{"_id":"5ebc111d8ebc3e908644e72c","slug":"administration-shook-the-whole-district-in-doubt-etawha-news-knp559955811","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन हिला, संदेह में पूरा जिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशासन हिला, संदेह में पूरा जिला
विज्ञापन
अहमदाबाद से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लौटा अधेड़ के कोरोना पाजिटिव मिलने के बाद ट्रेन से आए जिले के सभी 236 यात्री संदेह के दायरे में
आ गए हैं।
इससे जिला प्रशासन में खलबली मच गई है। अधेड़ के पाजिटिव आने की रिपोर्ट के साथ ही जिला प्रशासन की हाईलेबल मीटिंग शुरू हो
गई। प्रशासन अब ट्रेन से आए सभी यात्रियों की जांच और उनके गांव व मोहल्लों में सेनेटाइजर का छिड़काव कराने की तैयारी कर रहा है।
संतोषपुरा गांव का 59 वर्षीय अधेड़े श्रमिक स्पेशल ट्रेन (साबरमती एक्सप्रेस) से सोमवार को लौटा था। ट्रेन 24 डिब्बे की थी, ट्रेन के किस डिब्बे में
अधेड़ और उसका परिवार सवार था इसकी जानकारी रेलवे और जिले के अधिकारियों को नहीं है।
जिस डिब्बे में पाजिटिव निकला अधेड़ सवार था उसमें किस किस जिले के लोग थे इसका भी ब्योरा प्रशासन के पास नहीं है। ट्रेन से उतरने के बाद अधेड़ और उसके परिवार को बस से भी नहीं भेजा गया।
अधेड़ व उसके सभी सदस्यों को लेने गांव के तीन युवक बाइक लेकर आए थे। बाइक से उन्होंने संतोषपुरा से इटावा के तीन चक्कर लगाए।
ट्रेन में अधेड़ के परिवार के अलावा जिले के 228 लोग भी सवार थे। इनमें से कौन कौन अधेड़ की बोगी में था इसको लेकर जिला प्रशासन में खलबली
मच गई है।
अधेड़ की रिपोर्ट पाजिटिव आते ही जिला प्रशासन की हाईलेबल मीटिंग शुरू हो गई। प्रशासन टे्रन से आए सभी यात्रियों और उनके परिवार के सदस्यों की दोबारा जांच के साथ सैंपलिंग कराने की तैयारी कर रहा है।
उरैग गांव के संतोषपुरा मजरे की आबादी करीब 950 है। डिप्टी सीएमओ डा. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि सबसे पहले संतोषपुरा के प्रत्येक सदस्य की
थर्मल स्कैनिंग की जाएगी।
अधेड़ व उसके परिवार के संपर्क में आए सभी लोगों के सैंपल भी लिए जाएंगे। इसके अलावा संतोषपुरा गांव के आसपास तीन किलोमीटर दायरे में जो भी गांव आएंगे, उन गांवों के लोगों की भी थर्मल स्केनिंग कराई जाएगी। उन गांवों में सेनेटाजर का छिड़काव भी कराया जाएगा।
विज्ञापन
श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आए 1187 श्रमिको में सबसे ज्यादा 236 इटावा जिले के थे। इसके बाद जालौन जिले 195 और औरैया के 159 के
यात्री आए थे। बाँदा जिले के 67, कानपुर देहात के 53, रायबरेली के 50, मैनपुरी के 45, उन्नाव के 35, कानपुर नगर के 28, कुशीनगर व मउ के
27-27, अमेठी के 26,
आगरा के 21, देवरिया के 19,कासगंज के 15,फिऱोजबाद के 14, कन्नौज व अम्बेडकर नगर के 12-12,फतेहपुर-हरदोई के 11 श्रमिक शामिल है। इसके अलावा रामपुर,सीतापुर,लखीमपुर, महराजगंज के 10-10, गोरखपुर, फरूखाबाद के 9-9,चित्रकूट के 8, सिद्धार्थनगर
के 7, बरेली,
आजमगढ़ के 6-6,मुरादाबाद,प्रतापगढ़ के 5-5, संतकबीरनगर, एटा के 4-4,प्रयागराज, शाहजहांपुर, हाथरस के 3-3,अयोध्या, गोंडा,
