{"_id":"68d1390022c8e7d50505afb4","slug":"the-charges-of-murdering-a-shoe-merchant-were-not-proven-in-court-etah-news-c-163-1-sagr1016-139355-2025-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: अदालत में साबित नहीं हुए जूता व्यापारी की हत्या के आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: अदालत में साबित नहीं हुए जूता व्यापारी की हत्या के आरोप
Mon, 22 Sep 2025 05:24 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 22 Sep 2025 05:24 PM IST
विज्ञापन
एटा। तत्कालीन सभासद फरजाना बेगम के पुत्र जूता व्यापारी अबरार हुसैन की हत्या के आरोप अदालत में साबित नहीं हो सके। यह घटना करीब साढ़े तीन साल पहले शहर में ही हुई थी। अपर जिला जज अशोक कुमार ने आरोपी परवेज आलम निवासी नगला पोता, अजय यादव निवासी शांति नगर कोतवाली नगर, तालिब, सादिक निवासी गांव असरौली कोतवाली देहात को दोषसिद्ध घोषित कर दिया।
मामले की रिपोर्ट जिया उल हुसैन ने दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 1 मार्च 2022 को भाई अबरार हुसैन निवासी मालगोदाम रोड अपनी बहन की शादी के कार्ड बांटने के बाद लौट रहा था। नगला पोता स्थित दरगाह के पास रात 8 बजे वह बेहोशी की हालत में मिला और उसकी बाइक पास में ही पड़ी थी। जिला अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। बाद में अरबाज ने पुलिस को बताया कि परवेज सैफी व उसके साथियों को मोटरसाइकिल पर अबरार हुसैन का पीछा करते हुए देखा गया था। परवेज सैफी ने तमंचे से अबरार को गोली मार दी।
पुलिस ने परवेज सहित चारों आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर विवेचना की और आरोपपत्र अदालत में पेश कर दिया लेकिन अदालत में ये आरोप नहीं टिक सके। कुछ गवाह मुकर गए तो कुछ ने गोली मारते हुए देखे जाने से इन्कार कर दिया। इस पर अदालत ने चारों को आरोपों से दोषमुक्त करार दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले की रिपोर्ट जिया उल हुसैन ने दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 1 मार्च 2022 को भाई अबरार हुसैन निवासी मालगोदाम रोड अपनी बहन की शादी के कार्ड बांटने के बाद लौट रहा था। नगला पोता स्थित दरगाह के पास रात 8 बजे वह बेहोशी की हालत में मिला और उसकी बाइक पास में ही पड़ी थी। जिला अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। बाद में अरबाज ने पुलिस को बताया कि परवेज सैफी व उसके साथियों को मोटरसाइकिल पर अबरार हुसैन का पीछा करते हुए देखा गया था। परवेज सैफी ने तमंचे से अबरार को गोली मार दी।
विज्ञापन
पुलिस ने परवेज सहित चारों आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर विवेचना की और आरोपपत्र अदालत में पेश कर दिया लेकिन अदालत में ये आरोप नहीं टिक सके। कुछ गवाह मुकर गए तो कुछ ने गोली मारते हुए देखे जाने से इन्कार कर दिया। इस पर अदालत ने चारों को आरोपों से दोषमुक्त करार दिया।
विज्ञापन