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गोद लिए गांवों के लोग ताक रहे माननीयों की राह
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Wed, 14 Jan 2015 11:56 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद क्षेत्रीय सांसदों ने अपनी लोकसभा क्षेत्र के एक-एक गांव को गोद तो ले लिया है और विकास कार्य कराए जाने के भी वादे किए, लेकिन अभी तक इन गांवों में विकास कार्यों की शुरुआत नहीं हुई है। गांव के लोग इंतजार कर रहे हैं कि कब उनका गांव आदर्श गांव बनेगा। बता दें कि एटा की जलेसर विधानसभा आगरा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जबकि अलीगंज विधानसभा फर्रुखाबाद लोकसभा क्षेत्र में आती है। एटा लोकसभा क्षेत्र में एटा, मारहरा, कासगंज, अमांपुर व पटियाली विधानसभा क्षेत्र आते हैं। क्षेत्रीय सांसद राजवीर सिंह हैं, जिन्होंने पटियाली का एक गांव गोद लिया है।
विकास के नाम पर नहीं रखी गई एक भी ईंट
फर्रुखाबाद के भाजपा सांसद मुकेश राजपूत द्वारा अलीगंज विधानसभा क्षेत्र के गांव अमरौली रतनपुर को विकास के लिए गोद तो ले लिया गया, लेकिन अभी तक विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं रखी गई है। गांव के लोग इंतजार कर रहे हैं कि कब उनके गांव का विकास होगा। गांव के लोगाें का कहना है कि सांसद ने दो माह पूर्व कहा था कि गांव वाले क्रीड़ास्थल के लिए भूमि उपलब्ध करा दें तो वह 15 लाख रुपये खर्च कर इसे बनवा देंगे। न तो अभी तक जमीन मिली है और न ही पैसा।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेश गुप्ता दावा कर रहे हैं कि गांव में पहले से ही सारी सुविधाएं हैं और अधिकतर विकास कार्य विधायक रामेश्वर सिंह यादव द्वारा कराए हैं। इनमें सीसी रोड, हैंडपंप, बिजली, स्कूल, पंचायत घर आदि शामिल हैं। गांव में जूनियर और प्राइमरी स्कूल के अलावा स्वास्थ्य व पशु चिकित्सा केंद्र भी है। वहीं, ग्रामीण बैंक की शाखा भी है।
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गांव के अवधेश वर्मा, श्यामसुंदर वर्मा और उत्तम सिंह का कहना है कि गांव में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते उन्हें परेशानी हो रही है। आज भी गांव का मुख्य मार्ग खराब पड़ा है। साथ ही अन्य समस्याएं भी हावी हैं।
वह जल्द ही गांव में रात्रि विश्राम करेंगे। गांव के लोगाें के साथ बैठक कर जो भी गांव में विकास कार्य होने हैं उन पर चर्चा कर जल्द से जल्द विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
- मुकेश राजपूत, भाजपा सांसद फर्रुखाबाद
अभी तक शुरू नहीं हुए विकास कार्य
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री व आगरा सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया द्वारा जलेसर विधानसभा क्षेत्र के गांव पिलखतरा को गोद लेने के बाद अभी तक यहां विकास कार्यों की शुरुआत नहीं कराई गई है। ग्रामीणों का जीवन स्तर उठाने के लिए 19 सूत्रीय फार्म प्रत्येक परिवार के भरवाए जा रहे हैं, ताकि उनकी समस्याओं का निराकरण कराया जा सके।
दूसरी ओर गांव में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। असुरक्षा की भावना, जर्जर तार व उपकरण, चिकित्सकों और शिक्षकाें के न आने के कारण ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्राम प्रधान प्रमोद दिवाकर ने बताया कि गांव के विकास की कार्य योजना तैयार हो चुकी है। ग्रामीण और आदर्श ग्राम समिति के सदस्य भरत शर्मा ने बताया कि पूर्व में हुई बैठक में तय हुआ था कि 26 दिसंबर से विकास कार्य प्रारंभ हो जाएंगे, लेकिन विकास कार्य प्रारंभ नहीं हुए अभी तक सर्वे ही सर्वे हो रहे हैं। पता नहीं है कि सर्वे पर ही सिमट जाएंगे या फिर विकास कार्य भी हो पाएंगे।
जितेंद्रपाल सिंह ने बताया कि अभी तक विकास कार्य न हो पाने से निराशा जरूर है, लेकिन सांसद के आश्वासन पर विश्वास है कि विकास कार्य जरूर होंगे। ग्रामीण राजीव कुमार सिंह ने कहा कि ग्राम में शिक्षकों की कमी एवं उच्च शिक्षा का साधन न होने के कारण शिक्षा का स्तर काफी कमजोर है।
पिलखतरा की मुख्य समस्याएं
- सड़क मार्ग- गांव को पहुंचने वाले चारों मार्ग कानऊ मोड़, नूहखॉस, जमालपुर गादुरी व सकरा डिग्री कॉलेज जर्जर हालत में हैं।
- राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना, इंदिरा आवास बनवाए जाएं, गांव के अंदर मार्ग सीसी कराया जाए, पेयजल समस्या, पानी की टंकी की जरूरत, जर्जर विद्युत उपकरण, खाद बीज गोदाम की स्थापना, बरातघर नहीं, खेल मैदान का अभाव, सुलभ शौचालय की जरूरत, गंदगी से मुक्ति दिलाने के लिए सफाई कर्मियों की नियुक्ति आदि समस्याएं हैं।
