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खुदाई से सैकड़ों फोन ठप

Thu, 11 Dec 2014 05:30 AM IST
Etawah
Etawah Updated Thu, 11 Dec 2014 05:30 AM IST
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इटावा। पानी की पाइप लाइन बिछाने के लिए हो रही खुदाई से सैकड़ों लैंडलाइन टेलीफोन ठप पड़ गए हैं। कुछ ठेकेदार रात के अंधेरे में जेसीबी चलवा रहे हैं, जिससे न केवल बीएसएनएल की केबिल क्षतिग्रस्त हो रही है, पानी के घरेलू कनेक्शन भी टूट रहे हैं। दूर संचार विभाग के अधिकारी इसके लिए सीधे तौर पर जल निगम के अधिकारियों व ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि बिना सूचना दिए जेसीबी मशीन से खुदाई शुरू करा दी जाती है, जिससे टेलीफोन लाइनें कट रही हैं।
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पेयजल सप्लाई के लिए पाइप लाइन बिछाने के काम ने बीएसएनएल उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत पैदा कर दी है। कुछ ठेकेदार सड़कों की खुदाई में लापरवाही बरत रहे हैं। सड़कों की खुदाई ड्रिल मशीन और लेबर की बजाय जेसीबी से करा रहे हैं। रात के वक्त खुदाई होती है। लिहाजा सुबह होने पर ही पता चलता है कि किसी का पानी का कनेक्शन टूट गया और किसी की टेलीफोन लाइन कट गई। कुछ दिन से पुराना बस स्टैंड और नेविल रोड पर रात में जेसीबी से खुदाई हो रही है। मंगलवार की रात करीब 10 बजे सैकड़ों बीएसएनएल के बेसिक टेलीफोन नंबर डेड हो गए। लोगों ने लैंडलाइन नंबरों पर ब्रॉडबैंड की सुविधा ले रखी है। इनमें लोकवाणी केंद्र भी शामिल हैं। पुराने बस स्टैंड के निकट टेलीफोन लाइन कट जाने से करीब 250 नंबर ठप हो गए। सुबह होने पर पता चला कि यहां सौ और 400 पेयर की केबिल कट गई है। जेसीबी ने इन दोनों केबिल को करीब 10 मीटर के दायरे में कई जगह क्षतिग्रस्त कर दिया। यहीं नहीं जेसीबी चलाने वालों ने रात में ही पाइपलाइन बिछाने के बाद खुदाई की जगह भराव भी कर दिया। मौके पर पहुंचे बीएसएनएल के एसडीओ धर्मेंद्र अवस्थी और उनकी लाइनमैन टीम को फाल्ट ढूंढने में मशक्कत करनी पड़ी।
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श्री अवस्थी के मुताबिक यदि विभाग को पूर्व में सूचित कर दिया जाए तो खुदाई के समय कर्मचारी मौजूद रहते। लेकिन ऐसा किया नहीं जाता। लाइनमैन गुरुप्रसाद का कहना रहा कि जेसीबी से आएदिन लाइनें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। जेसीबी की खुदाई से कई घरों के पानी कनेक्शन भी क्षतिग्रस्त हो गए। लोगों का कहना है कि वह अब काम नहीं होने देंगे। लोगों ने बताया कि रामगंज चौराहे आदि अन्य स्थानों पर सड़क की खुदाई ड्रिल मशीन से की जा रही है। उसके बाद लेबरों के जरिए मिट्टी निकलवाई जा रही है। शहर के अंदर जेसीबी से काम होना ही नहीं चाहिए।
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समस्या से निदान के लिए डीएम को अवगत कराएंगे। हालांकि समय समय पर अवगत कराया जाता रहा है। लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते। जेसीबी से टेलीफोन केबिल काट दी जाती हैं। विभाग को जुड़वाना पड़ता है। उपभोक्ता बेवजह परेशान होते हैं।-मनमोहन भास्कर, जिला प्रबंधक, बीएसएनएल इटावा

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ठेकेदारों से साफ तौर पर कह दिया है कि जेसीबी से खुदाई कतई न करें। डामर हटाने के लिए ड्रिल मशीन का और मिट्टी हटाने के लिए लेबर का इस्तेमाल करें।-वीपी सिंह, एक्सईएन, जल निगम निर्माण इकाई, इटावा
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