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372 ने लिए फेरे, 31 जोड़ों ने किया कुबूल

Fri, 15 Nov 2019 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Nov 2019 12:06 AM IST
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372 ne liye phere, 31 jodo ka nikah
फोटो संख्या 33: हिंदू वर कन्या ने एक दूसरे को वरमाला डालने के बाद अग्रि के सात फेरे लिए।
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फोटो संख्या 34: मुस्लिम जोड़ों को काजी ने निकाह पढ़ाया।
फोटो संख्या 35: नवदंपति ने विवाह की फोटो की शेल्फी लेकर इस क्षण को मोबाइल कैमरे में कैद किया।
फोटो संख्या 36: बैंडबाजा और शहनाई की धुन भी बजती रही।
फोटो संख्या 37: नवदंपतियों को सदर विधायक सरिता भदौरिया, भरथना विधायक सावित्री कठेरिया, जिलाधिकारी
जेबी सिंह और सीडीओ राजा गणपति आर ने आशीर्वाद दिया।
372 ने लिए फेरे, 31 जोड़ों ने किया कुबूल
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से नुमाइश पंडाल में हुईं 403 शादियां
क्रासर
विधायक सरिता भदौरिया, सावित्री कठेरिया और डीएम जेबी सिंह ने दिया नव युगलों को आशीर्वाद
अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत नुमाइश मंडप में 403 शादियां की शादियां हुईं। इसमें 372
जोड़ों ने अग्नि के सात फेरे लेकर सात वचन निभाने का वादा किया तो 31 मुस्लिम जोड़ों ने एक दूसरे को कुबूल
किया। भाजपा विधायक सरिता भदौरिया, विधायक सावित्री कठेरिया, जिलाधिकारी जेबी सिंह, सीडीओ राजा
गणपति आर ने नव दंपतियों को आशीर्वाद के साथ ही शासन की ओर से उपहार में बक्सा, बर्तन आदि दिए।
विवाह आयोजन के लिए नुमाइश पंडाल को गुब्बारों और फूलों से सजाया गया था। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के
लिए अलग-अलग ब्लॉकों में वेेदियों की व्यवस्था थी। मुस्लिम विवाह के लिए अलग ब्लॉक बनाया गया। विवाह
की रस्में शुरू होने के साथ मंडल शहनाई और बैंडबाजा की धुन से गूंज उठा।
जिला समाज कल्याण अधिकारी शिशु पाल सिंह ने बताया कि 426 जोड़ों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें 403
ही शादी करने पहुंचे। इसमें सबसे ज्यादा 218 विवाह अनुसूचित जाति के युगलों के हुए। अन्य पिछड़ा वर्ग के
111 और सामान्य वर्ग के 12 युगल सामूहिक विवाह समारोह में दंपत्य सूत्र में बंधे। 31 मुस्लिम युगलों ने एक
दूसरे को जीवन साथी के रूप में कुबूल किया। महेवा ब्लॉक अशोक चौबे, एडीएम ज्ञान प्रकाष श्रीवास्तव,
एसडीएम सदर सिद्धार्थ, डीडीओ दीनदयाल वर्मा, पीडी डीआरडीए उमाकांत त्रिपाठी, जिला प्रोवेषन अधिकारी
प्रशांत कुमार,डीपीआरओ आरबीसिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे। संचालन केकेडीसी के शिक्षक डा. शैलेंद्र शर्मा ने
किया।
ये युगल बने जीवन साथी
रीना तोमर संग गौरव, शिवानी संग पवन कुमार, राखी कुमार संग जितेंद्र कुमार, आरती संग योगेन्द्र,श्ष्यामा देवी संग
आदेष कुमार,विनीता संग रिंकू, सरिता संग सुनील कुमार, निशा पोरवाल संग मोहित कुमार, हेमा संग
अभिषेक,अर्चना संग बाबी, मीनू कश्यप संग संजीव कुमार, संगीता संग सोनू, सपना संग अजीत सिंह, सीमा संग
चंदन, पुष्पा संग अखिलेष, रूबी संग विश्वास, नीलम संग सोनपाल, शिवानी संग धोनी कुमार, शशि प्रभा संग
शैनी सिंह, ज्योति संग प्रदीप, रचना संग पिंटू, सोमवती संग उमेश कुमार,नेहा संग मनोज कुमार,राखी संग
सत्यपाल, शिश गौतम संग योगेश कुमार, पिंकी संग अर्जुन, कीर्ति संग महेंद्र प्रताप, सुनीता कुमारी संग राकेश कुमार
अंजू संग उमेश कुमार, अंजली संग अक्षय आनंद, चांदनी संग लोकेन्द्र, रोशनी संग जयवीर, पूनम संग शैलेन्द्र
कुमार, वंदना कुमारी संग करन सिंह, रश्मि संग आदेश कुमार, प्रिया संग शिवम कश्यप, रीना संग संदेश, सीता संग
सतानंद, हंसमुखी संग अवधेश, पूजा संग कमल किशोर, पार्वती संग विपिन कुमार और शबनम संग बदलू खान,
मुस्कान संग मुस्तकीम,अतिया संग इमरान हुसैन, शबीना संग चांद हुसैन,इनायत संग सलमान आदि ने जीवन भर
साथ चलने का वचन लिया।
विधवा और दिव्यांग के भी हुए विवाह
जिला सूचना अधिकारी ने बताया कि महेवा ब्लॉक के धर्मपुरा गांव निवासी रजनी विधवा थी। पिता रामसिंह ने
उसके पुर्नविवाह के लिए पंजीकरण कराया था। रजनी का विवाह दीपक के साथ हुआ। इसी तरह दोनों आंखों से
दिव्यांग महेवा ब्लॉक के देवरी गांव निवासी बिट्टी देवी का विवाह भी हुआ। दो और दिव्यांग जोड़े भी दांपत्य सूत्र में
बंधे।
इनसेट
सामूहिक विवाह से समाज को नई दिशा मिलती है : विधायक
सदर विधायक ने नव दंपतियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की सामूहिक विवाह योजना से
गरीब बेटियों की शादी के प्रति निश्चिंत हो गए हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना समाज से दहेज की कुप्रथा को
दूर करने में सहायक सिद्ध होगी। बिना किसी भेदभाव मंडप में हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समाज के विवाह हुए हैं।
ये अनूठी मिशाल है। भरथना विधायक सावित्री कठेरिया योजना बहुत ही अच्छी सिद्ध होगी। इससे फिलूजखर्जी पर
भी रोक लगेगी। जिलाधिकारी जेबी सिंह ने कहा कि जितने जोड़े इस मंडप के नीचे विवाह के बंधन में बंध रहे हैं
वह एक दूसरे का सम्मान करें। एक दूसरे का सम्मान करेंगे तो समाज में आपका भी सम्मान होगा।
इनसेट
बैंडबाजा और खानपान पर खर्च हुए 24 लाख
विवाह आयोजन के लिए प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जोड़े पर 51 हजार रुपये तय किए हैं। इसमें 35 हजार रुपये
आरटीजीएस के माध्यम से वधू के खाते में जाएंगे। ये धनराशि एक दो दिन में पहुंच जाएगी। प्रत्येक जोड़े को 10
हजार रुपये के बर्तन, बक्सा, साड़ी आदि उपहार में दिए गए। 6 हजार प्रति जोड़े के औसत से खानपान, साज
सज्जा, बैंडबाजा और अन्य व्यवस्था पर खर्च किए गए। कुल 403 जोड़ेे के विवाह हुए इस औसत से 2418000
ुरुपये समाज कल्याण विभाग ने गुरुवार को हुए आयोजन पर खर्च किए। इटावा जिले में कुल दो करोड़ 55 लाख
3 हजार रुपये खर्च किए गए हैं।
परिजनों से बातचीत की खबर अगली फाइल में....
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