कौशाम्बी के 2-2 ओर बस्ती,अलीगढ़, बलिया,बहराइच,गाजीपुर व सुल्तानपुर का 1-1श्रमिक ट्रेन से आए थे। चूंकि ये स्पष्ट नहीं है कि पाजिटिव
अधेड़ किस डिब्बे में था इससे सभी 1187 श्रमिक संदेह के दायरे में आ गए हैं।
विज्ञापन
आ गए हैं।
इससे जिला प्रशासन में खलबली मच गई है। अधेड़ के पाजिटिव आने की रिपोर्ट के साथ ही जिला प्रशासन की हाईलेबल मीटिंग शुरू हो
गई। प्रशासन अब ट्रेन से आए सभी यात्रियों की जांच और उनके गांव व मोहल्लों में सेनेटाइजर का छिड़काव कराने की तैयारी कर रहा है।
संतोषपुरा गांव का 59 वर्षीय अधेड़े श्रमिक स्पेशल ट्रेन (साबरमती एक्सप्रेस) से सोमवार को लौटा था। ट्रेन 24 डिब्बे की थी, ट्रेन के किस डिब्बे में
अधेड़ और उसका परिवार सवार था इसकी जानकारी रेलवे और जिले के अधिकारियों को नहीं है।
जिस डिब्बे में पाजिटिव निकला अधेड़ सवार था उसमें किस किस जिले के लोग थे इसका भी ब्योरा प्रशासन के पास नहीं है। ट्रेन से उतरने के बाद अधेड़ और उसके परिवार को बस से भी नहीं भेजा गया।
अधेड़ व उसके सभी सदस्यों को लेने गांव के तीन युवक बाइक लेकर आए थे। बाइक से उन्होंने संतोषपुरा से इटावा के तीन चक्कर लगाए।
ट्रेन में अधेड़ के परिवार के अलावा जिले के 228 लोग भी सवार थे। इनमें से कौन कौन अधेड़ की बोगी में था इसको लेकर जिला प्रशासन में खलबली
मच गई है।
अधेड़ की रिपोर्ट पाजिटिव आते ही जिला प्रशासन की हाईलेबल मीटिंग शुरू हो गई। प्रशासन टे्रन से आए सभी यात्रियों और उनके परिवार के सदस्यों की दोबारा जांच के साथ सैंपलिंग कराने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
उरैग गांव के संतोषपुरा मजरे की आबादी करीब 950 है। डिप्टी सीएमओ डा. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि सबसे पहले संतोषपुरा के प्रत्येक सदस्य की
थर्मल स्कैनिंग की जाएगी।
अधेड़ व उसके परिवार के संपर्क में आए सभी लोगों के सैंपल भी लिए जाएंगे। इसके अलावा संतोषपुरा गांव के आसपास तीन किलोमीटर दायरे में जो भी गांव आएंगे, उन गांवों के लोगों की भी थर्मल स्केनिंग कराई जाएगी। उन गांवों में सेनेटाजर का छिड़काव भी कराया जाएगा।
विज्ञापन
श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आए 1187 श्रमिको में सबसे ज्यादा 236 इटावा जिले के थे। इसके बाद जालौन जिले 195 और औरैया के 159 के
यात्री आए थे। बाँदा जिले के 67, कानपुर देहात के 53, रायबरेली के 50, मैनपुरी के 45, उन्नाव के 35, कानपुर नगर के 28, कुशीनगर व मउ के
27-27, अमेठी के 26,
आगरा के 21, देवरिया के 19,कासगंज के 15,फिऱोजबाद के 14, कन्नौज व अम्बेडकर नगर के 12-12,फतेहपुर-हरदोई के 11 श्रमिक शामिल है। इसके अलावा रामपुर,सीतापुर,लखीमपुर, महराजगंज के 10-10, गोरखपुर, फरूखाबाद के 9-9,चित्रकूट के 8, सिद्धार्थनगर
के 7, बरेली,
आजमगढ़ के 6-6,मुरादाबाद,प्रतापगढ़ के 5-5, संतकबीरनगर, एटा के 4-4,प्रयागराज, शाहजहांपुर, हाथरस के 3-3,अयोध्या, गोंडा,
कौशाम्बी के 2-2 ओर बस्ती,अलीगढ़, बलिया,बहराइच,गाजीपुर व सुल्तानपुर का 1-1श्रमिक ट्रेन से आए थे। चूंकि ये स्पष्ट नहीं है कि पाजिटिव
अधेड़ किस डिब्बे में था इससे सभी 1187 श्रमिक संदेह के दायरे में आ गए हैं।