फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   The ponds are dry even in the scorching heat, neither the water filled nor the cleaning done

भीषण गर्मी में भी सूखे पड़े हैं तालाब, भरा गया पानी न ही कराई गई सफाई

Wed, 20 Apr 2022 07:15 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 20 Apr 2022 07:15 PM IST
विज्ञापन
The ponds are dry even in the scorching heat, neither the water filled nor the cleaning done
मारहरा ब्लॉक के गांव पिदौरा के तालाब में जलकुंभी। संवाद - फोटो : ETAH
एटा। गर्मी चरम की ओर बढ़ रही है। गांवों में पानी की विभिन्न जरूरतों के लिए बड़ा स्रोत तालाब होते हैं, लेकिन इन्हें समय रहते न तो साफ किया गया और न ही भरा गया है। अधिकांश तालाब सूखे पड़े हैं। जिसके चलते सबसे ज्यादा संकट पशुओं के लिए खड़ा हो गया है। जबकि जिला प्रशासन ने तालाबों की सफाई कर उनमें पानी भरने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके बावजूद ग्राम पंचायत स्तर पर इन निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन

पिदौरा: बरसात में ही भरता है पानी
मारहरा विकासखंड क्षेत्र के गांव पिदौरा में 10 बीघा क्षेत्रफल का तालाब है। करीब तीन बीघा पर अतिक्रमण हो गया है, जो सात बीघा बचा है, वो भी सूखा हुआ है। बरसात में ही यहां पानी नजर आता है। जिससे लोगों को काफी मदद मिलती है, लेकिन इन दिनों तालाब सूखा रहने से ग्रामीण, पशु, पक्षी परेशान हैं।
विज्ञापन

झकरई : 25 बीघा के तालाब में जलकुंभी का राज
अलीगंज विकासखंड क्षेत्र के गांव झकरई में करीब 80 साल पुराना तालाब 25 बीघा क्षेत्रफल में है। इसमें इतना पानी समा सकता है जो पूरे गांव की जरूरतें पूरी कर दे, लेकिन पानी भरना तो दूर, इसकी सफाई तक नहीं कराई गई है। पूरे तालाब में जलकुंभी का राज है। पानी का नामोनिशान नजर नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हैंडपंपों में भी कम हो गया पानी
सकीट विकासखंड क्षेत्र के मोहल्ला उरहना में तालाब में पानी भरा होता है तो हैंडपंपों में भी पानी की कमी नहीं रहती है, लेकिन करीब छह महीने से तालाब सूखा पड़ा है। ऐसे में आसपास का भूजल स्तर भी नीचे पहुंच गया है। हैंडपंपों में पानी कम आ रहा है। कुछ हैंडपंपों ने काम करना ही बंद कर दिया है।

240 तालाबों का होना है जीर्णोद्धार
पुराने तालाबों की सफाई, जलभराव के अलावा 240 तालाबों का जीर्णोद्धार भी किया जाना है। इसके लिए मनरेगा के जरिये कार्ययोजना बनाई गई है। इनमें से 120 को तो आदर्श तालाब के रूप में विकसित किया जाना है, लेकिन अभी यह निर्देश कागजों से निकलकर जमीन पर दिखना शुरू नहीं हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed