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सड़कों पर न दिखें छुट्टा गोवंश
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इटावा। सड़कों और खेतों में विचरते छुट्टा गोवंशों की शिकायतों पर डीएम जेबी सिंह ने संज्ञान लेते हुए गुरुवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बीडीओ व ईओ की बैठक ली। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि सड़कों पर छुट्टा गोवंश नजर नहीं आने चाहिए। सीडीओ राजा गणपति आर ने कहा कि भ्रमण के दौरान सबसे अधिक भरथना व बढ़पुरा क्षेत्र में छुट्टा गोवंश देखने को मिल रहे हैं। 20 मार्च के बाद कोई छुट्टा गोवंश सड़कों पर दिखा तो संबंधित एसडीएम पर कार्रवाई होगी।
डीएम ने कहा कि जिले में छुट्टा गोवंशों की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इस पर ध्यान दिया जाए। खेत हो या सड़क, कहीं भी इधर-उधर कोई भी छुट्टा गोवंश दिखना नहीं चाहिए। जहां कहीं भी ये दिखें, उन्हें तत्काल गोशालाओं में पहुंचाया जाए। डीएम ने कहा कि गोशालाओं में गायों के लिए चारा व पानी की पर्याप्त व्यवस्था के साथ प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों को गोशाला निर्माण के लिए 2-2 लाख रुपये दिए गए थे। उन्होंने यदि अभी तक निर्माण कार्य नहीं कराया है। उनसे रकम वापस ली जाए। जिन गोशालाओं के पास 2-3 हेक्टेयर की भूमि है, उन्हें संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी गोशालाओं में बिजली कनेक्शन के साथ एलईडी लाइटें लगवाईं जाएं। इस कार्य से संबद्ध गोरक्षकों को ग्राम पंचायतों की कंटीजेंसी मद में उपलब्ध धनराशि से तत्काल भुगतान कराया जाए। उन्होंने कहा कि गोशालाओं का निर्माण ललितपुर मॉडल पर कराया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर (आईएएस) ने कहा कि भ्रमण के दौरान भरथना, बढ़पुरा क्षेत्र में अधिक संख्या में छुट्टा गोवंश सड़कों पर घूमते हुए दिखाई पड़ते हैं। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों व खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले तीन दिन में सभी छुट्टा मवेशी गोशालाओं में पहुंचाई जाएं। इसमें संबंधित अधिशासी अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाए। 20 मार्च के बाद कोई भी छुट्टा जानवर सड़कों पर इधर-उधर घूमता न पाया जाए। यदि इसके बाद कोई भी जानवर सड़कों पर मिला तो संबंधित उप जिलाधिकारी व खंड विकास अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
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इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट सत्येंद्र नाथ शुक्ला, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीके शर्मा, सभी एसडीएम, बीडीओ, नगरपालिका व नगर पंचायतों के ईओ आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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डीएम ने कहा कि जिले में छुट्टा गोवंशों की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इस पर ध्यान दिया जाए। खेत हो या सड़क, कहीं भी इधर-उधर कोई भी छुट्टा गोवंश दिखना नहीं चाहिए। जहां कहीं भी ये दिखें, उन्हें तत्काल गोशालाओं में पहुंचाया जाए। डीएम ने कहा कि गोशालाओं में गायों के लिए चारा व पानी की पर्याप्त व्यवस्था के साथ प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों को गोशाला निर्माण के लिए 2-2 लाख रुपये दिए गए थे। उन्होंने यदि अभी तक निर्माण कार्य नहीं कराया है। उनसे रकम वापस ली जाए। जिन गोशालाओं के पास 2-3 हेक्टेयर की भूमि है, उन्हें संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी गोशालाओं में बिजली कनेक्शन के साथ एलईडी लाइटें लगवाईं जाएं। इस कार्य से संबद्ध गोरक्षकों को ग्राम पंचायतों की कंटीजेंसी मद में उपलब्ध धनराशि से तत्काल भुगतान कराया जाए। उन्होंने कहा कि गोशालाओं का निर्माण ललितपुर मॉडल पर कराया जाए।
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बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर (आईएएस) ने कहा कि भ्रमण के दौरान भरथना, बढ़पुरा क्षेत्र में अधिक संख्या में छुट्टा गोवंश सड़कों पर घूमते हुए दिखाई पड़ते हैं। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों व खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले तीन दिन में सभी छुट्टा मवेशी गोशालाओं में पहुंचाई जाएं। इसमें संबंधित अधिशासी अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाए। 20 मार्च के बाद कोई भी छुट्टा जानवर सड़कों पर इधर-उधर घूमता न पाया जाए। यदि इसके बाद कोई भी जानवर सड़कों पर मिला तो संबंधित उप जिलाधिकारी व खंड विकास अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
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इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट सत्येंद्र नाथ शुक्ला, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीके शर्मा, सभी एसडीएम, बीडीओ, नगरपालिका व नगर पंचायतों के ईओ आदि अधिकारी मौजूद रहे।