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शहर स्कूलों की 229 में 50 बसें मिलीं अनफिट
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इटावा। शहर के निजी स्कूलों में चलने वाली 50 से अधिक बसें अनफिट हैं। 18 बसें चलाने लायक नहीं थीं, इसके बावजूद उनमें बच्चे ढोए जा रहे हैं। इन 18 बसों की फिटनेस कराने के लिए एआरटीओ ने स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किए हैं।
एआरटीओ में 374 स्कूल बसें और 450 ट्रैवल्स व यात्री बसें पंजीकृत हैं। कन्नौज हादसे के बाद शासन ने सभी की फिटनेस जांच दोबारा कराने के निर्देश दिए थे। इसके तहत स्कूल बसों के फिटनेस की जांच की गई। शहर के स्कूलों में चलने वाली 229 वाहनों की फिटनेस जांच पूरी हो चुकी है। जसवंतनगर, भरथना नगर समेत ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में संचालित 145 बसों की फिटनेस जांच होने बाकी है। अभी तक जिन बसों की जांच हुई है, उनमें 50 से अधिक बसें फिटनेस टेस्ट में फेल हो गईं। यानी इन बसों में कोई न कोई कमी निकली है। 18 बसें तो चलाने लायक ही नहीं थीं। इनमें किसी बस में ब्रेक ठीक नहीं था, तो किसी का गेयर फंस रहा था।
कोई बस बेहिसाब धुआं छोड़ रही थी तो किसी के पहिये डगमगा रहे थे। एआरटीओ ने बताया कि जिन बसों में थोड़ी बहुत कमी थी उनमें सुधार के लिए स्कूल संचालकों से कहा गया है। जिस बसों में ज्यादा गड़बड़ी थी उनके संचालकों को नोटिस जारी कर सुधार कराने को कहा गया है।
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अनफिट बसें रोक दी गई हैं या चल रही हैं इसकी जानकारी एआरटीओ नहीं दे सके। गौर करने वाली बात है जब शहरी क्षेत्र के स्कूल बसों की ये स्थिति है तो ग्रामीण क्षेत्रों की क्या होगी।
एआरटीओ में 575 बसें पंजीकृत
एआरटीओ में करीब 575 बसें पंजीकृत हैं। इसमें 450 को ट्रैवल्स परमिट और 125 को रूट परमिट हैं। एआरटीओ सौरभ कुमार ने बताया कि ट्रैवल्स परमिट की करीब 250 बसें इटावा से दिल्ली, जयपुर, इंदौर आदि के लिए चलती हैं। लगभग 163 बसें करीब अस्थायी परमिट पर चलती हैं और 37 बस संचालकों ने कई साल से फिटनेस ही नहीं कराया है। कार्यालय में पंजीकृत सभी बसों को दोबरा फिटनेेस कराने के लिए पिछले महीने नोटिस जारी किए गए थे। सभी को नोटिस मिलने के 10 दिन में फिटनेस कराना था, लेकिन अभी तक एक भी संचालक बस लेकर एआरटीओ नहीं आया है। गौरतलब है कि दस साल तक बस को दो वर्ष में और 10 वर्ष से अधिक पुरानी बसों का प्रत्येक वर्ष फिटनेस कराना अनिवार्य है।
अनफिट मिलीं स्कूल बसों को फिटनेस मानक पूरे करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। अगर मानक पूरे कराए बिना बसें चलाई तो सीज कर दी जाएंगी। ट्रैवल्स और रूट परमिट की बसों को नोटिस जारी किए गए थे, जल्द ही रिमाइंडर कराएंगे, अगर संचालकों ने बसों को फिटनेस के लिए नहीं लाए तो परमिट दर कर दिया जाएगा।
-सौरभ कुमार, एआरटीओ, इटावा
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एआरटीओ में 374 स्कूल बसें और 450 ट्रैवल्स व यात्री बसें पंजीकृत हैं। कन्नौज हादसे के बाद शासन ने सभी की फिटनेस जांच दोबारा कराने के निर्देश दिए थे। इसके तहत स्कूल बसों के फिटनेस की जांच की गई। शहर के स्कूलों में चलने वाली 229 वाहनों की फिटनेस जांच पूरी हो चुकी है। जसवंतनगर, भरथना नगर समेत ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में संचालित 145 बसों की फिटनेस जांच होने बाकी है। अभी तक जिन बसों की जांच हुई है, उनमें 50 से अधिक बसें फिटनेस टेस्ट में फेल हो गईं। यानी इन बसों में कोई न कोई कमी निकली है। 18 बसें तो चलाने लायक ही नहीं थीं। इनमें किसी बस में ब्रेक ठीक नहीं था, तो किसी का गेयर फंस रहा था।
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कोई बस बेहिसाब धुआं छोड़ रही थी तो किसी के पहिये डगमगा रहे थे। एआरटीओ ने बताया कि जिन बसों में थोड़ी बहुत कमी थी उनमें सुधार के लिए स्कूल संचालकों से कहा गया है। जिस बसों में ज्यादा गड़बड़ी थी उनके संचालकों को नोटिस जारी कर सुधार कराने को कहा गया है।
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अनफिट बसें रोक दी गई हैं या चल रही हैं इसकी जानकारी एआरटीओ नहीं दे सके। गौर करने वाली बात है जब शहरी क्षेत्र के स्कूल बसों की ये स्थिति है तो ग्रामीण क्षेत्रों की क्या होगी।
एआरटीओ में 575 बसें पंजीकृत
एआरटीओ में करीब 575 बसें पंजीकृत हैं। इसमें 450 को ट्रैवल्स परमिट और 125 को रूट परमिट हैं। एआरटीओ सौरभ कुमार ने बताया कि ट्रैवल्स परमिट की करीब 250 बसें इटावा से दिल्ली, जयपुर, इंदौर आदि के लिए चलती हैं। लगभग 163 बसें करीब अस्थायी परमिट पर चलती हैं और 37 बस संचालकों ने कई साल से फिटनेस ही नहीं कराया है। कार्यालय में पंजीकृत सभी बसों को दोबरा फिटनेेस कराने के लिए पिछले महीने नोटिस जारी किए गए थे। सभी को नोटिस मिलने के 10 दिन में फिटनेस कराना था, लेकिन अभी तक एक भी संचालक बस लेकर एआरटीओ नहीं आया है। गौरतलब है कि दस साल तक बस को दो वर्ष में और 10 वर्ष से अधिक पुरानी बसों का प्रत्येक वर्ष फिटनेस कराना अनिवार्य है।
अनफिट मिलीं स्कूल बसों को फिटनेस मानक पूरे करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। अगर मानक पूरे कराए बिना बसें चलाई तो सीज कर दी जाएंगी। ट्रैवल्स और रूट परमिट की बसों को नोटिस जारी किए गए थे, जल्द ही रिमाइंडर कराएंगे, अगर संचालकों ने बसों को फिटनेस के लिए नहीं लाए तो परमिट दर कर दिया जाएगा।
-सौरभ कुमार, एआरटीओ, इटावा