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करोड़ों खर्च फिर भी गंदगी के ढेर

Thu, 19 Jun 2014 05:31 AM IST
Etawah
Etawah Updated Thu, 19 Jun 2014 05:31 AM IST
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इटावा। शहरवासियों को जानकर हैरानी होगी कि शहर के सभी मोहल्लों में कचरा उठाने के लिए नगर पालिका प्रशासन प्रति माह एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च करता है। 8 लाख रुपये तो सिर्फ वाहनों के डीजल पर ही खर्च कर दिए जाते हैं। इसके अलावा बड़ा हिस्सा सफाई कर्मचारियों की तनख्वाह या मानदेय में दे दिया जाता है। बावजूद इसके शहर की सड़कों पर गंदगी के ढेर लगे हैं। वीआईपी मोहल्ले तक सफाई को मोहताज हैं। असलियत का प्रमाण इससे बड़ा क्या होगा कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की कोठी के पीछे और आसपास की गलियों में सफाई नहीं होती। स्कूलों और पूजा स्थलों के आसपास गंदगी का अंबार जमा है।
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शहर के सभी 36 वार्डों में सफाई व्यवस्था के लिए 633 सफाईकर्मी कार्य कर रहे हैं। इनमें से 162 तो परमानेंट हैं।133 को संविदा पर रखा गया है। 336 ठेका पर काम कर रहे हैं। यानि एक वार्ड के लिए 17 सफाईकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा नगर पालिका के सफाई बेड़े में सात ट्रैक्टर, पांच ट्रक, पांच लोडर, एक डंपर प्लेसर और एक जेसीबी मशीन भी शामिल है। सफाई व्यवस्था की देखरेख के लिए 29 सफाईनायक काम कर रहे हैं। सफाई वाहनों के डीजल पर प्रति माह 8 लाख से अधिक रुपये खर्च हो रहे हैं। यदि ईमानदारी से सफाई कार्य पर ध्यान दिया जाए तो शहर को आदर्श बनाया जा सकता है। हकीकत में आधे से अधिक सफाईकर्मी गायब रहते हैं। कई तो अधिकारियों और नेताओं की कोठी में काम रहे हैं। कई सफाईकर्मी तो इतने पावरफुल हैं उन्हें बिना काम करे वेतन मिलता है। मजाल है जो कोई इन पर कार्रवाई कर सके।
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वीआईपी मोहल्लों का हाल बेहाल है तो बस्तियों में सफाई की कल्पना ही नहीं की जा सकती। कई मोहल्लों में तो दो-दो दिन तक झाड़ू नहीं लगती है। कचरे के ढेरों पर सुअर और आवारा जानवर गंदगी फैलाते रहते हैं। स्टेशन रोड पर जीआईसी गेट के सामने कचरे का ढेर लगा रहता है। दो-दो दिन तक कचरा नहीं उठाया जाता। इसी तरह एसडी फील्ड में थियोसोफीकल इंटर कालेज के सामने, नया बस स्टैंड के सामने नाले के कि नारे कचरे का ढेर लगा रहता है। क्षेत्राधिकारी पुलिस कार्यालय के सामने भी कचरे का ढेर दिन में दो-दो बजे तक बना रहता है। सफाई पर प्रतिमाह एक करोड़ से अधिक की राशि खर्च करने के बाद ये आलम है। इसके बाद भी लोगों को गंदगी के बीच जिंदगी गुजारनी पड़ रही है। स्थानीय लोग शिकायत करते हैं तो उन पर ध्यान नहीं दिया जाता है।
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अब फैलेगी बीमारी
गर्मी के साथ बरसात ने भी दस्तक दे दी है। शहर में जगह जगह लगे गंदगी के ढेर बदबू फैलाने लगे हैं। इन ढेरों के पास से गुजरना भी मुश्किल हो रहा है। नाले के किनारे बसी बस्तियाें का तो बुरा हाल है। गंदगी के कारण संक्रामक रोगों के पीड़ित अस्पतालों पहुंचने लगे हैं। बरसात में स्थिति और भी खराब होने वाली है।

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शहर की सफाई व्यवस्था पर प्रति माह एक करोड़ का खर्चा आ रहा है। शहर की सफाई पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। एकत्रित किए गए कचरे को उठाने में कभी कभी देर हो जाती है। जहां से भी शिकायत आती है उसका निबटारा किया जाता है।-जनार्दन राय, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, इटावा
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