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शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल, लगे हैं कूड़े के ढेर
Amar Ujala
Updated Wed, 15 Feb 2017 12:12 AM IST
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शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल, लगे हैं कूड़े के ढेर
- फोटो : Amar Ujala
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नगर में आगरा रोड पर स्थित है रश्मि लोक तिराहा। शहर के इस प्रमुख स्थान पर मंगलवार को कूड़े का ढेर लगा दिखा है। इसके पास ही एक नाश्ते का ठेला लगता है। कूड़े के ढेर के पास लोग दुर्गंध में नाश्ता करने को मजबूर नजर आए। आलम यह है कि कूड़े के ढेर ने फुटपाथ को घेर लिया है।
कस्बे की बदहाल सफाई व्यवस्था की यह कोई अकेली तस्वीर नहीं है। गंदगी और कूड़े का यह दृश्य शहर में निधौली रोड पर आर्य विद्यालय के सामने भी दिखा। यहां लगे कूड़े के ढेर सफाई व्यवस्था का हाल बयां करते हैं। कूड़े के ढेर के पास ही जनता दुर्गा मंदिर है। ऐसी ही गंदगी जिला अस्पताल में भी दिखी। कहा जाता है कि स्वच्छ वातावरण होगा तो तन स्वस्थ रहेगा, लेकिन शहर में जिला अस्पताल के बाहर ही कूड़े और गंदगी का आलम है। मरीज और तीमारदार को कूड़े के ढेर से उठने वाले बदबू परेशान करती है। ऐसे में मरीजों को इन्फेक्शन होने का खतरा बना रहता है। शहर के सार्वाजनिक स्थानों की तरह ही मुख इलाकों की बात छोड़िए, रिहायशी कालोनियों में भी सफाईकर्मी नहीं पहुंचते। अवागढ़ हाउस में सफाई व्यवस्था का आलम यह है कि यहां कूड़े के ढेर लगे हैं, लेकिन सफाई कर्मी नहीं आता। बता दें कि केंद्र सरकार देश के 500 शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण करा रही है। इसका भी असर एटा शहर में नहीं है। यहां सफाई की व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। नगर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। आलम यह है कि सर्वे होने के बाद भी हालात सुधर नहीं पा रहे हैं। पालिकाध्यक्ष, सभासद, अधिकारियों को गंदगी दिखती ही नहीं है।
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कस्बे की बदहाल सफाई व्यवस्था की यह कोई अकेली तस्वीर नहीं है। गंदगी और कूड़े का यह दृश्य शहर में निधौली रोड पर आर्य विद्यालय के सामने भी दिखा। यहां लगे कूड़े के ढेर सफाई व्यवस्था का हाल बयां करते हैं। कूड़े के ढेर के पास ही जनता दुर्गा मंदिर है। ऐसी ही गंदगी जिला अस्पताल में भी दिखी। कहा जाता है कि स्वच्छ वातावरण होगा तो तन स्वस्थ रहेगा, लेकिन शहर में जिला अस्पताल के बाहर ही कूड़े और गंदगी का आलम है। मरीज और तीमारदार को कूड़े के ढेर से उठने वाले बदबू परेशान करती है। ऐसे में मरीजों को इन्फेक्शन होने का खतरा बना रहता है। शहर के सार्वाजनिक स्थानों की तरह ही मुख इलाकों की बात छोड़िए, रिहायशी कालोनियों में भी सफाईकर्मी नहीं पहुंचते। अवागढ़ हाउस में सफाई व्यवस्था का आलम यह है कि यहां कूड़े के ढेर लगे हैं, लेकिन सफाई कर्मी नहीं आता। बता दें कि केंद्र सरकार देश के 500 शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण करा रही है। इसका भी असर एटा शहर में नहीं है। यहां सफाई की व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। नगर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। आलम यह है कि सर्वे होने के बाद भी हालात सुधर नहीं पा रहे हैं। पालिकाध्यक्ष, सभासद, अधिकारियों को गंदगी दिखती ही नहीं है।
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