फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   action

रिश्वत लेकर मंडी से गाडिय़ा निकालने वाला निरीक्षक निलंबित

Mon, 28 Dec 2020 10:56 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 28 Dec 2020 10:56 PM IST
विज्ञापन
action
ऊसराहार(इटावा)। रिश्वत लेकर बिना गेट पास जारी किए मंडी गेट से गाड़ियां निकलवाने के मामले में इटावा की नई मंडी निरीक्षक सोगेंद्र सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया है। एक दिन पहले ही रिश्वत लेते हुए उनका वीडियो वायरल हुआ था। सोगेंद्र सिंह के रिश्वत लेने के 5.48 मिनट का वीडियो शासन तक पहुंचा तो उच्चाधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।
विज्ञापन

शासन के निर्देश पर मंडी सचिव अनिल कुमार ने वीडियो की जांच करने के बाद सोमवार को अपनी रिपोर्ट भेजी। उनकी जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया सोगेंद्र सिंह को दोषी ठहराया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर उन्हें निलंबित कर फर्रुखाबाद मंडी से संबद्ध कर दिया गया है। उप निदेशक अजीत कुमार ने बताया सोगेंद्र सिंह के विरूद्ध जांच भी बैठा दी गई है। वायरल वीडियो प्रकरण में जांच फर्रुखाबाद के मंडी सचिव को सौंपी गई है। दो माह पहले मंडी गेट पर मिली अनियमितता के मामले में भी सोगेंद्र सिंह को दोषी पाया गया है। इस मामले में भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन

नई मंडी के गेट नंबर दो पर तैनात मंडी निरीक्षक सोगेंद्र सिंह यादव बिना गेट पास जारी किए वाहनों को मंडी गेट से निकलवाकर अपनी जेब भरकर विभाग को हर महीने लाखों रुपये राजस्व का चूना लगा रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीड़ित प्रदीप कुमार व आमीन खां ने बताया मंडी निरीक्षक उन्हें आर्थिक रुप से प्रताड़ित करते थे। यदि वह गेटपास बनवा लेते थे तो मंडी निरीक्षक मंडी की कांटा पर्ची से वजन को नहीं मानते थे। पूरी गाड़ी को अनलोड कर दोबारा वजन कराने के लिए दबाव बनाते थे। पैसा देकर बिना गेट पास लिए ही मंडी से जाने की राय देते थे। इतना ही नहीं उनके पास अभी भी मंडी से लहसुन खरीदने की रसीदें हैं, जिसे 2800 रुपये से 3500 रुपये कुंतल के भाव पर खरीदा है। जिन्हें मंडी निरीक्षक को दिखाने के बाद भी छह से सात हजार रुपये कुंतल का गेटपास बनाने की धमकी देता था। इसलिए तंग आकर इसका वीडियो बनाकर वायरल करना पड़ा। लहसुन खरीदने पर मंडी से बाहर ले जाते समय डेढ़ प्रतिशत मंडी शुल्क जमा करना पड़ता है, जबकि मंडी निरीक्षक व्यापारियों को यह शुल्क जमा न करके सीधे रिश्वत मांगता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed