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नहर कटने से चार गांवों में भरा पानी, 2000 बीघा फसल डूबी
सार
अलीगंज तहसील क्षेत्र में नहर कटने से सोमवार रात चार गांव विजयपुर, बिल्सड़ पुवायां, लालपुर और गढ़िया जगन्नाथ में पानी भर गया।किसानों का काफी नुकसान हुआ है, उनको मुआवजा दिलाया जाएगा।कुछ दिनों से नहर में पानी खतरे के निशान से ऊपर चल रहा था।जिसकी वजह से नहर ओवरफ्लो होकर रात 1 बजे कट गई।
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विस्तार
राजा का रामपुर। अलीगंज तहसील क्षेत्र में नहर कटने से सोमवार रात चार गांव विजयपुर, बिल्सड़ पुवायां, लालपुर और गढ़िया जगन्नाथ में पानी भर गया। 200 से ज्यादा किसानों की करीब दो हजार बीघा फसल डूब गई है। इससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। सुबह प्रशासन और सिंचाई विभाग को जानकारी दी गई। जिस पर कर्मचारियों को जेसीबी के साथ भेजकर मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया, लेकिन पानी लगातार गांवों के अंदर घुसता जा रहा है, नुकसान और बढ़ने की आशंका है।
गांव विजयपुर पुल के पास बिल्सड़ पुवायां की तरफ रात करीब 1 बजे यह कटान हुआ। इससे किसानों की बाजरा, सरसों, मक्का, आलू, तिल, धान, गन्ना, तंबाकू आदि फसलें जलमग्न हो गईं। किसानों ने तंबाकू, आलू और सरसों की फसल को कुछ दिनों पहले ही बोया था। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दिनों अतिवृष्टि के चलते बाजरा और धान की फसल खराब हो चुकी थीं, लेकिन जो बची हुई फसल थी वो अब कटान के बाद खेतों में पानी भरने से खराब हो गई है।
ग्राम विजयपुर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। हर संभव मदद का भरोसा दिया। कहा कि सिंचाई विभाग की नहर की जिम्मेदारी होती है और इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। किसानों का काफी नुकसान हुआ है, उनको मुआवजा दिलाया जाएगा।
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कुछ दिनों से नहर में पानी खतरे के निशान से ऊपर चल रहा था। जिसकी वजह से नहर ओवरफ्लो होकर रात 1 बजे कट गई। जानकारी होने पर ग्रामीण एकत्रित होकर पहुंचे और कटान बंद करने का प्रयास शुरू किया, लेकिन वहां अचानक सांप दिखाई दिया, जिसे देखकर ग्रामीण भाग गए।
खेतों में इतना ज्यादा पानी भर गया है कि अब इसका आसानी से निकलना और खेत सूखना संभव नजर नहीं आ रहा। ऐसे में फसलों के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। अपनी मेहनत और लागत बचाने के लिए किसानों ने मंगलवार सुबह से ही कच्ची फसल को काटना शुरू कर दिया। जिससे कुछ तो बच सके। लालपुर के किशनलाल ने बताया कि तीन बीघा बाजरा की फसल की थी, लेकिन खेत में पानी आने के चलते कच्ची फसल को काटना पड़ रहा है। जिसकी वजह से काफी परेशानी हो रही है। यहीं के मोहर सिंह का कहना है कि सोमवार रात करीब 1 बजे से लगातार खेतों में पानी चल रहा है। जिसकी वजह से सारी फसल समाप्त हो गई है। चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है।
किसान बर्बाद हो गया है, उसकी मेहनत और लागत दोनों ही समाप्त हो गई है। सरकार की ओर से किसानों को मुआवजा देना चाहिए। - सुनील पाराशर, सुनील पाराशर, संगठन मंत्री भाकियू (स्वराज)
