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Etawah: चंबल में छोड़े गए 1110 कछुए, ढोढ़ प्रजाति के हैं सर्वाधिक कुछए, पहले अंडों को भेजते हैं सेंटर
Thu, 23 Feb 2023 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Updated Thu, 23 Feb 2023 12:07 AM IST
सार
सेंक्च्युरी क्षेत्र के रेंजर ने बताया कि चंबल नदी में करीब एक लाख कछुए हैं। इनमें कटवाह प्रजाति का कछुआ मांसाहारी व शाकाहारी दोनों होता है।
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चंबल के टापू पर बैठे कछुए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इटावा जिले में चकरनगर के चंबल सेंक्च्युरी क्षेत्र में बुधवार को 1110 कछुए नदी में छोड़े गए। इनमें साल प्रजाति के 20, कटहवा के 48, चित्रा के 73 और ढोढ़ के 969 कछुए शामिल हैं। सेंक्च्युरी क्षेत्र के रेंजर हरि किशोर शुक्ला ने बताया कि गर्मियों में चंबल नदी से कछुओं के अंडों को एकत्र करके कुकरैल सेंटर भेजा जाता है।
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वहां तापमान नियंत्रित रखते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा अंडों से कछुए हासिल किए जा सकें। इसके बाद इन्हें चंबल नदी में छोड़ दिया जाता है। पिछले साल जून में कुकरैल सेंटर की टीम इटावा से डेढ़ हजार कछुओं के अंडे लेकर गई थी। वहीं से कछुए लाकर छोड़े गए हैं।
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इस दौरान कुकरैल केंद्र के वन दरोगा मनोज कुमार, वन्य जीव रक्षक जितेंद्र कुमार मौर्य, सेंक्च्युरी प्रोजेक्ट आगरा के वन दरोगा चंद्रभान सिंह, वन जीव रक्षक महेंद्र प्रताप, रमेश कुमार आदि मौजूद रहे। चंबल नदी में करीब एक लाख कछुए हैं। इनमें कटवाह प्रजाति का कछुआ मांसाहारी व शाकाहारी दोनों होता है।
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