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दो साल दिल्ली में बेची सब्जी, विभाग ने निकाल दिया वेतन
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एटा। पंचायत राज विभाग भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में है। एक और मामला सामने आया है। इसमें विभाग ने एक सफाई कर्मचारी का दो साल का वेतन निकाल दिया। जबकि यह कर्मचारी इन दो साल जिले में ही नहीं था। दिल्ली में रहकर सब्जी बेचता था। उस समय जांच में यह तथ्य सामने भी आया, लेकिन बाद में रिपोर्ट तैयार करते समय इस तथ्य को हटाकर वेतन निकाल दिया गया।
विकासखंड सकीट की अस्थायी गोशाला पर सफाई कर्मचारी जूनिस कुमार तैनात था। इसी दौरान तत्कालीन डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने 8 जून को अस्थायी गोशाला का निरीक्षण किया, जहां यह अनुपस्थित मिला। जांच में पता चला कि वह लंबे समय से दिल्ली में सब्जी बेच रहा है और उपस्थित रजिस्टर पर उसका भाई हस्ताक्षर कर देता है।
इसी दरम्यान सफाई कर्मचारी जूनिस कुमार का साल 2014 और 15 का वेतन भी फर्जी पेरोल बनाकर विभाग के लिपिक और तत्कालीन डीपीआरओ सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने साल 2017 में निकाल दिया। उस दौरान लिपिक शिवराम विभाग में तैनात थे जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यह मामला हाल ही में तत्कालीन डीपीआरओ आलोक कुमार द्वारा कर्मचारियों की बहाली और स्थानांतरण की जांच के दौरान पता लगा है।
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विकासखंड सकीट की अस्थायी गोशाला पर सफाई कर्मचारी जूनिस कुमार तैनात था। इसी दौरान तत्कालीन डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने 8 जून को अस्थायी गोशाला का निरीक्षण किया, जहां यह अनुपस्थित मिला। जांच में पता चला कि वह लंबे समय से दिल्ली में सब्जी बेच रहा है और उपस्थित रजिस्टर पर उसका भाई हस्ताक्षर कर देता है।
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इसी दरम्यान सफाई कर्मचारी जूनिस कुमार का साल 2014 और 15 का वेतन भी फर्जी पेरोल बनाकर विभाग के लिपिक और तत्कालीन डीपीआरओ सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने साल 2017 में निकाल दिया। उस दौरान लिपिक शिवराम विभाग में तैनात थे जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यह मामला हाल ही में तत्कालीन डीपीआरओ आलोक कुमार द्वारा कर्मचारियों की बहाली और स्थानांतरण की जांच के दौरान पता लगा है।
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