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Etah News: बातें हैं बातों का क्या...जुर्माना न कार्रवाई, सड़कों पर बसों की मनमानी
Sun, 03 Sep 2023 10:53 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 03 Sep 2023 10:53 PM IST
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एटा। बस स्टैंड के बाहर सड़क पर रोडवेज बस खड़ी करने पर कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई। बस चालकों पर जुर्माना लगा वेतन से कटौती करने की बात कही गई, लेकिन यह महज बात ही निकली, जिसका कोई असर देखने को अब तक नहीं मिला है। रोडवेज बसें लगातार सड़क पर खड़ी की जा रहीं हैं। रविवार को अवकाश के दिन भी इसी तरह की बसें खड़े होने से कई बार जाम की स्थिति रही।
दिल्ली, आगरा, कासगंज, फर्रुखाबाद, कानपुर जाने वाली बसों को अधिकांशत : बस स्टैंड के बाहर ही भरा जाता है। यात्रियों से बस भरने में 10 से 15 मिनट लगते हैं। तब तक बसें जीटी रोड और आगरा रोड पर खड़ी रहती हैं। इसके कारण आधी सड़क घिरी रहती है। आधी सड़क पर अन्य वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में कई बार अन्य बसें व भारी वाहन गुजरते समय फंस जाते हैं और जाम के हालात बन जाते हैं। खासतौर से स्कूलों में बच्चों के पहुंचने और छुट्टी के समय हालात ज्यादा बिगड़ जाते हैं। स्कूल वाहनों के गुजरते समय यहां जाम लगा रहता है।
यह समस्या नई नहीं है, रोडवेज बस चालकों की मनमानी के आगे अफसर भी असहाय नजर आते हैं। इसे लेकर पिछले सप्ताह डिपो की ओर से आदेश जारी किया गया। कहा गया था कि यदि कोई चालक बस स्टैंड से बाहर बस खड़ी करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा और जुर्माना राशि उसके वेतन से काटी जाएगी। उद्देश्य था कि बस चालकों की मनमानी पर अंकुश लगाया जाए, लेकिन चालकों की मनमानी नहीं रुकी, कार्रवाई करने वाले अफसरों के कदम जरूर रुक गए। रविवार को सुबह करीब 11 बजे रोडवेज की सात बसें पं. दीनदयाल उपाध्याय चौराहे से लेकर जिला पंचायत मार्केट तक जगह-जगह दोनों ओर खड़ी थीं। जिनमें यात्री चढ़ और उतर रहे थे। अन्य बसों का आना-जाना भी लगा हुआ था। ऐसे में वहां बार-बार जाम के हालात बन रहे थे।
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दिल्ली, आगरा, कासगंज, फर्रुखाबाद, कानपुर जाने वाली बसों को अधिकांशत : बस स्टैंड के बाहर ही भरा जाता है। यात्रियों से बस भरने में 10 से 15 मिनट लगते हैं। तब तक बसें जीटी रोड और आगरा रोड पर खड़ी रहती हैं। इसके कारण आधी सड़क घिरी रहती है। आधी सड़क पर अन्य वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में कई बार अन्य बसें व भारी वाहन गुजरते समय फंस जाते हैं और जाम के हालात बन जाते हैं। खासतौर से स्कूलों में बच्चों के पहुंचने और छुट्टी के समय हालात ज्यादा बिगड़ जाते हैं। स्कूल वाहनों के गुजरते समय यहां जाम लगा रहता है।
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यह समस्या नई नहीं है, रोडवेज बस चालकों की मनमानी के आगे अफसर भी असहाय नजर आते हैं। इसे लेकर पिछले सप्ताह डिपो की ओर से आदेश जारी किया गया। कहा गया था कि यदि कोई चालक बस स्टैंड से बाहर बस खड़ी करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा और जुर्माना राशि उसके वेतन से काटी जाएगी। उद्देश्य था कि बस चालकों की मनमानी पर अंकुश लगाया जाए, लेकिन चालकों की मनमानी नहीं रुकी, कार्रवाई करने वाले अफसरों के कदम जरूर रुक गए। रविवार को सुबह करीब 11 बजे रोडवेज की सात बसें पं. दीनदयाल उपाध्याय चौराहे से लेकर जिला पंचायत मार्केट तक जगह-जगह दोनों ओर खड़ी थीं। जिनमें यात्री चढ़ और उतर रहे थे। अन्य बसों का आना-जाना भी लगा हुआ था। ऐसे में वहां बार-बार जाम के हालात बन रहे थे।
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