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तेज हवा और बारिश से फसल गिरी
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Sun, 08 Mar 2015 11:11 PM IST
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हाल ही में हुई बारिश से फसलों में हुए नुकसान का आकलन अभी हो भी नहीं पाया था कि शनिवार की रात हुई तेज हवाओं के साथ बारिश ने किसानों को एक बार फिर बर्बादी के कगार पर खड़ा कर दिया है। बारिश से जहां गेहूं, जौ की फसल खेत में बिछ गई हैं, वहीं पिछैती सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ है। इधर, उद्यान विभाग भी बारिश से आलू में भारी नुकसान मानकर चल रहा है। बता दें कि जिले में कहीं से ओलावृष्टि की खबर नहीं है।
एक सप्ताह पूर्व हुई बारिश ने रबी की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया था। इसके चलते सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी जिलाधिकारियों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में शासनादेश भी जारी हुआ था। शासनादेश के जिले में पहुंचने से पहले ही शनिवार की देर रात एक बार फिर हुई तेज बारिश ने किसानों की बर्बादी की रही बची कसर भी पूरी कर दी।
किसानों की मानें तो बारिश के साथ चली तेज हवाएं आंधी की तरह प्रतीत हो रही थीं। पूर्व में हुई बारिश के चलते खेतों में पहले से ही नमी थी। इसके बाद एक बार फिर तेज हवाओं के साथ बारिश ने गेहूं व जौ की फसल को पूरी तरह खेतों में बिछा दिया। उद्यान विभाग व किसानों के अनुसार आलू के खेत में पानी के भर जाने से आलू खराब होगा। पानी यदि जल्द सूख भी जाता है तो भी आलू की चमक खराब होगी। अर्थात दोनों ही स्थिति में आलू के खराब होने की पूरी आशंका है।
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मिरहची में शनिवार रात 10 बजे आंधी और बारिश होने से खेतों में खड़ी गेहूं, जौ, मटर और लाहा (सरसों) की फसल खेतों में गिरकर बिछ गई। किसानों के चेहरों पर उदासी छा गई। किसान महावीर सिंह शाक्य का कहना है कि शनिवार की रात हुई बारिश और आंधी से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है जो फसल खेतों में गिरकर बिछ गई है वह अब उठ नहीं पाएगी। किसान दौलतराम का कहना है कि बारिश और तेज हवा के चलने गेहूं, जौ, सरसों, मटर की फसलें खेतों में बिछ गई हैं वहीं आम के पौधों पर आने वाला फूल भी झड़ गया है।
नुकसान का आकलन किस आधार पर होगा, यह शासनादेश से पता चलेगा। शासनादेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। शनिवार की रात हुई बारिश से भारी नुकसान का अनुमान है।
- डॉ. सर्वेश कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी
तेज बारिश से आलू में भी नुकसान का अनुमान है। जिन खेतों में पानी जल्द नहीं सूखेगा उनमें आलू के अधिक खराब होने की आशंका है।
- वीके शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी
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एक सप्ताह पूर्व हुई बारिश ने रबी की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया था। इसके चलते सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी जिलाधिकारियों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में शासनादेश भी जारी हुआ था। शासनादेश के जिले में पहुंचने से पहले ही शनिवार की देर रात एक बार फिर हुई तेज बारिश ने किसानों की बर्बादी की रही बची कसर भी पूरी कर दी।
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किसानों की मानें तो बारिश के साथ चली तेज हवाएं आंधी की तरह प्रतीत हो रही थीं। पूर्व में हुई बारिश के चलते खेतों में पहले से ही नमी थी। इसके बाद एक बार फिर तेज हवाओं के साथ बारिश ने गेहूं व जौ की फसल को पूरी तरह खेतों में बिछा दिया। उद्यान विभाग व किसानों के अनुसार आलू के खेत में पानी के भर जाने से आलू खराब होगा। पानी यदि जल्द सूख भी जाता है तो भी आलू की चमक खराब होगी। अर्थात दोनों ही स्थिति में आलू के खराब होने की पूरी आशंका है।
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मिरहची में शनिवार रात 10 बजे आंधी और बारिश होने से खेतों में खड़ी गेहूं, जौ, मटर और लाहा (सरसों) की फसल खेतों में गिरकर बिछ गई। किसानों के चेहरों पर उदासी छा गई। किसान महावीर सिंह शाक्य का कहना है कि शनिवार की रात हुई बारिश और आंधी से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है जो फसल खेतों में गिरकर बिछ गई है वह अब उठ नहीं पाएगी। किसान दौलतराम का कहना है कि बारिश और तेज हवा के चलने गेहूं, जौ, सरसों, मटर की फसलें खेतों में बिछ गई हैं वहीं आम के पौधों पर आने वाला फूल भी झड़ गया है।
नुकसान का आकलन किस आधार पर होगा, यह शासनादेश से पता चलेगा। शासनादेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। शनिवार की रात हुई बारिश से भारी नुकसान का अनुमान है।
- डॉ. सर्वेश कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी
तेज बारिश से आलू में भी नुकसान का अनुमान है। जिन खेतों में पानी जल्द नहीं सूखेगा उनमें आलू के अधिक खराब होने की आशंका है।
- वीके शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी