{"_id":"64dfa852d3589c7a120861a5","slug":"the-properties-of-the-municipality-continued-to-be-occupied-complaints-were-buried-etah-news-c-163-1-sagr1016-3985-2023-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: पालिका की संपत्तियों पर पहले भी होते रहे कब्जे, दब गईं शिकायतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: पालिका की संपत्तियों पर पहले भी होते रहे कब्जे, दब गईं शिकायतें
Fri, 18 Aug 2023 10:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 18 Aug 2023 10:50 PM IST
विज्ञापन
एटा। शहर के मुख्य किराना बाजार में पुरानी दुकान को मनमाने ढंग से दूसरे व्यक्ति को सौंपकर निर्माण शुरू करा दिया गया। इसके लिए नीलामी प्रक्रिया तक नहीं कराई गई। इससे पालिका को राजस्व का खामियाजा हुआ। यह पहला मौका नहीं है जब पालिका की संपत्ति पर कब्जा किया गया। इससे पहले किराना बाजार में पालिका की नौ सीढि़यों को ही तोड़कर दुकानें बना ली गईं। पालिका ने कोई कार्रवाई नहीं की, साथ ही कर्मचारियों की इसमें संलिप्तता रही थी। शिकायतें हुईं, जो दबा दी गईं। नगर की सरकार बदलने के बाद भी हालात नहीं बदल रहे हैं।
शहर के सबसे व्यस्त बाजार घंटाघर स्थित किराना बाजार में नगर पालिका ने छतों तक पहुंचने के लिए सीढि़यां (जीने) बनाईं थीं। जिन पर अतिक्रमण कर लिया गया। पिछले साल इसकी शिकायत शासन को भेजी गई थी। इसमें बताया गया कि किराना बाजार में छतों पर जाने के लिए नौ जीने बने हुए थे। अवैध रूप से धन वसूली कर इन्हें दुकानों में परिवर्तित कर दिया गया। इन जीनों की जमीन का बाजार मूल्य करीब 57 लाख रुपये है। जिसे नगर पालिका द्वारा बेच दिया गया है।
बाजार में एक भी जीना छत पर जाने के लिए नहीं बचा है। सुभाष मार्ग स्थित बांस मंडी में तीन मंजिला दुकानों का अवैध निर्माण कराकर धन उगाही करने का भी आरोप लगाया गया। इसकी जांच शासन ने प्रशासन और प्रशासन ने नगर पालिका को ही सौंप दी। जिसे दबा दिया गया और अवैध कब्जों को जायज ठहरा दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के सबसे व्यस्त बाजार घंटाघर स्थित किराना बाजार में नगर पालिका ने छतों तक पहुंचने के लिए सीढि़यां (जीने) बनाईं थीं। जिन पर अतिक्रमण कर लिया गया। पिछले साल इसकी शिकायत शासन को भेजी गई थी। इसमें बताया गया कि किराना बाजार में छतों पर जाने के लिए नौ जीने बने हुए थे। अवैध रूप से धन वसूली कर इन्हें दुकानों में परिवर्तित कर दिया गया। इन जीनों की जमीन का बाजार मूल्य करीब 57 लाख रुपये है। जिसे नगर पालिका द्वारा बेच दिया गया है।
विज्ञापन
बाजार में एक भी जीना छत पर जाने के लिए नहीं बचा है। सुभाष मार्ग स्थित बांस मंडी में तीन मंजिला दुकानों का अवैध निर्माण कराकर धन उगाही करने का भी आरोप लगाया गया। इसकी जांच शासन ने प्रशासन और प्रशासन ने नगर पालिका को ही सौंप दी। जिसे दबा दिया गया और अवैध कब्जों को जायज ठहरा दिया गया।
विज्ञापन