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माह-ए-रमजान:देर रात तक पढ़ी गई तरावीह
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Mon, 06 Jun 2016 11:06 PM IST
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माह-ए-रमजान का चांद दिखा, पहला रोजा आज
- फोटो : अमर उजाला
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रमजान-उल-मुबारक का महीना सोमवार की शाम को चांद दिखते ही शुरू हो गया। चांद दिखने के साथ ही लोगों ने एक दूसरे को माह-ए-रमजान की मुबारकबाद दी और सहरी की तैयारी में जुट गए। रात को मस्जिदों में तरावीह शुरू हो गईं। मस्जिदों में आम दिनों की अपेक्षा कई गुना नमाजी पहुंचे। बाजारों में देर रात तक रौनक दिखी। मंगलवार को पहला रोजा होगा। वहीं कासगंज में भी तैयारियां शुरू हो गईं।
सोमवार की बाद नमाज मगरिब लोग माह-ए-रमजान का चांद का दीदार करने को मस्जिदों से लेकर घरों की छतों पर चढ़ गए। चांद का एलान होते ही मुस्लिमों में खुशी की लहर दौड़ गई। बाजार जाकर सहरी की तैयारी की। बाजारों में रोजेदारों के लिए चीजें आई हैं। देर रात तक लोग दूधफेनी और खजला खरीदते नजर आए। मस्जिदों में तरावीह शुरू हो गई। जामा मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में तैयारियां की गई हैं। सहावर, सोरों सहित जिले के सभी क्षेत्रों में रमजान की तैयारियां पूरी कर ली गई। मस्जिदों में सफाई व्यवस्था के साथ ही नमाज के लिए भी इंतजाम किए। मुस्लिम क्षेत्र कस्बा भरगैन में भी लोगों ने रोजे की तैयारी कर ली। मौलाना नफ़ीस अहमद तहसीनी ने बताया कि रमजान के रोजे मुसलमानों पर फर्ज हैं।
रोजे रखकर करें इबादत
गंजडुण्डवारा (ब्यूरो)। रमजान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लोगों ने सहरी के लिए खरीदारी की। जामा मस्जिद के पेशे इमाम हाफिज किफायतुल्ला ने कहा कि रमजान का महीना अल्लाह की इबादत के लिए होता है। हर मोमिन पर रमाजन के रोजे फर्ज किए हैं। इसलिए सभी को रोजे रखने चाहिए। मुसलमान को अल्लाह की इबादत कर गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए। हर मोमिन को इस मुकद्दस माह का बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता है। इस साल का पहला रोजा सबसे बढ़ा करीब साढ़े पंद्रह घंटे का होगा। फोटो प्रेषित है
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रिपोर्ट शिवशंकर गुप्ता
संपादन अजय झंवर
विद्युत व पेयजल आपूर्ति सुचारु की मांग
एटा। रोजेदारों ने रमजान के दौरान विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति को सुचारु रखने की मांग की है। लोगों का कहना है कि गर्मी के चलते इस बार संबंधित विभागों को खासी सावधानी बरतनी होगी।
खाद्य पदार्थ भाव रुपए/किलो
स्पेशल खजूर 80 रुपये किलो
स्पेशल मठरी 40 रुपये किलोे
खोया मठरी 60 रुपये किलो
फैनी 80 रुपये किलो
सेंवईं 50 रुपये किलो
बनारस की सेंवईं 120 रुपये किलो
मक्खन मिक्स 120 रुपये किलो
केक रस्क 40 रुपये किलो
दिल्ली के फेन 120 रुपये किलो
मरोड़ी 120 रुपये किलो
रोजेदारों को गरमी के चलते खासी सावधानी बरतनी होगी। धूप में कम से कम निकले। ठंडे में रहे। निकलते वक्त सिर, चेहरे को ढके रहें। बासी, अधिक तला भोजन, कटे फलों एवं बाजार के खाने से परहेज करें। ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन या पानी की कमी न होने पाए।
डा. आरसी पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एटा
साफ-सफाई पर रहेगा जोर
एटा। रमजान माह में रोजेदारों को कोई परेशानी न हो इसके लिए नगर पालिका प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। सफाई नायकों को पूरे शहर की सफाई व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखने को कहा है। साथ ही पेयजल प्रभारी को सुबह दोपहर शाम को पेयजल आपूर्ति एवं रोशनी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। इस दौरान धार्मिक स्थलों के इर्द गिर्द आवारा पशुओं पर भी निगरानी रखी जाएगी।
माह-ए-रमजान में पालिका प्रशासन ने सफाई, जलापूर्ति एवं स्ट्रीट लाइट की विशेष व्यवस्थाएं की हैं। संबधित प्रभारियों को प्रतिदिन निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अध्यक्ष एवं सभासद भी व्यवस्थाओं के लिए सक्रिय रहेंगे।
राकेश गांधी, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद, एटा
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सोमवार की बाद नमाज मगरिब लोग माह-ए-रमजान का चांद का दीदार करने को मस्जिदों से लेकर घरों की छतों पर चढ़ गए। चांद का एलान होते ही मुस्लिमों में खुशी की लहर दौड़ गई। बाजार जाकर सहरी की तैयारी की। बाजारों में रोजेदारों के लिए चीजें आई हैं। देर रात तक लोग दूधफेनी और खजला खरीदते नजर आए। मस्जिदों में तरावीह शुरू हो गई। जामा मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में तैयारियां की गई हैं। सहावर, सोरों सहित जिले के सभी क्षेत्रों में रमजान की तैयारियां पूरी कर ली गई। मस्जिदों में सफाई व्यवस्था के साथ ही नमाज के लिए भी इंतजाम किए। मुस्लिम क्षेत्र कस्बा भरगैन में भी लोगों ने रोजे की तैयारी कर ली। मौलाना नफ़ीस अहमद तहसीनी ने बताया कि रमजान के रोजे मुसलमानों पर फर्ज हैं।
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रोजे रखकर करें इबादत
गंजडुण्डवारा (ब्यूरो)। रमजान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लोगों ने सहरी के लिए खरीदारी की। जामा मस्जिद के पेशे इमाम हाफिज किफायतुल्ला ने कहा कि रमजान का महीना अल्लाह की इबादत के लिए होता है। हर मोमिन पर रमाजन के रोजे फर्ज किए हैं। इसलिए सभी को रोजे रखने चाहिए। मुसलमान को अल्लाह की इबादत कर गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए। हर मोमिन को इस मुकद्दस माह का बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता है। इस साल का पहला रोजा सबसे बढ़ा करीब साढ़े पंद्रह घंटे का होगा। फोटो प्रेषित है
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रिपोर्ट शिवशंकर गुप्ता
संपादन अजय झंवर
विद्युत व पेयजल आपूर्ति सुचारु की मांग
एटा। रोजेदारों ने रमजान के दौरान विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति को सुचारु रखने की मांग की है। लोगों का कहना है कि गर्मी के चलते इस बार संबंधित विभागों को खासी सावधानी बरतनी होगी।
खाद्य पदार्थ भाव रुपए/किलो
स्पेशल खजूर 80 रुपये किलो
स्पेशल मठरी 40 रुपये किलोे
खोया मठरी 60 रुपये किलो
फैनी 80 रुपये किलो
सेंवईं 50 रुपये किलो
बनारस की सेंवईं 120 रुपये किलो
मक्खन मिक्स 120 रुपये किलो
केक रस्क 40 रुपये किलो
दिल्ली के फेन 120 रुपये किलो
मरोड़ी 120 रुपये किलो
रोजेदारों को गरमी के चलते खासी सावधानी बरतनी होगी। धूप में कम से कम निकले। ठंडे में रहे। निकलते वक्त सिर, चेहरे को ढके रहें। बासी, अधिक तला भोजन, कटे फलों एवं बाजार के खाने से परहेज करें। ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन या पानी की कमी न होने पाए।
डा. आरसी पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एटा
साफ-सफाई पर रहेगा जोर
एटा। रमजान माह में रोजेदारों को कोई परेशानी न हो इसके लिए नगर पालिका प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। सफाई नायकों को पूरे शहर की सफाई व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखने को कहा है। साथ ही पेयजल प्रभारी को सुबह दोपहर शाम को पेयजल आपूर्ति एवं रोशनी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। इस दौरान धार्मिक स्थलों के इर्द गिर्द आवारा पशुओं पर भी निगरानी रखी जाएगी।
माह-ए-रमजान में पालिका प्रशासन ने सफाई, जलापूर्ति एवं स्ट्रीट लाइट की विशेष व्यवस्थाएं की हैं। संबधित प्रभारियों को प्रतिदिन निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अध्यक्ष एवं सभासद भी व्यवस्थाओं के लिए सक्रिय रहेंगे।
राकेश गांधी, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद, एटा