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गेहूं किसानों को बरसात का इंतजार
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Wed, 17 Feb 2016 11:04 PM IST
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मौसम के मिजाज बुधवार को बदले-बदले नजर आए। आसमान में बादलों की आवाजाही ने बरसात की संभावनाओं को प्रबल कर दिया है। सुबह एक दो बूंदे गिरने के बाद कुछ किसानों को बारिश की चिंता सताने लगी, लेकिन जिले के अधिकांश किसान फिलहाल बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बरसात से रबी की फसलों की जहां सिंचाई बचेगी, वहीं जायद फसलों की तैयारियों को भी बल मिलेगा।
बरसात की संभावनाओं से किसानों को नुकसान कम फायदे अधिक हैं। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो प्रतिकूल मौसम से गेहूं की पैदावार पर मंडरा रहे संकट को टालने में बरसात कारगर हो सकती है। बरसात से जहां सिंचाई बचेगी, वहीं लगातार बढ़ रहा तापमान भी स्थित होगा। इससे गेहूं के पौधों में सामान्य वृद्धि होने की भी संभावना है। लगातार तापमान के बढ़ने से गेहूं की फसल के निर्धारित समय से पहले होने की आशंका जताई जा रही है। इसके चलते किसान भी बरसात का इंतजार कर रहे हैं।
मारहरा क्षेत्र के किसान दिनेश चौहान, देवेंद्र सिंह आदि की मानें तो बरसात होने से गेहूं की सिंचाई बच जाएगी। तापमान भी नीचे आ जाएगा, इससे गेहूं के पौधे में बढ़वार भी हो सकेगी। हालांकि उनका यह भी कहना है कि यदि बरसात देरी से हुई तो पिछले साल की तरह गेहूं की फसल बर्बाद हो जाएगी। आलू की पिछैती फसल के लिए बरसात वरदान साबित हो सकती है। हालांकि इस समय खोदे जा रहे आलू के लिए नुकसानदायक भी हो सकती है।
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बरसात की संभावनाओं से किसानों को नुकसान कम फायदे अधिक हैं। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो प्रतिकूल मौसम से गेहूं की पैदावार पर मंडरा रहे संकट को टालने में बरसात कारगर हो सकती है। बरसात से जहां सिंचाई बचेगी, वहीं लगातार बढ़ रहा तापमान भी स्थित होगा। इससे गेहूं के पौधों में सामान्य वृद्धि होने की भी संभावना है। लगातार तापमान के बढ़ने से गेहूं की फसल के निर्धारित समय से पहले होने की आशंका जताई जा रही है। इसके चलते किसान भी बरसात का इंतजार कर रहे हैं।
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मारहरा क्षेत्र के किसान दिनेश चौहान, देवेंद्र सिंह आदि की मानें तो बरसात होने से गेहूं की सिंचाई बच जाएगी। तापमान भी नीचे आ जाएगा, इससे गेहूं के पौधे में बढ़वार भी हो सकेगी। हालांकि उनका यह भी कहना है कि यदि बरसात देरी से हुई तो पिछले साल की तरह गेहूं की फसल बर्बाद हो जाएगी। आलू की पिछैती फसल के लिए बरसात वरदान साबित हो सकती है। हालांकि इस समय खोदे जा रहे आलू के लिए नुकसानदायक भी हो सकती है।
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