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Etah News: 3.78 करोड़ से स्टेडियम तो तैयार, खेल के लिए इंतजार
Fri, 16 Jun 2023 11:31 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 16 Jun 2023 11:31 PM IST
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अलीगंज। अलीगंज में कायमगंज रोड पर बना अलीगढ़ मंडल का सबसे बड़ा स्टेडियम तैयार हो गया है। लेकिन आधारभूत संसाधनों के अभाव में स्टेडियम के अंदर के हालत बेहद खराब है। खिलाड़ियों को खेलने की सुविधा नहीं मिल पा रही है।खेलों के मैदान और सामान, कोच उपलब्ध न होने की वजह से अलीगंज क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ है। जिसको देखते हुए प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2015 में अलीगंज में खेल स्टेडियम बनाए जाने की स्वीकृति दी थी। स्टेडियम का निर्माण कार्य वर्ष 2015 में शुरू हुआ और मौजूदा योगी सरकार में पूरा हुआ है। पांच माह पूर्व ही प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से स्टेडियम का लोकार्पण भी कर दिया। लेकिन करोड़ों की लागत से बनकर तैयार हुए इस स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों को अब तक खेलने का मौका प्राप्त नहीं हो सका है।
स्टेडियम के बाहर क्षेत्र के खिलाड़ी मैदान बनाकर खेलते दिखाई देते हैं। दरअसल, अभी तक स्टेडियम के अंदर खेल मैदान नहीं बना है। कोच, देखरेख के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं है। सबसे बड़ी समस्या हाईटेंशन लाइन की है, जो स्टेडियम के ऊपर से गुजर रही है। जो खिलाड़ियों के लिए खतरा बन सकती है।
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जिले के अधिकारियों की घोर लापरवाही है जो करोड़ों रुपये की लागत से बना स्पोर्ट्स स्टेडियम धूल फांक रहा है। इनडोर स्टेडियम तो कबूतर खाना बन कर रह गया है।
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-महावीर प्रसाद गुप्ता, वॉलीबॉल खिलाड़ी
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अभी तक गांव के मैदानों में क्रिकेट खेला है। कई बार बाहर की टीमें बुलाकर टूर्नामेंट भी कराए। आज स्टेडियम होते हुए भी हम क्रिकेट के खिलाड़ी मजबूरी में बगैर मैदान खेलने को मजबूर हैं।
लालदो, क्रिकेट खिलाड़ी
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स्टेडियम बना है लेकिन सुविधाओं के अभाव से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को यहां नहीं निखार पा रहे। सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द स्टेडियम को सुचारू रूप से शुरू करवाया जाए।
दीक्षा, भाला फेंक खिलाड़ी
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सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए। लेकिन खिलाड़ियों को स्टेडियम का लाभ नहीं मिल रहा है। चाहे तो खिलाड़ियों से सदस्यता शुल्क लेकर खेलों को शुरू किया जाए। जिससे उनको अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिल सके।
-आशीष वर्मा, बैडमिंटन खिलाड़ी
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स्पोर्ट्स स्टेडियम बनकर तैयार हो चुका है। लेकिन इसमें खेल मैदान का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। साथ ही स्टेडियम की देखरेख और जिम्मेदारी के लिए कोई तैनाती नहीं है। मैदान के ऊपर से हाईटेंशन लाइन को हटवाने का प्रयास किया जा रहा है।
पूजा भट्ट, उप जिला क्रीड़ाधिकारी
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स्टेडियम के बाहर क्षेत्र के खिलाड़ी मैदान बनाकर खेलते दिखाई देते हैं। दरअसल, अभी तक स्टेडियम के अंदर खेल मैदान नहीं बना है। कोच, देखरेख के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं है। सबसे बड़ी समस्या हाईटेंशन लाइन की है, जो स्टेडियम के ऊपर से गुजर रही है। जो खिलाड़ियों के लिए खतरा बन सकती है।
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जिले के अधिकारियों की घोर लापरवाही है जो करोड़ों रुपये की लागत से बना स्पोर्ट्स स्टेडियम धूल फांक रहा है। इनडोर स्टेडियम तो कबूतर खाना बन कर रह गया है।
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-महावीर प्रसाद गुप्ता, वॉलीबॉल खिलाड़ी
अभी तक गांव के मैदानों में क्रिकेट खेला है। कई बार बाहर की टीमें बुलाकर टूर्नामेंट भी कराए। आज स्टेडियम होते हुए भी हम क्रिकेट के खिलाड़ी मजबूरी में बगैर मैदान खेलने को मजबूर हैं।
लालदो, क्रिकेट खिलाड़ी
स्टेडियम बना है लेकिन सुविधाओं के अभाव से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को यहां नहीं निखार पा रहे। सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द स्टेडियम को सुचारू रूप से शुरू करवाया जाए।
दीक्षा, भाला फेंक खिलाड़ी
सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए। लेकिन खिलाड़ियों को स्टेडियम का लाभ नहीं मिल रहा है। चाहे तो खिलाड़ियों से सदस्यता शुल्क लेकर खेलों को शुरू किया जाए। जिससे उनको अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिल सके।
-आशीष वर्मा, बैडमिंटन खिलाड़ी
स्पोर्ट्स स्टेडियम बनकर तैयार हो चुका है। लेकिन इसमें खेल मैदान का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। साथ ही स्टेडियम की देखरेख और जिम्मेदारी के लिए कोई तैनाती नहीं है। मैदान के ऊपर से हाईटेंशन लाइन को हटवाने का प्रयास किया जा रहा है।
पूजा भट्ट, उप जिला क्रीड़ाधिकारी