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कार्य बहिष्कार से स्वास्थ्य सेवाएं ठप
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Wed, 16 Mar 2016 11:45 PM IST
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कार्य बहिष्कार से स्वास्थ्य सेवाएं ठप
- फोटो : अमर उजाला
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हड़ताल पर चल रहे स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना देकर मांगों को पूरा करने की बात कही। साथ ही कहा कि अगर मांगों को नहीं माना गया, तो सभी कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मी सीएमओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगें रखी। जिला अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि संविदा कर्मी नियमितीकरण, रिजवी कमेटी की सिफारिशों को लागू करने, समान कार्य समान वेतन, एचआर पॉलिशी लागू करने, ग्रेड पे सिस्टम, आउट सोर्सिंग के माध्यम से मानव संसाधन पर लिए जाने की नीति को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा लखनऊ में लाठीचार्ज की घटना पर भी कर्मियों में रोष है। यदि सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। मीडिया प्रभारी बृजेश यादव ने बताया कि प्रदेश स्तर पर उच्चाधिकारियों से वार्ता चल रही है। निर्देश मिलने पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इस दौरान डा. मेघेश यादव, डा. नावेद, डा. शिशिर प्रताप, अनीता यादव, डा. मीना सिंह, डा. प्रेम कुमार, डा. सामी अख्तर, डा. अमित, पूनम सक्सेना, कुंवर पाल सिंह, अरुण कुमार, अमित कुमार, आशुतोष श्रीवास्तव, मानव शर्मा, सुमित उपाध्याय, प्रेम कुमार, सुनील कुमार, अंजू, वंदना, अंकुर दीक्षित, विमल कुमार, राजीव कुमार, विश्व रतन आदि मौजूद रहे।
वर्जन
सीएमओ डॉ सत्य सिंह ने बताया कि संविदा कर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। हालांकि दोपहर में काफी कर्मचारी काम पर वापस लौट आए।
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स्वास्थ्य सेवाएं रही प्रभावित
जिले में चिकित्सकों की काफी कमी है। अधिकांश पद संविदा कर्मियों से ही भरे हुए हैं। मांगों के संबंध में कई दिन से कार्य बहिष्कार चल रहा है। बुधवार को कार्य बहिष्कार में सभी कर्मचारी शामिल होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई। जबकि मौसमी बीमारियों के चलते मरीजों की संख्या में कई गुना इजाफा हो गया है। इन दिनों बुखार, सर्दी, खांसी, मलेरिया, खसरा, चिकिन पॉक्स आदि से पीड़ित हो रहे हैं। बेहतर सेवा न मिलने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। अस्पतालों की ओपीडी और दवा और वितरण केंद्र पर लंबी-लंबी लाइन लगी हैं।
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बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मी सीएमओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगें रखी। जिला अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि संविदा कर्मी नियमितीकरण, रिजवी कमेटी की सिफारिशों को लागू करने, समान कार्य समान वेतन, एचआर पॉलिशी लागू करने, ग्रेड पे सिस्टम, आउट सोर्सिंग के माध्यम से मानव संसाधन पर लिए जाने की नीति को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा लखनऊ में लाठीचार्ज की घटना पर भी कर्मियों में रोष है। यदि सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। मीडिया प्रभारी बृजेश यादव ने बताया कि प्रदेश स्तर पर उच्चाधिकारियों से वार्ता चल रही है। निर्देश मिलने पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इस दौरान डा. मेघेश यादव, डा. नावेद, डा. शिशिर प्रताप, अनीता यादव, डा. मीना सिंह, डा. प्रेम कुमार, डा. सामी अख्तर, डा. अमित, पूनम सक्सेना, कुंवर पाल सिंह, अरुण कुमार, अमित कुमार, आशुतोष श्रीवास्तव, मानव शर्मा, सुमित उपाध्याय, प्रेम कुमार, सुनील कुमार, अंजू, वंदना, अंकुर दीक्षित, विमल कुमार, राजीव कुमार, विश्व रतन आदि मौजूद रहे।
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सीएमओ डॉ सत्य सिंह ने बताया कि संविदा कर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। हालांकि दोपहर में काफी कर्मचारी काम पर वापस लौट आए।
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स्वास्थ्य सेवाएं रही प्रभावित
जिले में चिकित्सकों की काफी कमी है। अधिकांश पद संविदा कर्मियों से ही भरे हुए हैं। मांगों के संबंध में कई दिन से कार्य बहिष्कार चल रहा है। बुधवार को कार्य बहिष्कार में सभी कर्मचारी शामिल होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई। जबकि मौसमी बीमारियों के चलते मरीजों की संख्या में कई गुना इजाफा हो गया है। इन दिनों बुखार, सर्दी, खांसी, मलेरिया, खसरा, चिकिन पॉक्स आदि से पीड़ित हो रहे हैं। बेहतर सेवा न मिलने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। अस्पतालों की ओपीडी और दवा और वितरण केंद्र पर लंबी-लंबी लाइन लगी हैं।