बरसात में भीग कर गोवंश सर्दी से मौत के मुंह में जा रहे हैं।
भीषण सर्दी से रविवार सुबह चौराहे के निकट गायों के बैठे झुंड में एक गाय मृत अवस्था में मिली। दुकानदारों ने मृत गोवंश को दफनाने की व्यवस्था की। देवेंद्र दुबे, श्याम तिवारी और बंटी पोरवाल आदि ने बताया कि इससे पूर्व भी कई गोवंश सर्दी से चौराहे पर मर चुके हैं।
हम लोगों ने सामूहिक रूप से गोवंशों को दफनाया। आवारा गोवंशों की स्थिति खराब है और भूख-प्यास से मर रहे हैं।
रुक-रुक कर बारिश, बढ़ी ठंड
महेवा। क्षेत्र में दो दिन से हो रही रुक-रुक कर होने वाली बरसात और धूप न निकलने से लोग ठिठुरते रहे हैं। सर्दी से बचने के लिए आग के पास बैठकर दिन गुजार रहे हैं। एक ओर कड़ाके की सर्दी पड़ने का दौर जारी है।
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रविवार को अधिकतम तापमान भी एक डिग्री कम रहा। लोग घरों के बाहर आग जलाकर बैठे रहे। राहत की बात यह रही कि रविवार के अवकाश होने की वजह से ज्यादातर लोग घरों में ही रहे।
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रविवार को न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि शनिवार को न्यूनतम तापमान 12 और अधिकतम तापमान 19 डिग्री था।
करीब 85 वर्षीय बुजुर्ग एवं समाजसेवी दिवाकांत शुक्ला का कहना है कि वर्ष का ठीक से तो अनुमान नहीं लगा सकते, लेकिन करीब दो दशक बाद ऐसी कड़ाकेदार सर्दी पड़ रही है।
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मकर संक्रांति के बाद पड़ने वाली सर्दी की बात करें तो कम से कई सालों बाद ऐसी ठिठुरन वाली ठंड पड़ रही है। सैफई क्षेत्र में भी इन दिनों पड़ रही ठंड से लोग बेहाल हो गए हैं। कड़ाके की ठंड से पूरा जन-जीवन अस्तव्यस्त हो गया है।
कड़ाके की ठंड पड़ने के बावजूद प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है। पीजीआई चौराहा, सैफई गोल चक्कर चौराहा, थाने समीप चौराहा, पीजीआई चौराहा के पास अलाव नहीं जलने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हालत यह है कि लोग खुद ही लकड़ी खरीद कर व अन्य साधनों से अलाव जलाकर हाथ ताप रहे हैं। लोगों में प्रशासनिक अधिकारियों व प्रतिनिधियों के प्रति निराशा का भाव देखा जा रहा है।
आग जलाकर ठंड से बचने की कोशिश में लगे लोगों ने बताया कि 10 दिनों की ठंड ने लोगों की हालत खराब कर दी है। लोगों ने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से जगह-जगह पर अलाव जलवाने के लिए गुहार भी लगाई, जिससे इस कड़कड़ाती ठंड से राहत मिल सके।
दुकानदार गौरव कश्यप, आलोक गुप्ता, प्रशांत गुप्ता, रजत समेत सभी दुकानदारों ने अलाव जलाए जाने की मांग की है।
उधर, एसडीएम ज्योत्सना बंधु ने बताया कि तहसील क्षेत्र में जो भी प्वाइंट बनाए गए हैं, वहां पर प्रतिदिन अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है और रोजाना अलावा भी जलाए जा रहे हैं। जहां अलावा नहीं जल रहे हैं, इसकी जांच कराई जाएगी और संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्र में बीमार पड़ते जा रहे लोग
इकदिल। लगातार सर्दी बढ़ने से खुद को सिर से लेकर पैर तक गर्म कपड़े पहनने और आग के पास बैठने के बावजूद लोग सर्दी से बच नहीं पा रहे हैं। लिहाजा लोग खांसी, जुकाम से ग्रसित होते जा रहे हैं।
बढ़ती सर्दी से बूढ़े और बच्चे सबसे ज्यादा ग्रसित हैं। सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ने से व्यापारियों को भी नुकसान हो रहा है। इस समय शादी विवाह का दौर चल रहा है।
इसकी वजह से दुकानदारी पर असर पड़ रहा है। रेडीमेड व्यापारी मोहम्मद चमन खान ने कहा कि दुकान पर ग्राहकों का इंतजार करते पूरा दिन बीत जाता है, इक्का दुक्का ग्राहक आए तो आए, लेकिन सर्दी बढ़ने पर एक भी लोग नहीं आते।
बताया कि पूरा दिन इंतजार में ही बीत जाता है। हालत यह हो गई कि सर्दी की वजह से घटते ग्राहकों की वजह से दुकान का किराया भी निकलना मुश्किल हो रहा है।
ठंड से चौराहों पर दम तोड़ रहे घुमंतू गोवंश
चकरनगर। शीतलहर चलने से सर्दी घुमंतू गोवंशों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। हनुमंतपुरा चौराहा के किनारे बैठने वाले गोवंशों को सर्दी से बचने के लिए कहीं कोई छाया न मिलने और बरसात में भीग कर गोवंश सर्दी से मौत के मुंह में जा रहे हैं।
भीषण सर्दी से रविवार सुबह चौराहे के निकट गायों के बैठे झुंड में एक गाय मृत अवस्था में मिली। दुकानदारों ने मृत गोवंश को दफनाने की व्यवस्था की। देवेंद्र दुबे, श्याम तिवारी और बंटी पोरवाल आदि ने बताया कि इससे पूर्व भी कई गोवंश सर्दी से चौराहे पर मर चुके हैं।
हम लोगों ने सामूहिक रूप से गोवंशों को दफनाया। आवारा गोवंशों की स्थिति खराब है और भूख-प्यास से मर रहे हैं।
रुक-रुक कर बारिश, बढ़ी ठंड
महेवा। क्षेत्र में दो दिन से हो रही रुक-रुक कर होने वाली बरसात और धूप न निकलने से लोग ठिठुरते रहे हैं। सर्दी से बचने के लिए आग के पास बैठकर दिन गुजार रहे हैं। एक ओर कड़ाके की सर्दी पड़ने का दौर जारी है।