{"_id":"69f3ad97d8ebf275fb0e6bc8","slug":"trees-uprooted-poles-toppled-by-storm-and-rain-public-life-thrown-into-chaos-etah-news-c-163-1-eta1002-149936-2026-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: तूफान और बारिश से उखड़े पेड़, पोल गिरे, जनजीवन अस्त-व्यस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: तूफान और बारिश से उखड़े पेड़, पोल गिरे, जनजीवन अस्त-व्यस्त
Fri, 01 May 2026 12:59 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 01 May 2026 12:59 AM IST
विज्ञापन
राजा का रामपुर में आए तूफान में चारों छाया धूल का गुबार। संवाद
एटा। जिले में बृहस्पतिवार शाम आए तूफान और तेज बारिश ने कहर बरपाया। कई जगह पेड़े उखड़ गए। विद्युत पोल धराशायी हो गए। इसके बाद तेज बारिश हुई। बादलों की गड़गड़ाहट से लोग सहम गए। शहर से लेकर गांवों तक बिजली सप्लाई ठप हो गई है। क्रय केंद्रों पर पड़ी गेहूं की फसल भीग गई है। किसानों को भी नुकसान हुआ है।
शाम को करीब छह बजे अचानक मौसम बदला। धूल के गुबार के साथ तूफान से अंधेरा छा गया। लोग जहां के तहां ठहर गए। इसके बाद तेज बारिश हुई। तूफान से मिरहची, मारहरा, जलेसर, अवागढ़ में कई पेड़ टूट गए। बिजली के पाेल भी गिर गए। इन दिनों अधिकांश किसान गेहूं की कटाई और मड़ाई में जुटे हुए हैं। कई किसानों ने कटाई के बाद गेहूं को खेतों में ही ढेर बनाकर रखा था वहीं भूसा भी बड़े पैमाने पर खुले में रखा था। अचानक आए तूफान ने इन ढेरों को उड़ा दिया। किसान बताते हैं कि तेज हवाओं के चलते भूसा खेतों से उड़कर नालियों, सड़कों व आसपास के खाली पड़े खेतों में फैल गया। कई किसानों का कहना है कि भूसा उड़ जाने से पशुओं के चारे की समस्या खड़ी हो जाएगी। वर्षों के अनुभव में ऐसा नुकसान कम ही देखने को मिला है।
किसानों का दर्द साफ झलक रहा था। किसान रामनरेश ने बताया कि फसल तैयार करने में दिन-रात मेहनत की जाती है लेकिन एक तेज तूफान ने सारी मेहनत बर्बाद कर दी। तूफान के साथ आई तेज हवाओं ने ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई स्थानों पर बड़े पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर जा गिरीं। कुछ जगह बिजली के खंभे धराशायी हो गए जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। धूल भरे तूफान के चलते दृश्यता बेहद कम हो गई और सड़क पर चल रहे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गांवों से लेकर कस्बों तक लोग अचानक आए इस मौसम परिवर्तन से भयभीत नजर आए। शहर और कस्बाई क्षेत्रों में तूफान के कारण बाजारों में अचानक भगदड़ मच गई। दुकानों पर रखी हल्की सामग्री उड़ने लगी जिसके चलते व्यापारी सामान को संभालते नजर आए। तेज बारिश शुरू होते ही कई लोग दुकानों की शटर गिराकर घर की ओर भागे। कुछ जगहों पर पानी भर जाने से दुकानें और रास्ते जलमग्न हो गए।
विज्ञापन
क्रय केंद्रों पर भी भीगा अनाज, पल्लेदारों ने की बचाने की कोशिश
तूफान का असर क्रय केंद्रों पर भी देखने को मिला। खुले में रखा गेहूं बारिश के चलते भीग गया। पल्लेदार और कर्मचारी अनाज ढकने का प्रयास करते रहे लेकिन तेज हवाओं ने उनकी मेहनत को नाकाम कर दिया। कई केंद्रों पर गेहूं के भीग गया।
मौसम विभाग की चेतावनी, अगले 24 घंटे भी भारी
मौसम विभाग के अनुसार हवा की रफ्तार 40–60 किमी प्रतिघंटा तक रिकॉर्ड की गई। विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे खेतों में पड़ी फसल को यथाशीघ्र सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।
विज्ञापन
शाम को करीब छह बजे अचानक मौसम बदला। धूल के गुबार के साथ तूफान से अंधेरा छा गया। लोग जहां के तहां ठहर गए। इसके बाद तेज बारिश हुई। तूफान से मिरहची, मारहरा, जलेसर, अवागढ़ में कई पेड़ टूट गए। बिजली के पाेल भी गिर गए। इन दिनों अधिकांश किसान गेहूं की कटाई और मड़ाई में जुटे हुए हैं। कई किसानों ने कटाई के बाद गेहूं को खेतों में ही ढेर बनाकर रखा था वहीं भूसा भी बड़े पैमाने पर खुले में रखा था। अचानक आए तूफान ने इन ढेरों को उड़ा दिया। किसान बताते हैं कि तेज हवाओं के चलते भूसा खेतों से उड़कर नालियों, सड़कों व आसपास के खाली पड़े खेतों में फैल गया। कई किसानों का कहना है कि भूसा उड़ जाने से पशुओं के चारे की समस्या खड़ी हो जाएगी। वर्षों के अनुभव में ऐसा नुकसान कम ही देखने को मिला है।
विज्ञापन
किसानों का दर्द साफ झलक रहा था। किसान रामनरेश ने बताया कि फसल तैयार करने में दिन-रात मेहनत की जाती है लेकिन एक तेज तूफान ने सारी मेहनत बर्बाद कर दी। तूफान के साथ आई तेज हवाओं ने ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई स्थानों पर बड़े पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर जा गिरीं। कुछ जगह बिजली के खंभे धराशायी हो गए जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। धूल भरे तूफान के चलते दृश्यता बेहद कम हो गई और सड़क पर चल रहे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गांवों से लेकर कस्बों तक लोग अचानक आए इस मौसम परिवर्तन से भयभीत नजर आए। शहर और कस्बाई क्षेत्रों में तूफान के कारण बाजारों में अचानक भगदड़ मच गई। दुकानों पर रखी हल्की सामग्री उड़ने लगी जिसके चलते व्यापारी सामान को संभालते नजर आए। तेज बारिश शुरू होते ही कई लोग दुकानों की शटर गिराकर घर की ओर भागे। कुछ जगहों पर पानी भर जाने से दुकानें और रास्ते जलमग्न हो गए।
विज्ञापन
क्रय केंद्रों पर भी भीगा अनाज, पल्लेदारों ने की बचाने की कोशिश
तूफान का असर क्रय केंद्रों पर भी देखने को मिला। खुले में रखा गेहूं बारिश के चलते भीग गया। पल्लेदार और कर्मचारी अनाज ढकने का प्रयास करते रहे लेकिन तेज हवाओं ने उनकी मेहनत को नाकाम कर दिया। कई केंद्रों पर गेहूं के भीग गया।
मौसम विभाग की चेतावनी, अगले 24 घंटे भी भारी
मौसम विभाग के अनुसार हवा की रफ्तार 40–60 किमी प्रतिघंटा तक रिकॉर्ड की गई। विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे खेतों में पड़ी फसल को यथाशीघ्र सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।

राजा का रामपुर में आए तूफान में चारों छाया धूल का गुबार। संवाद