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UP: एटा में मिला कमजोर पैर वाला बच्चा, स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट; इसलिए रखी जा रही निगरानी
Thu, 23 Jan 2025 06:28 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Thu, 23 Jan 2025 06:28 PM IST
सार
पिता डेढ़ वर्षीय बेटे को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। बताया कि पिछले काफी समय से निजी चिकित्सकों के पास इलाज करा रहे हैं, लेकिन कोई लाभ नहीं पहुंचा। इलाज में काफी रुपया भी खर्च हो चुका है।
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पोलियो
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
एटा के जैथरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव सुकटीखड़ा के एक बच्चे का पैर कमजोर है। एएफपी (एक्यूट फ्लेसिड पैरालाइसिस) के इस केस में पोलियो की भी आशंका देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निगरानी शुरू कर दी गई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बृहस्पतिवार को सुकटीखेड़ा निवासी रामनाथ यादव डेढ़ वर्षीय पुत्र सरजीत उर्फ स्वदेश को लेकर पहुंचे। इसका एक पैर कमजोर था। रामनाथ ने बताया कि बच्चे का इलाज निजी चिकित्सक से पिछले चार महीने से चल रहा है। कोई लाभ नहीं मिला तो जनपद कासगंज के कस्बा पटियाली निवासी एक वैद्य ने जड़ी बूटियों का लेप, सिकाई आदि की। हजारों रुपया खर्च करने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ।
सीएचसी प्रभारी डॉ. राहुल चतुर्वेदी ने बताया कि लक्षण आए हुए निर्धारित से अधिक समय हो गया है, इसलिए अब इसका स्टूल टेस्ट नहीं कराया जाएगा। लगातार निगरानी की जाएगी। बताया कि कुल आठ तरह की बीमारियों में शरीर का कोई अंग लुंज-पुंज हो सकता है, जिसे एएफपी बोलते हैं। आठ बीमारियों में पोलियो भी शामिल है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बृहस्पतिवार को सुकटीखेड़ा निवासी रामनाथ यादव डेढ़ वर्षीय पुत्र सरजीत उर्फ स्वदेश को लेकर पहुंचे। इसका एक पैर कमजोर था। रामनाथ ने बताया कि बच्चे का इलाज निजी चिकित्सक से पिछले चार महीने से चल रहा है। कोई लाभ नहीं मिला तो जनपद कासगंज के कस्बा पटियाली निवासी एक वैद्य ने जड़ी बूटियों का लेप, सिकाई आदि की। हजारों रुपया खर्च करने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. राहुल चतुर्वेदी ने बताया कि लक्षण आए हुए निर्धारित से अधिक समय हो गया है, इसलिए अब इसका स्टूल टेस्ट नहीं कराया जाएगा। लगातार निगरानी की जाएगी। बताया कि कुल आठ तरह की बीमारियों में शरीर का कोई अंग लुंज-पुंज हो सकता है, जिसे एएफपी बोलते हैं। आठ बीमारियों में पोलियो भी शामिल है।
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