चार गांव की 2000 बीघा से ज्यादा फसल बर्बाद हो चुकी है। यदि समय रहते पानी बंद नहीं हुआ तो और ज्यादा किसान प्रभावित होंगे। इस समय करीब 200 किसान बर्बाद हो चुके हैं। - संतोष मिश्रा, प्रधान बिल्सड़ पुवायां
यह हिस्सा फर्रुखाबाद सिंचाई खंड के अंतर्गत आता है। जैसे ही अलीगंज क्षेत्र में नहर कटने की सूचना मिली, इसकी जानकारी फर्रुखाबाद पहुंचा दी गई है। मौके पर मरम्मत कार्य भी शुरू करा दिया गया है। - तुषार राजन, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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गांव विजयपुर पुल के पास बिल्सड़ पुवायां की तरफ रात करीब 1 बजे यह कटान हुआ। इससे किसानों की बाजरा, सरसों, मक्का, आलू, तिल, धान, गन्ना, तंबाकू आदि फसलें जलमग्न हो गईं। किसानों ने तंबाकू, आलू और सरसों की फसल को कुछ दिनों पहले ही बोया था। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दिनों अतिवृष्टि के चलते बाजरा और धान की फसल खराब हो चुकी थीं, लेकिन जो बची हुई फसल थी वो अब कटान के बाद खेतों में पानी भरने से खराब हो गई है।
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ग्राम विजयपुर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। हर संभव मदद का भरोसा दिया। कहा कि सिंचाई विभाग की नहर की जिम्मेदारी होती है और इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। किसानों का काफी नुकसान हुआ है, उनको मुआवजा दिलाया जाएगा।
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कुछ दिनों से नहर में पानी खतरे के निशान से ऊपर चल रहा था। जिसकी वजह से नहर ओवरफ्लो होकर रात 1 बजे कट गई। जानकारी होने पर ग्रामीण एकत्रित होकर पहुंचे और कटान बंद करने का प्रयास शुरू किया, लेकिन वहां अचानक सांप दिखाई दिया, जिसे देखकर ग्रामीण भाग गए।
खेतों में इतना ज्यादा पानी भर गया है कि अब इसका आसानी से निकलना और खेत सूखना संभव नजर नहीं आ रहा। ऐसे में फसलों के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। अपनी मेहनत और लागत बचाने के लिए किसानों ने मंगलवार सुबह से ही कच्ची फसल को काटना शुरू कर दिया। जिससे कुछ तो बच सके। लालपुर के किशनलाल ने बताया कि तीन बीघा बाजरा की फसल की थी, लेकिन खेत में पानी आने के चलते कच्ची फसल को काटना पड़ रहा है। जिसकी वजह से काफी परेशानी हो रही है। यहीं के मोहर सिंह का कहना है कि सोमवार रात करीब 1 बजे से लगातार खेतों में पानी चल रहा है। जिसकी वजह से सारी फसल समाप्त हो गई है। चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है।
किसान बर्बाद हो गया है, उसकी मेहनत और लागत दोनों ही समाप्त हो गई है। सरकार की ओर से किसानों को मुआवजा देना चाहिए। - सुनील पाराशर, सुनील पाराशर, संगठन मंत्री भाकियू (स्वराज)
चार गांव की 2000 बीघा से ज्यादा फसल बर्बाद हो चुकी है। यदि समय रहते पानी बंद नहीं हुआ तो और ज्यादा किसान प्रभावित होंगे। इस समय करीब 200 किसान बर्बाद हो चुके हैं। - संतोष मिश्रा, प्रधान बिल्सड़ पुवायां
यह हिस्सा फर्रुखाबाद सिंचाई खंड के अंतर्गत आता है। जैसे ही अलीगंज क्षेत्र में नहर कटने की सूचना मिली, इसकी जानकारी फर्रुखाबाद पहुंचा दी गई है। मौके पर मरम्मत कार्य भी शुरू करा दिया गया है। - तुषार राजन, एक्सईएन, सिंचाई विभाग