गांव के विकास के लिए पूरी योजना तैयार की ली गई है और जिला स्तरीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। ग्राम प्रधान और सचिव को विकास कार्यों के लिए आठ दिवसीय प्रशिक्षण के लिए लखनऊ भेजा है। अगले छह माह के अंदर गांव में विकास कार्यों की शृंखला दिखाई दे जाएगी।
- मनोज राघव, सांसद के प्रतिनिधि
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विकास के नाम पर नहीं रखी गई एक भी ईंट
फर्रुखाबाद के भाजपा सांसद मुकेश राजपूत द्वारा अलीगंज विधानसभा क्षेत्र के गांव अमरौली रतनपुर को विकास के लिए गोद तो ले लिया गया, लेकिन अभी तक विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं रखी गई है। गांव के लोग इंतजार कर रहे हैं कि कब उनके गांव का विकास होगा। गांव के लोगाें का कहना है कि सांसद ने दो माह पूर्व कहा था कि गांव वाले क्रीड़ास्थल के लिए भूमि उपलब्ध करा दें तो वह 15 लाख रुपये खर्च कर इसे बनवा देंगे। न तो अभी तक जमीन मिली है और न ही पैसा।
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ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेश गुप्ता दावा कर रहे हैं कि गांव में पहले से ही सारी सुविधाएं हैं और अधिकतर विकास कार्य विधायक रामेश्वर सिंह यादव द्वारा कराए हैं। इनमें सीसी रोड, हैंडपंप, बिजली, स्कूल, पंचायत घर आदि शामिल हैं। गांव में जूनियर और प्राइमरी स्कूल के अलावा स्वास्थ्य व पशु चिकित्सा केंद्र भी है। वहीं, ग्रामीण बैंक की शाखा भी है।
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गांव के अवधेश वर्मा, श्यामसुंदर वर्मा और उत्तम सिंह का कहना है कि गांव में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते उन्हें परेशानी हो रही है। आज भी गांव का मुख्य मार्ग खराब पड़ा है। साथ ही अन्य समस्याएं भी हावी हैं।
वह जल्द ही गांव में रात्रि विश्राम करेंगे। गांव के लोगाें के साथ बैठक कर जो भी गांव में विकास कार्य होने हैं उन पर चर्चा कर जल्द से जल्द विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
- मुकेश राजपूत, भाजपा सांसद फर्रुखाबाद
अभी तक शुरू नहीं हुए विकास कार्य
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री व आगरा सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया द्वारा जलेसर विधानसभा क्षेत्र के गांव पिलखतरा को गोद लेने के बाद अभी तक यहां विकास कार्यों की शुरुआत नहीं कराई गई है। ग्रामीणों का जीवन स्तर उठाने के लिए 19 सूत्रीय फार्म प्रत्येक परिवार के भरवाए जा रहे हैं, ताकि उनकी समस्याओं का निराकरण कराया जा सके।
दूसरी ओर गांव में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। असुरक्षा की भावना, जर्जर तार व उपकरण, चिकित्सकों और शिक्षकाें के न आने के कारण ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्राम प्रधान प्रमोद दिवाकर ने बताया कि गांव के विकास की कार्य योजना तैयार हो चुकी है। ग्रामीण और आदर्श ग्राम समिति के सदस्य भरत शर्मा ने बताया कि पूर्व में हुई बैठक में तय हुआ था कि 26 दिसंबर से विकास कार्य प्रारंभ हो जाएंगे, लेकिन विकास कार्य प्रारंभ नहीं हुए अभी तक सर्वे ही सर्वे हो रहे हैं। पता नहीं है कि सर्वे पर ही सिमट जाएंगे या फिर विकास कार्य भी हो पाएंगे।
जितेंद्रपाल सिंह ने बताया कि अभी तक विकास कार्य न हो पाने से निराशा जरूर है, लेकिन सांसद के आश्वासन पर विश्वास है कि विकास कार्य जरूर होंगे। ग्रामीण राजीव कुमार सिंह ने कहा कि ग्राम में शिक्षकों की कमी एवं उच्च शिक्षा का साधन न होने के कारण शिक्षा का स्तर काफी कमजोर है।
पिलखतरा की मुख्य समस्याएं
- सड़क मार्ग- गांव को पहुंचने वाले चारों मार्ग कानऊ मोड़, नूहखॉस, जमालपुर गादुरी व सकरा डिग्री कॉलेज जर्जर हालत में हैं।
- राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना, इंदिरा आवास बनवाए जाएं, गांव के अंदर मार्ग सीसी कराया जाए, पेयजल समस्या, पानी की टंकी की जरूरत, जर्जर विद्युत उपकरण, खाद बीज गोदाम की स्थापना, बरातघर नहीं, खेल मैदान का अभाव, सुलभ शौचालय की जरूरत, गंदगी से मुक्ति दिलाने के लिए सफाई कर्मियों की नियुक्ति आदि समस्याएं हैं।
गांव के विकास के लिए पूरी योजना तैयार की ली गई है और जिला स्तरीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। ग्राम प्रधान और सचिव को विकास कार्यों के लिए आठ दिवसीय प्रशिक्षण के लिए लखनऊ भेजा है। अगले छह माह के अंदर गांव में विकास कार्यों की शृंखला दिखाई दे जाएगी।
- मनोज राघव, सांसद के प्रतिनिधि