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सतर्कता से रोक सकते हैं तीसरी लहर
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एटा। कोरोना की तीसरी लहर ने चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों द्वारा बताया गया है कि तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक हैं। जिले में तीसरी लहर से बचाव के लिए तैयारियां व्यापक स्तर पर शुरूकर दी गईं हैं लेकिन सवाल है कि क्या इन लहर से बचा जा सकता है।
बच्चों को तीसरी लहर से बचाने के लिए सावधानी बहुत जरूरी हैं। चिकित्सकों का कहना कि छोटे बच्चों को बाहर न निकलने दें। यदि घर का कोई व्यक्ति बाहर जाए तो मास्क लगाकर जाए। अगर व्यक्ति सवाधानी बरते तो कई लहरों को रोका जा सकता है। मास्क का सही इस्तेमाल करें, सामाजिक दूरी का ध्यान रखें और बार-बार हाथ धोते रहें। टीकाकरण सहित कुछ अन्य सावधानी एवं सतर्कता को अपनाकर तीसरी लहर के खतरों को टाल सकते हैं।
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बोले चिकित्सक
हमलोग लापरवाह हो गए, मास्क, दो गज की दूरी एवं सफाई का ध्यान नहीं रखा। टीकाकरण के प्रति उदासीन रहे। वक्त की नजाकत को देखते हुए हमें अपने व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा। सुरक्षा मानकों को याद रखना होगा। टेस्टिंग, ट्रेसिंग एवं ट्रीटमेंट को जारी रखना होगा।
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डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ
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टीकाकरण एवं अन्य बेसिक चीजों को अपनाकर हम तीसरी लहर को रोक सकते हैं। स्वयं सावधान रहें। घर में प्रवेश से पहले जूता-चप्पल व कपड़े खोल दें। स्नान कर ही बच्चों के पास जाएं। बच्चों को पौष्टिक भोजन दें ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा हो। -डॉ. पीके जैन, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज
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बच्चों को तीसरी लहर से बचाने के लिए सावधानी बहुत जरूरी हैं। चिकित्सकों का कहना कि छोटे बच्चों को बाहर न निकलने दें। यदि घर का कोई व्यक्ति बाहर जाए तो मास्क लगाकर जाए। अगर व्यक्ति सवाधानी बरते तो कई लहरों को रोका जा सकता है। मास्क का सही इस्तेमाल करें, सामाजिक दूरी का ध्यान रखें और बार-बार हाथ धोते रहें। टीकाकरण सहित कुछ अन्य सावधानी एवं सतर्कता को अपनाकर तीसरी लहर के खतरों को टाल सकते हैं।
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बोले चिकित्सक
हमलोग लापरवाह हो गए, मास्क, दो गज की दूरी एवं सफाई का ध्यान नहीं रखा। टीकाकरण के प्रति उदासीन रहे। वक्त की नजाकत को देखते हुए हमें अपने व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा। सुरक्षा मानकों को याद रखना होगा। टेस्टिंग, ट्रेसिंग एवं ट्रीटमेंट को जारी रखना होगा।
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डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ
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टीकाकरण एवं अन्य बेसिक चीजों को अपनाकर हम तीसरी लहर को रोक सकते हैं। स्वयं सावधान रहें। घर में प्रवेश से पहले जूता-चप्पल व कपड़े खोल दें। स्नान कर ही बच्चों के पास जाएं। बच्चों को पौष्टिक भोजन दें ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा हो। -डॉ. पीके जैन, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज