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डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर से बहाल कर दिए दो सफाई कर्मी
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एटा। जिला पंचायती राज विभाग में गड़बड़ी का एक और मामला सामने आया है। यहां पर तैनात बाबू ने फर्जी पत्र बनाया और डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर कर दो सफाई कर्मचारियों को बहाल करा लिया। यहां तक सफाई कर्मचारियों की नवीन ग्राम पंचायत में तैनाती भी दे दी गई। जबकि इन दोनों कर्मचारियों की जांच चल रही थी।
जिला पंचायती राज विभाग में तैनात अधिष्ठान लिपिक सुनीता सिंह ने विकासखंड जैथरा के दो सफाई कर्मचारियों को तत्कालीन डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर कर बहाल करा लिया। ग्राम पंचायत गैंसिगपुर में तैनात सफाई कर्मचारी राजेंद्र सिंह को 9 जून को मनमाने तरीके से काम करने और उच्चाधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में निलंबित किया गया था। वहीं फर्जी हस्ताक्षर कर वेतन आहरित करने का आरोप भी लगाया गया था जिसकी जांच की जा रही थी।
वहीं जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत भाऊपुरा में तैनात सफाई कर्मचारी मुनीश्वर दयाल को तीन जून को निलंबित किया गया था। इसकी भी विभागीय जांच की जा रही थी। इन दोनों सफाई कर्मचारियों की जांच आख्या विभाग में 30 जून को प्रस्तुत की गई। लेकिन विभाग में तैनात बाबू ने जांच आख्या आने से पहले ही 24 जून को कर्मचारियों को बहाल कर नवीन ग्राम पंचायत में तैनाती दे दी।
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सफाई कर्मचारी राजेंद्र सिंह को ग्राम पंचायत तोसइया और मुनीश्वर दयाल को ग्राम पंचायत बादूपुरा में तैनाती दे दी गई। जबकि 30 जून तक जिले में तैनात रहे डीपीआरओ मनोज त्यागी ने दूरभाष पर की गई बातचीत में बताया कि निलंबित सफाई कर्मियों को बहाल करने का कोई आदेश जारी नहीं किया। यह फर्जी है, इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाएंगे।
जिला पंचायती राज विभाग में दो सफाई कर्मचारियों की बहाली फर्जी हस्ताक्षर से की गई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर संबंधित बाबू पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. अवधेश कुमार बाजपेयी, मुख्य विकास अधिकारी
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जिला पंचायती राज विभाग में तैनात अधिष्ठान लिपिक सुनीता सिंह ने विकासखंड जैथरा के दो सफाई कर्मचारियों को तत्कालीन डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर कर बहाल करा लिया। ग्राम पंचायत गैंसिगपुर में तैनात सफाई कर्मचारी राजेंद्र सिंह को 9 जून को मनमाने तरीके से काम करने और उच्चाधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में निलंबित किया गया था। वहीं फर्जी हस्ताक्षर कर वेतन आहरित करने का आरोप भी लगाया गया था जिसकी जांच की जा रही थी।
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वहीं जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत भाऊपुरा में तैनात सफाई कर्मचारी मुनीश्वर दयाल को तीन जून को निलंबित किया गया था। इसकी भी विभागीय जांच की जा रही थी। इन दोनों सफाई कर्मचारियों की जांच आख्या विभाग में 30 जून को प्रस्तुत की गई। लेकिन विभाग में तैनात बाबू ने जांच आख्या आने से पहले ही 24 जून को कर्मचारियों को बहाल कर नवीन ग्राम पंचायत में तैनाती दे दी।
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सफाई कर्मचारी राजेंद्र सिंह को ग्राम पंचायत तोसइया और मुनीश्वर दयाल को ग्राम पंचायत बादूपुरा में तैनाती दे दी गई। जबकि 30 जून तक जिले में तैनात रहे डीपीआरओ मनोज त्यागी ने दूरभाष पर की गई बातचीत में बताया कि निलंबित सफाई कर्मियों को बहाल करने का कोई आदेश जारी नहीं किया। यह फर्जी है, इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाएंगे।
जिला पंचायती राज विभाग में दो सफाई कर्मचारियों की बहाली फर्जी हस्ताक्षर से की गई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर संबंधित बाबू पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. अवधेश कुमार बाजपेयी, मुख्य विकास अधिकारी