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पानी की एक-एक बूंद से होगी फसलों की सिंचाई
Amar Ujala
Updated Fri, 03 Mar 2017 12:14 AM IST
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फसल
- फोटो : अमर उजाला
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भू-जल स्तर संरक्षण के तहत अब पानी की एक-एक बूंद से फसलों की सिंचाई होगी। इसके लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सिंचाई विकास योजना को उद्यान विभाग के माध्यम से लागू किया गया है। इसमें किसानों को सिंचाई करने के तरीके भी बताए जाएंगे। योजना के तहत यंत्र लगवाने के लिए अनुदान भी मिलेगा।
भूमिगत पानी के अंधाधुंध दोहन से लगातार जलस्तर गिरता जा रहा है। पानी की सबसे ज्यादा खपत फसलों की सिंचाई में होती है। आंकड़ों के मुताबिक 70 फीसदी पानी का प्रयोग सिंचाई में होता है। सिंचाई में खर्च होने वाले पानी को बचाने के साथ पौधों के विकास में कोई बाधा न हो, इसके लिए सरकार ने प्रधानमंत्री सिंचाई विकास योजना लागू करने के निर्देश दिए हैं। जिला उद्यान अधिकारी वीके शर्मा ने बताया कि भूमिगत जल के दोहन को बचाने के लिए योजना को लागू किया जा गया है। इससे किसानों को भी फायदा होगा।
ये है योजना
प्रधानमंत्री सिंचाई विकास योजना के तहत भूमिगत पानी के दोहन को कम करना है। ड्रिप से सिंचाई को प्राथमिकता देने के लिए उपकरण इस्तेमाल किए जाएंगे। लागत अधिक होने के बावजूद बागवान व किसान इसके लिए आगे आएं हैं। सरकार ने भी अनुदान देने की व्यवस्था की है। छोटे किसानों को 65 फीसदी और बड़े किसानों को 55 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। जिले के 10 किसानों ने अब तक आवेदन किया है।
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ये आ रही है अड़चन
योजना को लेकर किसानों और बागवानों को एक अड़चन का सामना करना है। दरअसल, अब तक योजनाओं में किसान अपने प्रतिशत का हिस्सा खर्च करता था। मगर योजना के तहत किसान को पहले पूरी लागत खर्च खुद करनी है। इसके बाद अनुदान राशि उनके खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इसे लेकर किसान असमंजस में हैं।
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भूमिगत पानी के अंधाधुंध दोहन से लगातार जलस्तर गिरता जा रहा है। पानी की सबसे ज्यादा खपत फसलों की सिंचाई में होती है। आंकड़ों के मुताबिक 70 फीसदी पानी का प्रयोग सिंचाई में होता है। सिंचाई में खर्च होने वाले पानी को बचाने के साथ पौधों के विकास में कोई बाधा न हो, इसके लिए सरकार ने प्रधानमंत्री सिंचाई विकास योजना लागू करने के निर्देश दिए हैं। जिला उद्यान अधिकारी वीके शर्मा ने बताया कि भूमिगत जल के दोहन को बचाने के लिए योजना को लागू किया जा गया है। इससे किसानों को भी फायदा होगा।
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ये है योजना
प्रधानमंत्री सिंचाई विकास योजना के तहत भूमिगत पानी के दोहन को कम करना है। ड्रिप से सिंचाई को प्राथमिकता देने के लिए उपकरण इस्तेमाल किए जाएंगे। लागत अधिक होने के बावजूद बागवान व किसान इसके लिए आगे आएं हैं। सरकार ने भी अनुदान देने की व्यवस्था की है। छोटे किसानों को 65 फीसदी और बड़े किसानों को 55 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। जिले के 10 किसानों ने अब तक आवेदन किया है।
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ये आ रही है अड़चन
योजना को लेकर किसानों और बागवानों को एक अड़चन का सामना करना है। दरअसल, अब तक योजनाओं में किसान अपने प्रतिशत का हिस्सा खर्च करता था। मगर योजना के तहत किसान को पहले पूरी लागत खर्च खुद करनी है। इसके बाद अनुदान राशि उनके खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इसे लेकर किसान असमंजस में हैं।