{"_id":"630a5415d737b7679409242b","slug":"teenager-dies-due-to-drowning-in-pond-photo-etah-news-agr5447109130","type":"story","status":"publish","title_hn":"तालाब में डूबने से किशोर की मौत: फोटो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तालाब में डूबने से किशोर की मौत: फोटो
विज्ञापन
एटा। कोतवाली देहात के गांव नगला कदम में एक 12 वर्षीय बालक शुक्रवार की शाम खेलते समय मछली पालन के तालाब में डूब गया। ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
गांव नगला कदम निवासी त्रिलोकी ने शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि उसके चाचा का 12 वर्षीय बेटा नितिन शुक्रवार को गांव के बाहर बच्चों के साथ खेल रहा था। इस दौरान किसी तरह मछली पालन के तालाब में चला गया। साथ खेल रहे बच्चों ने जानकारी गांव के लोगों को दी। गांव के लोगों ने उसे बाहर निकाला और अस्पताल लेकर आए जहां चिकित्सक ने मृत बता दिया। बताया नितिन कक्षा पांच का छात्र था।
कोतवाली देहात के प्रभारी जगदीश चंद्र ने बताया तालाब में डूबने से बच्चे की मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया है। मछली पालन का तालाब न्योराई निवासी एक व्यक्ति का है। छह माह पूर्व ही तालाब को बनाया गया था। तीन दिन पूर्व तालाब में मछली छोड़ी गईं हैं। ग्रामीणों ने बताया तालाब काफी गहरा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों में तालाब बनवाने वाले व्यक्ति के प्रति आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना था कि तालाब गहरा है ऐसे में वहां रोकथाम के लिए बाड़ लगानी चाहिए। अगर वहां बाड़ लगी होती तो शायद यह हादसा नहीं होता।
विज्ञापन
गांव नगला कदम निवासी त्रिलोकी ने शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि उसके चाचा का 12 वर्षीय बेटा नितिन शुक्रवार को गांव के बाहर बच्चों के साथ खेल रहा था। इस दौरान किसी तरह मछली पालन के तालाब में चला गया। साथ खेल रहे बच्चों ने जानकारी गांव के लोगों को दी। गांव के लोगों ने उसे बाहर निकाला और अस्पताल लेकर आए जहां चिकित्सक ने मृत बता दिया। बताया नितिन कक्षा पांच का छात्र था।
विज्ञापन
कोतवाली देहात के प्रभारी जगदीश चंद्र ने बताया तालाब में डूबने से बच्चे की मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया है। मछली पालन का तालाब न्योराई निवासी एक व्यक्ति का है। छह माह पूर्व ही तालाब को बनाया गया था। तीन दिन पूर्व तालाब में मछली छोड़ी गईं हैं। ग्रामीणों ने बताया तालाब काफी गहरा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों में तालाब बनवाने वाले व्यक्ति के प्रति आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना था कि तालाब गहरा है ऐसे में वहां रोकथाम के लिए बाड़ लगानी चाहिए। अगर वहां बाड़ लगी होती तो शायद यह हादसा नहीं होता।