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सूत मिल चालू कराने के भरोसा दिया
Etawah
Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
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मुलायम सिंह यादव ने भी दिया था मिल चालू कराने का आश्वासन
इटावा। इटावा में करीब 20 साल से बंद पड़ी एक मात्र सूत मिल चालू कराने के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भरोसे के बाद जिले में रोजगार की संभावना एक बार फिर पैदा हो गई है। अखिलेश सरकार की ओर से दिया गया यह भरोसा यदि वाकई में साकार होता है तो सूत मिल के बेरोजगार कर्मचारियों के अलावा हजारों की संख्या में बुनकरों की रोजी-रोटी चल पड़ेगी। सैफई में विकास कार्यों का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों के सूत मिल चालू कराने के सवाल पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें भरोसा दिया है। उसके बाद से सूत मिल परिसर में रह रहे कर्मचारियों के चेहरे पर रौनक देखने को मिल रही है।
बीते दो सप्ताह पहले यूपी कोआपरेटिव स्पिनिंग मिल्स के महाप्रबंधक की ओर से मिल परिसर की कालोनी में रह रहे मजदूर कर्मचारियों को घर खाली करने का नोटिस भेजा गया था। घर के बेदखल करने के इस नोटिस के बाद यहां रह रहे परिवारों में खलबली मच गई थी। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। शासन स्तर पर भी अमर उजाला की इस खबर को संज्ञान में लिया गया। इसी का नतीजा रहा कि मुख्यमंत्री ने इटावा की एकमात्र सूत मिल चालू कराने का भरोसा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने जिले में बंद पड़ी दुग्ध डेयरी को भी चालू कराने की बात कही है। मुख्यमंत्री के इस भरोसे के बाद सूत मिल के कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी दिखी, लेकिन उन्हें इस बात भी भय बना रहा कि कहीं यह भरोसा अधर में न लटक जाए। यहां के कर्मचारी नरेश चौधरी बताते हैं कि वर्ष 2007 में मुलायम सिंह ने भी सरकार बनने के बाद मिल चालू कराने का भरोसा दिया था। बेरोजगार कर्मचारी एक बार फिर मुलायम सिंह से मिलकर अपनी मांग रखेंगे।
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इटावा। इटावा में करीब 20 साल से बंद पड़ी एक मात्र सूत मिल चालू कराने के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भरोसे के बाद जिले में रोजगार की संभावना एक बार फिर पैदा हो गई है। अखिलेश सरकार की ओर से दिया गया यह भरोसा यदि वाकई में साकार होता है तो सूत मिल के बेरोजगार कर्मचारियों के अलावा हजारों की संख्या में बुनकरों की रोजी-रोटी चल पड़ेगी। सैफई में विकास कार्यों का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों के सूत मिल चालू कराने के सवाल पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें भरोसा दिया है। उसके बाद से सूत मिल परिसर में रह रहे कर्मचारियों के चेहरे पर रौनक देखने को मिल रही है।
बीते दो सप्ताह पहले यूपी कोआपरेटिव स्पिनिंग मिल्स के महाप्रबंधक की ओर से मिल परिसर की कालोनी में रह रहे मजदूर कर्मचारियों को घर खाली करने का नोटिस भेजा गया था। घर के बेदखल करने के इस नोटिस के बाद यहां रह रहे परिवारों में खलबली मच गई थी। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। शासन स्तर पर भी अमर उजाला की इस खबर को संज्ञान में लिया गया। इसी का नतीजा रहा कि मुख्यमंत्री ने इटावा की एकमात्र सूत मिल चालू कराने का भरोसा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने जिले में बंद पड़ी दुग्ध डेयरी को भी चालू कराने की बात कही है। मुख्यमंत्री के इस भरोसे के बाद सूत मिल के कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी दिखी, लेकिन उन्हें इस बात भी भय बना रहा कि कहीं यह भरोसा अधर में न लटक जाए। यहां के कर्मचारी नरेश चौधरी बताते हैं कि वर्ष 2007 में मुलायम सिंह ने भी सरकार बनने के बाद मिल चालू कराने का भरोसा दिया था। बेरोजगार कर्मचारी एक बार फिर मुलायम सिंह से मिलकर अपनी मांग रखेंगे।
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