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Etah News: भाजपा का परंपरागत वोट बिखरने से खड़ी होगी चुनौती
Tue, 05 Mar 2024 10:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 05 Mar 2024 10:50 PM IST
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एटा। भारतीय जनता पार्टी का परंपरागत वोट बिखरने से कड़ी चुनौती खड़ी होती दिख रही है। शाक्य समाज का वोट भाजपा को जाता रहा है। इसके बल-बूते मजबूती मिलती रही है, लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी ने शाक्य प्रत्याशी को उतारा है, इससे दोनों दलों का मुकाबला कड़ा होता दिखाई दे रहा है। इस बार सपा के साथ में कांग्रेस गठबंधन भी हो गया है, ऐसे में एटा लोकसभा सीट पर दोनों ही प्रतिद्वंद्धी पार्टी कड़ी मशक्कत भी कर रहीं हैं। दोनों ही दल अपनी जीत का दावा भी कर रहे हैं।
एटा लोकसभा क्षेत्र में लोधी, यादव और शाक्य जाति का दबदबा रहा है। तीनों जातियों की संख्या अधिक होने के चलते भाजपा को लोधी और शाक्य पिछले चुनावों में मिलते रहे हैं, लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी से शाक्य प्रत्याशी आ जाने के चलते बिरादरी की ओर खिसक गया है। ऐसे में भाजपा के पास लोधी समाज के साथ ही अन्य जातियों के वोट हैंं, जबकि इस बार सपा खुद को शाक्य प्रत्याशी आने से मजबूत मानकर चल रही है। सपा का मुस्लिम (एम) और (वाई) यादव के साथ शाक्य मिलने से भाजपा के लिए काफी उठा-पटक वाली स्थिति बन गई है।
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सपा प्रत्याशी ने जीत का किया दावा
समाजवादी पार्टी ने पहली बार यादव से हटकर गैर बिरादरी का प्रत्याशी एटा लोकसभा में उतारा है। देवेश शाक्य के प्रत्याशी घोषणा होने के बाद से ही लोकसभा क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां शुरू कर दी है। वह खास कर सजातियों के बीच जाकर पैठ बनाने में जुटे हुए हैं। सपा प्रत्याशी ने वार्ता के दौरान कहा कि शाक्य वोट एकजुट हो गया है, पूरी तरह से सपा के हैं। इस बार अगड़ों-पिछड़ों का भी साथ मिल रहा है। कांग्रेस का वोट सीधे तौर पर सपा के खाते में पहुंचेगा। ऐसे में जीत दावा करने में कोई अतिश्याेक्ति नहीं है।
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एटा लोकसभा क्षेत्र में लोधी, यादव और शाक्य जाति का दबदबा रहा है। तीनों जातियों की संख्या अधिक होने के चलते भाजपा को लोधी और शाक्य पिछले चुनावों में मिलते रहे हैं, लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी से शाक्य प्रत्याशी आ जाने के चलते बिरादरी की ओर खिसक गया है। ऐसे में भाजपा के पास लोधी समाज के साथ ही अन्य जातियों के वोट हैंं, जबकि इस बार सपा खुद को शाक्य प्रत्याशी आने से मजबूत मानकर चल रही है। सपा का मुस्लिम (एम) और (वाई) यादव के साथ शाक्य मिलने से भाजपा के लिए काफी उठा-पटक वाली स्थिति बन गई है।
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सपा प्रत्याशी ने जीत का किया दावा
समाजवादी पार्टी ने पहली बार यादव से हटकर गैर बिरादरी का प्रत्याशी एटा लोकसभा में उतारा है। देवेश शाक्य के प्रत्याशी घोषणा होने के बाद से ही लोकसभा क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां शुरू कर दी है। वह खास कर सजातियों के बीच जाकर पैठ बनाने में जुटे हुए हैं। सपा प्रत्याशी ने वार्ता के दौरान कहा कि शाक्य वोट एकजुट हो गया है, पूरी तरह से सपा के हैं। इस बार अगड़ों-पिछड़ों का भी साथ मिल रहा है। कांग्रेस का वोट सीधे तौर पर सपा के खाते में पहुंचेगा। ऐसे में जीत दावा करने में कोई अतिश्याेक्ति नहीं है।
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