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मास्टर ट्रेनर पहले खुद सीखें, तब ढंग से सिखाएं
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विकास भवन के सभागार में शनिवार को मास्टर ट्रेनरों को ईवीएम व वीवीपैट मशीन के संचालन की जानकारी दी गई।
डीएम जेबी सिंह ने मौजूद मास्टर ट्रेनरों से कहा कि वह अच्छे से प्रशिक्षण ले लें और उसके बाद मतदान कार्मिकों को उसकी जानकारी दें। इसके लिए उन्हें वीवीपैट और ईवीएम के दोनों पार्ट बैलेट व कंट्रोल यूनिट की पूरी जानकारी होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मास्टर ट्रेनरों में कई ऐसे होंगे, जो पहले भी निर्वाचन करा चुके होंगे। उनके अनुभव का लाभ नए मतदान कार्मिक को मिलेगा।
डीएम ने कहा कि इस बार लोक सभा निर्वाचन में पहली बार वीवीपैट मशीन का प्रयोग किया जा रहा है इसलिए इस उपकरण को लेकर किसी प्रकार की शंका या जिज्ञासा हो तो उसे दूर करके ही जाएं।
उन्होंने कहा कि पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्र पर पहुंचें, उससे पहले ही शाम को वह अपनी शुरुआती तैयारियां कर लें। मतदान के दिन सुबह 6:00 बजे मॉकपोल की प्रक्रिया शुरू होगी। सुबह 6:15 बजे तक एजेंटों की उपस्थिति में मॉकपोल करके दिखाएं।
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डीएम ने बताया कि वीवीपैट मशीन ऑन करने पर डाटा संबंधी पर्चियां कटकर गिर जाएंगी। उसके बाद मॉकपोल के तहत कम से कम 50 वोट डाले जाएंगे। इस तरह शुरूआत में ही कुल 57 पर्चियां निकलेंगी।
उन पर्चियों का मिलान कंट्रोल यूनिट के रिजल्ट बटन को प्रदर्शित होने वाले उम्मीदवारों को डाले गए मतों से किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद मशीन को क्लीयर कर उसे सील कर दें और मतदान शुरू कराएं।
उन्होंने कहा कि मतदान सुबह 7:00 बजे तक शुरू हो जाना चाहिए। मतदान शुरू होने से पहले यदि कोई भी यूनिट खराब हो तो केबल उसी को बदला जाएगा। यदि मतदान के मध्य में वीवीपैट खराब हो, तो सिर्फ वीवीपैट ही बदली जाएगी। लेकिन यदि बैलेट या कंट्रोल यूनिट में कोई या दोनों खराब हों तो पूरा सेट बदला जाएगा।
इसके बाद जो नई मशीन उपलब्ध कराई जाए। उसमें भी प्रत्येक खुले उम्मीदवार के बटन पर एक-एक मत देकर दोबारा मॉकपोल किया जाए। खराब यूनिट को सील कर रखा जाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी बूथों पर मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए माइक्रोआब्जर्वर तैनात रहेंगे। जो बूथ पर रह कर अंदर की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
उन्होंने कहा वीवीपैट मशीन को लाते, ले जाते समय ट्रांसपोटेशन मोड पर अवश्य कर लें। वीवीपैट को मतदान के दौरान हाईमास्ट लाइट में कतई न रखा जाए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा अनिल कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी राम अवतार, उप जिलाधिकारी अधिकारी सदर सिद्धार्थ, जसवंतनगर सत्य प्रकाश मिश्रा, भरथना नन्द प्रकाश मौर्य, जिला विकास अधिकारी प्रमोद कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा, उप कृषि निदेशक एकेसिंह आदि मास्टर ट्रेनर मौजूद रहे।
मास्टर ट्रेनर पहले सीखें, तब सिखाएं
ईवीएम व वीवीपैट मशीन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीएम बोले
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डीएम जेबी सिंह ने मौजूद मास्टर ट्रेनरों से कहा कि वह अच्छे से प्रशिक्षण ले लें और उसके बाद मतदान कार्मिकों को उसकी जानकारी दें। इसके लिए उन्हें वीवीपैट और ईवीएम के दोनों पार्ट बैलेट व कंट्रोल यूनिट की पूरी जानकारी होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मास्टर ट्रेनरों में कई ऐसे होंगे, जो पहले भी निर्वाचन करा चुके होंगे। उनके अनुभव का लाभ नए मतदान कार्मिक को मिलेगा।
डीएम ने कहा कि इस बार लोक सभा निर्वाचन में पहली बार वीवीपैट मशीन का प्रयोग किया जा रहा है इसलिए इस उपकरण को लेकर किसी प्रकार की शंका या जिज्ञासा हो तो उसे दूर करके ही जाएं।
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उन्होंने कहा कि पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्र पर पहुंचें, उससे पहले ही शाम को वह अपनी शुरुआती तैयारियां कर लें। मतदान के दिन सुबह 6:00 बजे मॉकपोल की प्रक्रिया शुरू होगी। सुबह 6:15 बजे तक एजेंटों की उपस्थिति में मॉकपोल करके दिखाएं।
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डीएम ने बताया कि वीवीपैट मशीन ऑन करने पर डाटा संबंधी पर्चियां कटकर गिर जाएंगी। उसके बाद मॉकपोल के तहत कम से कम 50 वोट डाले जाएंगे। इस तरह शुरूआत में ही कुल 57 पर्चियां निकलेंगी।
उन पर्चियों का मिलान कंट्रोल यूनिट के रिजल्ट बटन को प्रदर्शित होने वाले उम्मीदवारों को डाले गए मतों से किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद मशीन को क्लीयर कर उसे सील कर दें और मतदान शुरू कराएं।
उन्होंने कहा कि मतदान सुबह 7:00 बजे तक शुरू हो जाना चाहिए। मतदान शुरू होने से पहले यदि कोई भी यूनिट खराब हो तो केबल उसी को बदला जाएगा। यदि मतदान के मध्य में वीवीपैट खराब हो, तो सिर्फ वीवीपैट ही बदली जाएगी। लेकिन यदि बैलेट या कंट्रोल यूनिट में कोई या दोनों खराब हों तो पूरा सेट बदला जाएगा।
इसके बाद जो नई मशीन उपलब्ध कराई जाए। उसमें भी प्रत्येक खुले उम्मीदवार के बटन पर एक-एक मत देकर दोबारा मॉकपोल किया जाए। खराब यूनिट को सील कर रखा जाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी बूथों पर मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए माइक्रोआब्जर्वर तैनात रहेंगे। जो बूथ पर रह कर अंदर की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
उन्होंने कहा वीवीपैट मशीन को लाते, ले जाते समय ट्रांसपोटेशन मोड पर अवश्य कर लें। वीवीपैट को मतदान के दौरान हाईमास्ट लाइट में कतई न रखा जाए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा अनिल कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी राम अवतार, उप जिलाधिकारी अधिकारी सदर सिद्धार्थ, जसवंतनगर सत्य प्रकाश मिश्रा, भरथना नन्द प्रकाश मौर्य, जिला विकास अधिकारी प्रमोद कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा, उप कृषि निदेशक एकेसिंह आदि मास्टर ट्रेनर मौजूद रहे।
मास्टर ट्रेनर पहले सीखें, तब सिखाएं
ईवीएम व वीवीपैट मशीन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीएम बोले